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सावन में दिल्ली में नहीं बिकेगा मांस, सफाई से लेकर ट्रैफिक का रखा जाएगा ध्यान: दिल्ली सरकार का ऐलान

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हिंदू कैलेंडर के पवित्र महीने सावन के दौरान श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लेकर विभिन्न मंदिरों में भगवान शिव को चढ़ाने के लिए कांवड़ यात्रा करते हैं। इस साल कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू होगी। 11 जुलाई से 23 जुलाई तक चलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान, उत्तर प्रदेश की तर्ज़ पर अब दिल्ली में भी मीट की दुकानें बंद रहेंगी। इस बात की जानकारी मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता कपिल मिश्रा ने दी।  मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा कि इनमें से ज़्यादातर मीट की दुकानें वैसे भी अवैध हैं और कानून के मुताबिक इन्हें नहीं चलना चाहिए। लेकिन कांवड़ यात्रा के दौरान इन्हें खास तौर पर बंद रखा जाएगा। 

दिल्ली में सावन की काँवड यात्रा को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। 11 जुलाई 2025 से 31 जुलाई 2025 तक होने वाली इस यात्रा के दौरान दिल्ली में मीट और मछली की सभी दुकानें बंद रहेंगी। यह फैसला दिल्ली सरकार और नगर निगम ने लिया है।

दिल्ली के संस्कृति और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी ऐसा ही कदम उठाया गया है।

सरकार काँवडियों के स्वागत के लिए भव्य द्वार बना रही है और फूलों से स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य मंत्री व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करेंगे। सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।

इस बार काँवड समितियों को पहली बार आर्थिक मदद (50 हजार से 10 लाख रुपए तक) और 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली भी मिलेगी। दिल्ली से लगभग 2.5 करोड़ काँवड यात्री गुजरते हैं, जिनके लिए स्वास्थ्य, पानी और बिजली जैसी सुविधाएँ हर शिविर में होंगी।

हालांकि, मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह प्रतिबंध केवल तीर्थयात्रा मार्ग पर पड़ने वाली मांस की दुकानों पर ही लागू होगा या नहीं। उन्होंने कहा कि इसको लेकर मांग की जरूरत नहीं है। कांवड़ यात्रा के दौरान इन्हें विशेष रूप से बंद रखा जाएगा। ये सभी अवैध दुकानें हैं और हम कांवड़ यात्रा के दौरान इन्हें संचालित करने की अनुमति नहीं दे सकते। 

पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने भी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि राज्य में कांवड़ यात्रा मार्ग पर कोई मांस न बेचा जाए। 26 जून को सरकार ने यह भी आदेश दिया कि तीर्थयात्रा मार्ग पर सभी भोजनालयों को अपने मालिकों के नाम प्रदर्शित करने होंगे। 

दूसरी ओर जंगपुरा से भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में कांवड़ यात्रा मार्ग पर सभी शराब और मांस की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करने का अनुरोध किया था। विधायक ने कहा था कि शराब और मांस की दुकानों पर अस्थायी प्रतिबंध यात्रा की पवित्रता का सम्मान करेगा और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकेगा।  

जिसने औरंगज़ेब को अपना बाप मान लिया है उसे निशाना बनाना ज़रूरी है; दारुल उलूम देवबंद से जिहाद के खिलाफ फतवा निकलवा दे; मौलवियों या मस्जिदों ने बम धमाके और हमले के आतंकियों के खिलाफ फतवा निकाला क्या? जिहाद का मतलब, रावलपिंडी, लाहौर और कराची में जाकर बताओ: कपिल मिश्रा का इंडिया डेली लाइव’ के पत्रकार प्रियांक वाजपेयी को दो टूक जवाब ; देखिए वीडियो

पत्रकार प्रियांक वाजपेयी सलाह देने लगे कि कपिल मिश्रा और भाजपा को लोगों को 'जिहाद' का मतलब समझाना चाहिए (फोटो साभार: इंडिया डेली लाइव)
आजकल मीडिया गैंग जरुरत से ज्यादा सक्रीय हो रहा है। सनातन धर्म को लेकर भ्राँतियाँ फ़ैलाने का कुचक्र चलाया जा रहा है। और इन दिनों तो शायद ही कोई दिन जाता होगा, इनकी धुलाई न होती हो। जून 4 को स्मृति ईरानी ने सरदेसाई को धोया, और अब 
‘इंडिया डेली लाइव’ के पत्रकार प्रियांक वाजपेयी को कपिल मिश्रा ने। इन प्रोपगैंडिस्ट पत्रकारों की इतनी धुलाई होने के बावजूद प्रोपेगंडा चलाने से बाज नहीं आ रहे। विदेशों के हाथ की कठपुतली बने जिहाद की परिभाषित करते फिर रहे हैं, लेकिन किसी कट्टरपंथी मौलाना को समझाने की इनमे हिम्मत नहीं। 

दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने ‘इंडिया डेली लाइव’ के पत्रकार प्रियांक वाजपेयी को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने ‘जिहाद’ का मतलब समझाया। इस दौरान पत्रकार ने उन्हें उलझाने की कोशिश भी की, लेकिन कपिल मिश्रा ने अपने अंदाज़ में बेबाकी से कुतर्क का जवाब तर्क से दिया। कपिल मिश्रा ने इस दौरान ये स्पष्ट कहा कि जिसने औरंगज़ेब को अपना बाप मान लिया है उसे निशाना बनाना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि आप धर्म बदल सकते हो, लेकिन पूर्वज तो वही रहेंगे। 

याद दिलाते चलें कि फर्रुखाबाद में समाजवादी पार्टी की जिलाध्यक्ष मारिया आलम खाँ ने ‘वोट जिहाद’ की अपील की थी। वो पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की भतीजी हैं। उन्होंने कहा था कि ‘संघी सरकार’ को हटाने के लिए ये ज़रूरी है। कायमगंज में I.N.D.I. गठबंधन के प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रचार करते समय उन्होंने ऐसा कहा था। उन पर FIR भी दर्ज की गई थी। हालाँकि, सलमान खुर्शीद ने अपनी भतीजी के बयान से बाद में किनारा कर लिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बयान को लेकर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। गुजरात के सुरेंद्र नगर में पीएम मोदी ने कहा कि अब तक ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के बारे में सुना था, लेकिन अब मुस्लिमों से ‘वोट जिहाद’ की अपील की जा रही है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस के किसी भी नेता ने इस बयान का विरोध नहीं किया। इसके बाद झारखंड में भी उन्होंने ‘वोट जिहाद’ वाली विपक्ष की अपील पर करारा प्रहार किया।

देखिए कपिल मिश्रा का एक पुराना वीडियो:- 

कपिल मिश्रा ने इंटरव्यू में कहा – जिहाद का सीधा अर्थ होता है काफिर को मारने और उसे मुस्लिम बनाना। कपिल मिश्रा ने पूछा कि अजमल कसाब क्या करने आया था, संसद भवन पर हमला करने वाले क्या करने आए थे? इस पर IDL के सीनियर मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर प्रियांक वाजपेयी उन्हें समझाने लगे कि जिहाद का तो मतलब होता है खुद पर नियंत्रण रखना। इस पर कपिल मिश्रा ने सवाल दागा कि क्या अजमल कसाब खुद पर नियंत्रण रखने आया था?

उन्होंने कहा कि इससे बड़ी बदतमीजी और झूठ कुछ नहीं हो सकता है। पत्रकार आरोप लगाने लगा कि जिहाद शब्द का गलत अर्थ लगाया गया और कसाब को इसका सही अर्थ नहीं पता था, इस पर कपिल मिश्रा ने कहा कि तुम जाकर आतंकियों को समझा दो जिहाद का मतलब, रावलपिंडी, लाहौर और कराची में जाकर बताओ। कपिल मिश्रा ने पूछा कि आतंकी बम फोड़ेंगे और आप हिन्दुओं के बीच में बैठ कर जिहाद का मतलब समझाओगे? प्रियांक वाजपेयी फिर कहने लगे कि आप जनप्रतिनिधि हैं, आपको इसका सही मतलब बताना चाहिए।

इस पर पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि पूरी दुनिया ने 9/11 से लेकर संसद भवन पर हमले तक ‘जिहाद’ का मतलब पता है। उन्होंने कहा कि जिहाद के नाम पर राम मंदिर को गिराया गया था, भारत के 2 टुकड़े हुए और काशी के संकटमोचन मंदिर में बम ब्लास्ट हुआ, दिल्ली के कनॉट प्लेस और लाजपत नगर में धमाके हुए। कपिल मिश्रा ने कहा कि जो काम जिहादी बन कर कसाब बंदूक से करने आया था, ‘वोट जिहाद’ का नारा लगाने वाले वही काम वोट से करना चाहते हैं।

