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100 करोड़ रूपए की घूस, 45 करोड़ रूपए का डायरेक्ट फायदा AAP ने उठाया: दिल्ली शराब घोटाले में ED की चार्जशीट का कोर्ट ने लिया संज्ञान; क्या केजरीवाल के मोबाइल का पासवर्ड लेने के लिए कंपनी से संपर्क किया जा रहा है?

आखिर क्या कारण है कि अरविन्द केजरीवाल जमानत के लिए तड़पने का मुख्य कारण अपने मोबाइल का पासवर्ड नहीं देकर बाहर आकर मोबाइल को ही अकाल्पनिक रूप देकर अपने आपको ईमानदार साबित कर ED और CBI के साथ मोदी सरकार को आरोपों की मूसलाधार बारिश कर सके। जबकि ED द्वारा दर्ज चार्जशीट ने सारे पासे पलट दिए। 

अब सुनने में भी आ रहा है कि ED या CBI मोबाइल बनाने वाली कंपनी से सम्पर्क कर पासवर्ड मालूम करने का प्रयास करने का विचार कर रही है। अगर ED या CBI अपने इस प्रयास में सफल हो जाती है तो केजरीवाल के साथ और कितने जेल जाएंगे।    

दिल्ली शराब घोटाला मामले में उच्च न्यायालय ने बुधवार (10 जुलाई 2024) को अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया। इससे पहले हाई कोर्ट ने केजरीवाल की ट्रॉयल कोर्ट से मिली बेल को रद्द कर दिया था। वहीं इसी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने चार्जशीट दायर की थी, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है।

इस आरोप पत्र में क्या है, इसे लेकर इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार ईडी ने चार्जशीट में बताया है कि दिल्ली शराब घोटाला मामले में 100 करोड़ रूपए की रिश्वत ली गई थी, जिसमें से सीधे-सीधे 45 करोड़ रूपए का फायदा आम आदमी पार्टी को पहुँचा था। ये पैसे हवाला के जरिए गोवा ट्रांसफर किए गए थे और फिर इन्हें ही चुनाव प्रचार में इस्तेमाल किया गया था।

इस तरह से चार्जशीट के अनुसार, केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP ने अपराध की आय के 45 करोड़ रुपए अपने लिए उपयोग किए और इस तथ्य को छुपाने की गतिविधियों में शामिल रहे हैं। चार्जशीट में ईडी ने मु्ख्य साजिशकर्ता अरविंद केजरीवाल को बताया है और उन्हें 37वें नंबर का आरोपित बनाया है।

रिपोर्ट के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आरोपित विनोद चौहान के व्‍हाट्सऐप चैट की पूरी जानकारी दी। आरोप है कि बीआरएस नेता के कविता के पीए विनोद के जरिए 25.5 करोड़ रुपए गोवा चुनाव के जरिए आम आदमी पार्टी तक पहुँचाए थे। चैट से यह साफ है कि विनोद चौहान के अरविंद केजरीवाल के साथ में अच्छे संबंध थे।

चार्जशीट में बताया गया कि आरोपित विनोद चौहान के मोबाइल से हवाला नोट नंबर के काफी स्क्रीनशॉट बरामद हुए हैं। ये स्क्रीनशॉट दिखाते हैं कि विनोद चौहान क्राइम यानी अपराध से अर्जी आय को दिल्ली से गोवा हवाला के जरिए ट्रांसफर कर रहा था। वहीं वहाँ उन पैसों को मैनेज चरणप्रीत सिंह मैनेज कर रहा था। ईडी ने चार्जशीट में उसका बयान भी लिया है। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप पत्र में बताया है कि केस में विजय नायर की भी अहम भूमिका थी। इस मामले में वह केजरीवाल के इशारे पर ही काम कर रहा था। हालाँकि मामले में फँसने के बाद नायर ने बता दिया था कि इस पूरे खेल को अरविंद केजरीवाल द्वारा ही चलाया जा रहा है।

दिल्ली : तिहाड़ में सरेंडर करने के आधे घंटे बाद केजरीवाल को कोर्ट ने 5 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा

 


दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने रविवार (2 जून, 2024) को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। चुनाव प्रचार के लिए मिली उनकी अंतरिम जमानत रविवार को खत्म हो रही थी। इससे पहले उन्हें किसी भी अदालत से राहत नहीं मिली थी। उनके सरेंडर के बाद खबर आई कि उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जेल जाते-जाते उन्होंने कहा- “मैं देश बचाने के लिए जेल जा रहा हूँ। मुझे नहीं पता कब वापस आऊँगा। वहाँ मेरे साथ क्या-क्या होगा, मुझे नहीं पता।”

संवैधानिक पद पर रहते और संविधान की शपथ लेने वाला अरविन्द केजरीवाल किस तरह इन दोनों को अपमानित कर अपनी शान समझ रहे हैं, जो इस बात साबित कर रहा है कि वह एक तानाशाह बन घोटाले कर ईमानदारी की चोला ओढे घूम जनता को भ्रमित कर रहा है। क्यों नहीं जेल जाने से पहले अपने पद से इस्तीफा दिया? यह भी कोई गहरा षड़यंत्र लगता है। जेल जाते समय दिए भाषण में घोटाले के आरोप में हुए गिरफ़्तारी को देश में तानाशाही के विरुद्ध बताया। यानि न खाता न बही, जो केजरीवाल कहे वही सही। अगर इतने ईमानदार हो तो फिर अपने electronic devices का पासवर्ड क्यों नहीं दे रहे? केजरीवाल और परिवार अच्छी तरह जानता है कि पासवर्ड देकर electonic devices के खुलने से अन्य घोटालेबाज़ों के नाम आने के अलावा शायद पूरा परिवार के भी नाम सामने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है।   

दिल्ली CM केजरीवाल रविवार को अपने घर से निकल कर पहले महात्मा गाँधी की समाधि पर गए, इसके बाद दिल्ली कनॉट प्लेस स्थित हनुमान जी के मंदिर पहुँचे। यहाँ से उन्होंने आम आदमी पार्टी के पार्टी ऑफिस का रुख किया जहाँ उन्होंने एक भाषण दिया और इसके बाद वह तिहाड़ के लिए निकल गए।

केजरीवाल को 10 मई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रचार करने के लिए 1 जून, 2024 तक की अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें 2 जून को सरेंडर करने को कहा गया था। इस जमानत के दौरान ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर वृद्धि की माँग की थी, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया था।

केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट ने 7 दिन की वृद्धि जमानत अवधि में करने की माँग की थी। उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य कारण बताए थे। उन्होंने कहा था कि शरीर के चेकअप के लिए उन्हें 7 दिन की जमानत चाहिए। हालाँकि, उनकी इन दलीलों को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माना था।

उन्होंने दिल्ली की एक निचली अदालत में भी इस मामले में 7 दिन की अंतरिम जमानत और शराब घोटाला मामले में नियमित जमानत की याचिका लगाई थी। इस मामले में भी उन्हें राहत नहीं मिली थी और कोर्ट ने 5 जून के लिए यह निर्णय सुरक्षित रख लिया था। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर फैसला सुरक्षित है।

केजरीवाल को मार्च, 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया था। एजेंसी ने उन्हें इस मामले में सरगना बताया था। एजेंसी ने उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने का विरोध किया था और स्वास्थ्य आधार को भी नकारा था।

शराब नीति बनाने में अरविंद केजरीवाल की थी डायरेक्ट भूमिका, पूरी साजिश में हैं शामिल, उनके जरिए ही मनी लॉन्ड्रिंग: ED ने कोर्ट को बताया क्यों दिल्ली के CM को किया गिरफ्तार

दिल्ली हाई कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मंगलवार (02 अप्रैल 2024) को जवाब दाखिल कर बताया है कि दिल्ली शराब नीति घोटाले में अरविंद केजरीवाल ही मुख्य साजिशकर्ता हैं। ईडी ने अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले के मामले का ‘मुख्य साजिशकर्ता’ बताते हुए कहा है कि आम आदमी पार्टी के जरिए वही मनी लॉन्ड्रिंग कर रहे थे। ईडी ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की वजह भी बताते हुए कहा कि वो लगातार ईडी के समन से भागते रहे और 9 समन जारी होने के बावजूद पूछताछ में शामिल नहीं हुए। वहीं, आम आदमी पार्टी ने ईडी को झूठा बताया है और कहा है कि मनी ट्रेल न मिलने पर ईडी झूठे दावे कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने खुद मनी ट्रेल की बात को नकारा है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल की याचिका पर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई कर रही है। केजरीवाल ने खुद की गिरफ्तारी को अवैध बताया है।