कपिल मिश्रा ने कहा, “ये भारत है। यहाँ जिहाद जब-जब आया है, हार कर गया है। हमने राम मंदिर को भी दोबारा खड़ा कर लिया। आप डिक्शनरी से लेकर इसका अर्थ इधर-उधर घुमाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब सबको पता है। इसके नाम पर क्या सिखाया जाता है। ‘वोट जिहाद’ का मतलब ये थोड़े था कि स्कूल-अस्पताल बनाएँगे, उनका आशय था कि सारे मुस्लिम एक होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वोट करें।”

फिर ‘इंडिया डेली लाइव’ के प्रियांक वाजपेयी सलाह देने लगे कि भाजपा खुद को ‘सर्वधर्म समभाव’ वाली पार्टी कहती है तो उसे जिहाद का असली अर्थ समझाते हुए आगे बढ़ना चाहिए, राष्ट्रवादी मौलानाओं का पक्ष भी यही है। इस पर कपिल मिश्रा ने चुनौती दी कि वो दारुल उलूम देवबंद से जिहाद के खिलाफ फतवा निकलवा दे। उन्होंने कहा कि भाजपा थोड़े बताएगी इसका मतलब, मौलवियों या मस्जिदों ने बम धमाके और हमले के आतंकियों के खिलाफ फतवा निकाला क्या?

कपिल मिश्रा ने कहा कि देवबंद को फतवा निकालना चाहिए कि आतंकियों को मरने के बाद ’72 हूरें’ नहीं मिलेंगी, बल्कि वो सब जहन्नुम में जाएँगे। इसके बाद भी प्रियांक वाजपेयी कहते रहे कि ये कपिल मिश्रा वाली परिभाषा है। करावल नगर से BJP के विधानसभा प्रत्याशी रहे कपिल मिश्रा ने कहा कि ये उनकी परिभाषा नहीं है, ये सत्य है। उन्होंने कहा कि विश्व का इतिहास ये कह रहा है कि जिहाद मतलब आतंक। उन्होंने पूछा कि वो डिक्शनरी में अर्थ खोजें या उनके सामने जो तलवार लेकर खड़ा है उसे देखें?

दिल्ली : सुंदर नगरी जहाँ मनीष का मर्डर, वहाँ न लड़कियाँ सुरक्षित न मंदिर: ‘अवैध मुर्गा मंडी’

                          दिल्ली के सुंदर नगरी में छेड़छाड़ की समस्या पर पुलिस क्यों नहीं लेती एक्शन?
एक कहानी है कि कोई चूहा/चुहिया फ्री के लालच में चूहेदान में फंसती है, उसे अंजाम का पता नहीं होता। संक्षेप में अरविन्द केजरीवाल द्वारा हर चुनाव में फ्रीबीस का लालच देकर जनता को आकर्षित करने का प्रयास किया जाता है, जिसमे दिल्ली की तरह पंजाब फंस चूका है। और केजरीवाल के इसी जाल में मोदी सरकार भी फंस चुकी है, इसीलिए मोदी सरकार द्वारा फ्री में राशन आदि दिया जा रहा है। केंद्र में मोदी सरकार के आने तक LPG पर जनता को सब्सिडी दी जाती थी, जो बंद कर दी गयी, इतना ही नहीं रेलवे और एयरलाइन में वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली छूट की सुविधा भी बंद कर दी गयी है। 

अपनी बेरोजगार के दिनों में नौकरी के आवेदन की रजिस्ट्री के लिए जामा मस्जिद पोस्ट ऑफिस (जो आज बंद हो चूका है) जाना होता था, एक दिन पूछताछ करने पर रजिस्ट्री करने वाले बाबू ने बताया "बेटा जिसने एक महीना इस पोस्ट ऑफिस में काम कर लिया, जिंदगी में कभी किसी भिखारी को भीख नहीं देगा। यह इनका बिज़नेस है, मनीऑर्डर पर लिखे पते पर जाकर देखो, क्या शाही ज़िंदगी जी रहा रही है।" 3000 रूपए महीने की रिक्शा पर भीख मांगने आते हैं। बहुत कुछ है कहने को।  

दिल्ली के सुंदर नगरी इलाके में शनिवार (1 अक्टूबर 2022) को मनीष नाम के एक दलित युवक की हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप फैजान, बिलाल और आलम पर लगा है, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मनीष के कत्ल की वजह पुराने केस को वापस न लेना बताया गया।

मनीष हत्याकांड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित हिन्दू परिवार ने दिल्ली पुलिस पर प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। इसके अलावा मीडिया को इन्होंने बताया कि सुंदर नगरी में बहन-बेटियाँ असुरक्षित हैं। इस बात की पुष्टि वहाँ रहने वाली बच्चियों ने भी की।

न्यूज़ इंडिया के संवाददाता गौरव मिश्रा ने सुन्दर नगरी का दौरा किया। वहाँ पर नाबालिग लड़कियों ने बताया कि उन्हें स्कूल जाते समय छेड़ा जाता है। पीड़िता बच्चियों ने यह भी बताया कि जब वो अपने साथ होने वाली छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस में करती हैं तो उनसे सबूत माँगा जाता है।

लड़कियों को छेड़ने घर तक

गौरव मिश्रा द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में एक लड़की ने माँग की है कि उन्हें छेड़ने वाले लड़कों की छुट्टी 1 घंटे बाद हो। लड़की ने इन घटनाओं को रोजाना होने वाली हरकतें बताया है। दूसरी लड़की ने भी आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि शिकायत करने का कोई फायदा नहीं होता क्योंकि पुलिस एक्शन ही नहीं लेती।
सुन्दर नगरी में छेड़छाड़ वाली घटनाओं पर बोलते हुए एक अन्य लड़की ने कहा कि सुबह से शाम तक उन्हें छेड़ा जाता है और कभी-कभार तो लड़के घर तक चले आते हैं। लड़की ने बताया कि उसे शाम को घर से निकलने में डर लगता है।

योगी ही कर सकते हैं इंसाफ

गौरव मिश्रा द्वारा ही शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में मृतक मनीष के परिजन इंसान की मॉंग को लेकर योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा जता रहे। घर में मौजूद महिलाएँ कह रहीं हैं कि सीएम योगी ही इंसाफ दिला सकते हैं क्योंकि कातिलों को फाँसी की सजा होनी चाहिए। इस माँग के साथ पीड़ित परिवार फूट-फूट कर रोने लगा।

सुंदर नगरी में मंदिर भी नहीं सुरक्षित

गौरव से बात करती हुई सुंदर नगरी की एक अन्य स्थानीय महिला दावा कर रही हैं कि वहाँ पर मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। 7 साल पुरानी किसी घटना का जिक्र करते हुए महिला बता रही हैं कि कैसे वहाँ के मंदिर में मांस और कटे मुर्गे के पंख आदि डाल दिए जाते थे।
बताया गया कि तब वहाँ के एक मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति को हड्डी की माला पहना दी गई थी। N ब्लॉक के किसी और मंदिर में भी महिला ने यही हालात बताए। स्थानीय निवासियों ने पुलिस कार्रवाई को संतोषजनक नहीं बताया।
इसी वीडियो में मंदिर के पुजारी ने कहा कि 5 हिन्दू लड़कों की हत्या हो चुकी है और ऐसी घटनाएँ रुक नहीं रहीं। पुजारी के मुताबिक किसी भी हिन्दू की हत्या में अभी तक कुछ भी न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कातिल जमानत पा जाते हैं। खुद गौरव मिश्रा के मुताबिक सुंदर नगरी में पिछले 15 सालों में महज 30% हिन्दू आबादी बची है।

मुर्गे की अवैध मंडी

मनीष हत्याकांड की रिपोर्टिंग के लिए गए सुदर्शन न्यूज़ के संवाददाता सागर कुमार ने सुंदर नगरी में अवैध मुर्गा मंडी दिखाया। उन्होंने बताया कि मंडी पूरी तरह से अवैध है और वहाँ के दुकानदारों के पास कोई लाइसेंस भी नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अवैध मंडी ही कई अपराधों की जड़ है।

पीड़ितों के साथ पुलिस की बर्बरता

सुदर्शन न्यूज़ द्वारा शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में मृतक मनीष के परिवार के सदस्यों को दिल्ली पुलिस कहीं बलपूर्वक ले जा रही है। बल प्रयोग करने में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वीडियो के अंत में एक महिला अपने हाथ में घाव को दिखा कर पुलिस द्वारा अत्याचार किए जाने का आरोप लगा रही है।