हिंदुस्तान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ईडी ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि ‘दिल्ली शराब नीति घोटाले’ के मुख्य सरगना और साजिश कर्ता अरविंद केजरीवाल हैं। उनके ही नेतृत्व में दिल्ली सरकार के मंत्रियों, आम आदमी पार्टी के नेताओं और अन्य व्यक्तियों ने ये नीति तैयार की थी। ये नीति ‘दक्षिण के समूह’ को फायदा पहुँचाने के लिए विजय नायर, मनीष सिसोदिया और दक्षिण ग्रुप से सदस्यों की मिलीभगत से तैयार की गई थी।

ईडी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया है। ये पीएमएलए एक्ट 2002 की धारा 70 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। ईडी ने बताया कि आम आदमी पार्टी दिल्ली शराब घोटाले की मुख्य लाभार्थी रही है। अरविंद केजरीवाल इसकी सभी गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। गवाहों के बयानों में भी यही बात है कि वो इस नीति को बनाने वालों में शामिल थे।

ईडी ने अरविंद केजरीवाल की जमानत का ये कहते हुए विरोध किया है कि अरविंद केजरीवाल को जाँच में शामिल होने के कई मौके दिए गए। उन्हें 9 समन जारी किए गए, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया। इस घोटाले से जुड़ी नकदी का हिस्सा 45 करोड़ रुपए साल 2022 में हुए गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किए गए।

अरविंद केजरीवाल ने 23 मार्च को अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद कोर्ट ने ईडी से जवाब माँगा था। ईडी ने अपनी बात कोर्ट में रखी थी, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से अरविंद केजरीवाल ईडी की हिरासत में हैं। उन्हें 2 दिन पहले तिहाड़ जेल शिफ्ट कर दिया गया है।

आप ने ईडी को बताया झूठा

ईडी द्वारा हाई कोर्ट में दाखिल जवाब पर आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया है। आम आदमी पार्टी ने ईडी को झूठा बताया है और कहा कि ईडी झूठ बोलती है। आप ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट खुद माना है कि इस कथित घोटाले में कोई मनी ट्रेल मिली ही नहीं है। कोई पैसा भी नहीं मिला है। ये ईडी सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में कोई सबूत पेश नहीं कर पाई।

कम हो रहा केजरीवाल का वजन

तिहाड़ जेल में बंद आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का वजन तेजी से गिर रहा है। अरविंद केजरीवाल ने अपने तेजी से घटते वजन को लेकर मॉनिटरिंग की जरूरत बताई है। टाइम्स नाउ ने तिहाड़ के डॉक्टरों के हवाले से बात बताई है। आम आदमी पार्टी के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अरविंद केजरीवाल का वजन 4.5 किलो घट गया है। हालाँकि तिहाड़ जेल के प्रशासन से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये दावा गलत है। अरविंद केजरीवाल का वजन 55 किलो था, वो वजन बरकरार है।

दिल्ली HC से अरविंद केजरीवाल को झटका, अब कभी भी गिरफ्तार कर सकती है ईडी, कोर्ट से माँगी थी अरेस्टिंग पर रोक की गारंटी, ED ने दिए ठोस सबूत


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है। वो दिल्ली हाई कोर्ट में ये याचिका लेकर पहुँचे थे कि उनके खिलाफ ईडी गिरफ्तारी जैसा कदम न उठाए, इस बात की लिखित गारंटी भी दी जाए। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने ईडी से पूछा था कि आपके पास क्या सबूत हैं कि अरविंद केजरीवाल को ईडी गिरफ्तार करना चाहती है। कोर्ट ने ईडी से सबूत भी माँगे थे, जिसके बाद ईडी ने कोर्ट में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सबूत दिखाए। इस पूरी सुनवाई के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर रोक वाली याचिका खारिज कर दी और उन्हें कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। इसका मतलब है कि अरविंद केजरीवाल के सिर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