मनीष हत्याकांड में कम्युनल एंगल नहीं: दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस के DCP उत्तरी-पूर्वी ने वीडियो जारी करते हुए इस घटना में किसी भी प्रकार का साम्प्रदायिक एंगल होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ये आपसी झगड़ा था, जो एक साल पहले एक साथ ही खाने-पीने के दौरान हुआ था। परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए DCP ने कहा कि भीड़ में सद्भाव बिगाड़ रहे शामिल हर व्यक्ति से सख्ती बरती जाएगी।
दिल्ली पुलिस ने सभी से भ्रामक सूचनाएँ न तो शेयर करने और न ही उस पर ध्यान देने की अपील की है।

‘चंद मुस्लिम वोटों के लिए.. महिलाओं-बच्चों की लाशों पर बेशर्म हँसी… केजरीवाल की करतूत अपनी माँ के चरित्र पर सवाल उठाने जैसा’: कपिल मिश्रा

                                    The Kashmir Files' फिल्म का मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उड़ाया मजाक
कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को झूठा बताने पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर भाजपा लगातार हमलावर है। इसी क्रम में दिल्ली भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि इस फिल्म को झूठा बताकर केजरीवाल ने वहाँ पर बलिदान देने वाले हर जवान का मजाक उड़ाया है। साथ ही कहा कि ये अपनी माँ के चरित्र पर सवालिया निशान लगाने जैसा है।

मुफ्त की रेवड़ियों के लालच में आम आदमी पार्टी को वोट देने वाले हिन्दुओं आंखें खोलो और देखो कि कश्मीर में हिन्दुओं के नरसंहार पर बनी फिल्म पर ये जयचन्द किस तरह हंस रहे हैं। क्या इन जयचंदों की ऐसी हंसी उस वक़्त भी होगी, जब दिल्ली में हुए हिन्दुओं और उनके मंदिरों पर हुए हमलों पर फिल्म बनेगी? कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, समाजवादी पार्टी और अन्य भाजपा विरोधी पार्टियां भी फिल्म का विरोध जरूर कर रहीं हैं, लेकिन इन लोगों की तरह हंस नहीं रहे। हद होती है, बेशर्मी की भी। 

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने एक वीडियो ट्वीट कर केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कल दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल ने कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार को झूठा बताया। कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार को झूठा बताना अपनी माता जी के चरित्र पर सवाल उठाने जैसा है। छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं की लाशों पर ये बदतमीजी, बेहूदगी और बेशर्मी से भरी हँसी, आतंकवादियों को बचाने की ऐसी बेशर्म कोशिश! अरविंद केजरीवाल ने न केवल कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार का मजाक बनाया है, बल्कि देश के लिए बलिदान हुए सेना के हर जवान का भी मजाक बनाया है। आतंकियों को बचाने की बेशर्म कोशिश है ये।”

कपिल मिश्रा ने आगे कहा, “द कश्मीर फाइल्स को यूट्यूब पर डालने वाली बात पर मैं पूछता हूँ कि अरविंद केजरीवाल अपने विज्ञापनों को यूट्यूब पर क्यों नहीं डाल देते। अपने विज्ञापन क्यों टीवी, अखबारों, रेडियो में चलाने हैं? अपने विज्ञापनों को भी यूट्यूब पर डाल दें। दूसरों के लिए ये ज्ञान देना और कबीर खान की फिल्म को टैक्स फ्री क्यों किया था? चंद मुस्लिमों के वोटों के लिए इस तरह से हिंदुओं का मजाक उड़ाना और बदतमीजी करना विधानसभा की गरिमा के खिलाफ है। विधानसभा में जो किया गया वो इतिहास का काला दिन था।”

इससे पहले मिश्रा में फिल्म को यूट्यूब पर डालने के केजरीवाल के बयान पर कहा था कि ये केजरीवाल नहीं हँस रहे हैं, वो अंदर से डरे हुए हैं।

अरविंद केजरीवाल का बयान

दिल्ली विधानसभा में सीएण अरविंद केजरीवाल ने मार्च 24 को कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘The Kashmir Files’ को झूठा बताते हुए प्रदेश में टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था, “निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को इतना ही शौक है तो बोलो यूट्यूब पर डाल देगा, वहाँ सब कुछ फ्री है और सारे लोग देख लेंगे एक ही दिन के अंदर। टैक्स फ्री कराने की ज़रूरत ही क्या है?” जबकि इससे पहले उन्होंने स्वरा भास्कर की ‘निल बटे सन्नाटा’ और तापसी पन्नू की ‘साँड की आँख’ को टैक्स फ्री कर दिया था।