इससे पहले, अरविंद केजरीवाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी से पूछा था कि वो अरविंद केजरीवाल को समन पर समन क्यों भेज रही है, क्यों नहीं गिरफ्तार कर रही है। इस पर ईडी के वकील एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि ईडी तो अरविंद केजरीवाल को सिर्फ पूछताछ के लिए बुला रही थी, पता नहीं कहाँ से अरविंद केजरीवाल खुद की गिरफ्तारी का हल्ला मचा रहे हैं। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल के खिलाफ गिरफ्तारी से जुड़ा कोई सबूत है, तो वो कोर्ट को दिखाया जाए। इसके बाद ईडी के अधिकारियों ने कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की फाइल दी थी।

कोर्ट ने ईडी को फाइल देने के लिए दोपहर 2.30 बजे तक का समय दिया था। इस फाइल को देखने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वो गिरफ्तारी पर रोक जैसा आदेश इस मामले में नहीं दे सकती, क्योंकि सबूतों को देखने के बाद हम अंतरिम राहत नहीं दे सकते।

केजरीवाल की ओर से हाईकोर्ट में पेश वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह समन उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी का बहाना है। ईडी ने 25 हजार पेज इसके लिए तैयार कर रहे हैं, जबकि हमने जो जवाब दिए हैं, उसमें सारे सवालों के जवाब हैं। सिंघवी ने कहा कि मेरे मुवक्किल को चुनाव में खुलकर हिस्सा लेने से रोकने के लिए गिरफ्तारी की तलवार लटकाई जा रही है। उन्होंने कोर्ट में कहा कि बीते साल अक्टूबर में जब पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव थे, तभी से अरविंद केजरीवाल को समन जारी किए जा रहे हैं।

ईडी ने नौंवा समन जारी कर अरविंद केजरीवाल को आज यानी 21 मार्च 2024 को पेश होने के लिए कहा था, लेकिन अरविंद केजरीवाल अपनी गिरफ्तारी पर रोक के आदेश के लिए दिल्ली हाईकोर्ट पहुँच गए थे। अब हाईकोर्ट ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को पहले ही अग्रिम जमानत ले लेनी चाहिए थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी से मिली फाइल देखने के बाद ही ये टिप्पणी की और गिरफ्तारी पर रोक लगाने पर कोई आदेश नहीं दिया। कोर्ट ने इस मामले में अब 22 अप्रैल की तारीख रख दी है, साथ ही ईडी को भी 22 अप्रैल से पहले अपना जवाब देने के लिए कहा है।


दिल्ली शराब नीति बनाने में शामिल थे संजय सिंह, मिला मोटा पैसा, हाई कोर्ट ने कहा- जमानत देने का आधार नहीं बनता

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल बार-बार ED पूछताछ से क्यों भाग रहे हैं, उसका कारण है, केजरीवाल ही नहीं पूरी आम आदमी पार्टी और विपक्ष सभी जानते हैं कि ED के पास शराब घोटाले के अतिरिक्त अन्य घोटालों में भी केजरीवाल के खिलाफ इतने सबूत है कि संजय सिंह की तरह एक ही झटके में गिरफ्तार। और केजरीवाल के गिरफ्तार होते ही झाड़ू का एक-एक तिनका बुरी तरह तूफान में उड़ जायेगा। औरों के तो जेल से बाहर आने की संभावनाएं हो सकती है लेकिन केजरीवाल नहीं। यह भी सम्भावना है कि स्वाति मालीवाल भी लपेटे में आ सकती हैं, दोनों बाहर जाते हैं और वापस आते ही स्वाति को राज्य सभा भेज दिया जाता है। राज बहुत गहरा है। अब तो संभावनाएं केजरीवाल के बेटे पुनीत की भी बन रही हैं। शंकाएं यह भी व्यक्त हो रही है कहीं केजरीवाल की पूरी फैमिली को और आधे से अधिक मंत्रिमंडल को भी जेल न जाना पड़ जाये।  
दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में AAP सांसद संजय सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने संजय सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि केस के इस स्‍टेज पर आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है। अदालत ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि संजय सिंह दिल्ली की शराब नीति बनवाने में शामिल थे। इसमें उन्हें मोटा कमीशन मिला। संजय सिंह ने कोर्ट में कहा था कि शराब घोटाले में उनकी कोई भूमिका नहीं है इसीलिए जमानत दिया जाए। वहीं ED के मुताबिक शराब घोटाले से जो आर्थिक लाभ हुआ, उसे पाने, रखने, छुपाने और इस्तेमाल करने में सिंह शामिल थे। ED ने कहा कि दिनेश अरोड़ा के अलावा कई और लोग भी है जिन्होंने संजय सिंह का नाम लिया है। सबूतों के आधार पर कोर्ट ने संजय सिंह की भूमिका के बारे में मुहर लगा दी है। 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार किए गए संजय सिंह तीन महीने से अधिक समय से हिरासत में हैं।

शराब नीति बनाने में शामिल थे संजय सिंह
दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने अपने 43-पृष्ठ के फैसले में कहा, “प्रथम दृष्टया, यह स्पष्ट है कि संजय सिंह पुरानी आबाकारी नीति की तैयारी का हिस्सा थे और उसके बाद, नई आबकारी नीति शराब घोटाले के आरोपियों को फायदा पहुंचाने के अनुरूप बनाई गई थी, इसके लिए उन्हें मोटा पैसा मिला था।

संजय सिंह के लिए सर्वेश मिश्रा ने लिए 2 करोड़ रुपये
अदालत ने कहा, “ऐसे बयान हैं कि संजय सिंह के लिए सर्वेश मिश्रा को उनके आधिकारिक आवास पर 2 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। संजय सिंह ने नई आबकारी नीति बनाने में भूमिका रही और कुछ निश्चित लोगों को लाभ पहुंचाया गया जिसके बदले रिश्वत दी गई। आवेदक की इस स्तर पर भूमिका पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता”।

दिनेश अरोड़ा, विवेक त्यागी, सर्वेश मिश्रा, विजय नायर, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह के बीच बैठकें हुईं
हाईकोर्ट ने कहा कि सह-आरोपी दिनेश अरोड़ा, विवेक त्यागी, सर्वेश मिश्रा, विजय नायर, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह आदि के बीच बैठकें और बातचीत के समय, स्थान और तरीके के बारे में निश्चित आरोप हैं और केस के इस स्टेज पर उसकी उपेक्षा नहीं जा सकती। न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, “उपरोक्त चर्चा के मद्देनजर, इस स्तर पर जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है।”

विजय नायर ने दिनेश अरोड़ा को दी थी धमकी
अदालत ने सरकारी गवाह बन चुके दिनेश अरोड़ा के बयान पर भी ध्यान दिया, जो पीएलएमए धारा 50 के तहत दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें अगस्त 2022 में लंदन में AAP के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर ने धमकी दी थी कि डिप्टी सीएम या सिंह या अन्य बड़े राजनीतिक नेताओं के खिलाफ बोलने पर उन्हें बहुत परेशानी होगी।

हाईकोर्ट ने अरोड़ा के पीएमएलए बयान पर गौर किया
हाईकोर्ट ने जुलाई 2023 में मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए अरोड़ा के बयान पर भी गौर किया, जहां उन्होंने कहा था कि उन्हें नायर ने किसी भी राजनीतिक नेता का नाम न लेने की धमकी दी थी; इसलिए उन्होंने उनके नामों का खुलासा नहीं किया था, जिसका खुलासा उन्होंने अगस्त 2023 में दर्ज अपने पीएमएलए बयान में किया।

संजय सिंह शराब घोटाले में मिले पैसे पाने, रखने, छुपाने में शामिल
संजय सिंह ने जमानत का अनुरोध करते हुए कोर्ट में आधार दिया था कि वह पिछले तीन महीने से हिरासत में हैं। जिस अपराध का आरोप उन पर मढ़ा जा रहा है, उसमें उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। दूसरी ओर, जांच एजेंसी ने याचिका का विरोध करते हुए दलील दी थी कि 2021-22 की विवादित नीति से जुड़े कथित शराब घोटाले से जो आर्थिक लाभ हुआ, उसे पाने, रखने, छुपाने और इस्तेमाल करने में सिंह शामिल थे।

शराब घोटाले का पैसा AAP ने गोवा विधानसभा चुनाव में खर्च किया
दिल्ली शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 फरवरी को चार्जशीट में कहा कि दिल्ली की रद्द की गई आबकारी नीति में कथित रूप से ली गई 100 करोड़ रुपये की रिश्वत के एक हिस्से का इस्तेमाल AAP ने गोवा विधानसभा चुनाव में किया था। इस मामले में संजय सिंह के अलावा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया भी आरोपी हैं। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कई समन दिए गए हैं।