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7 अक्टूबर के हमले के मास्टरमाइंड को इजरायल ने किया ढेर, गाजा में हमास कमांडर इज-अल-दीन अल-हदाद पर बरसाए बम

                             हमास के सैन्य प्रमुख अल-हद्दाद का शव (फोटो साभार - टाइम्स नाउ)
इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच इजरायल की सेना (IDF) ने गाजा सिटी में सटीक हवाई हमले किए। इन हमलों में हमास की सैन्य शाखा का कमांडर इज-अल-दीन अल-हदाद ढेर हो गया है।

यह कार्रवाई शुक्रवार (15 मई 2026) को की गई, जबकि इसकी पुष्टि IDF ने शनिवार (16 मई 2026) को की। अल-हदाद को 7 अक्टूबर 2023 के इजरायल पर हुए बड़े हमले का मास्टरमाइंड और हमास के सबसे वरिष्ठ सैन्य नेताओं में से एक माना जाता था।

इजरायल के अनुसार, वह हाल के समय में गाजा में हमास की सैन्य क्षमता को फिर से मजबूत करने और नए हमलों की योजना बनाने में लगा हुआ था।

इजरायली सेना प्रमुख ने इस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल सफलता बताया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री ने भी बयान जारी कर कहा कि यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था और इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, हमले से पहले इजरायली वायुसेना ने एक डिसेप्शन ऑपरेशन भी चलाया ताकि हमास को किसी तरह की भनक न लगे। इजरायली सेना का दावा है कि अल-हदाद लंबे समय से बंधकों के नेटवर्क और हमास की सैन्य गतिविधियों को नियंत्रित कर रहा था और खुद को बचाने के लिए बंधकों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करता था।

बंधकों, युद्ध और गाजा में जारी संघर्ष की स्थिति

इजरायल का कहना है कि अल-हदाद 1980 के दशक से हमास से जुड़ा था और 7 अक्तूबर 2023 के हमलों में उसकी अहम भूमिका थी, जिसमें लगभग 1200 लोग मारे गए थे और 250 से अधिक को बंधक बनाया गया था। वह मोहम्मद सिनवार की मौत के बाद हमास की सैन्य कमान संभाल रहा था। इस हमले में उसके परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए होने की खबर है।

नवजात को चूल्हे में भून मार कर हँसने वाले पत्रकार को इजराइल ने मार गिराया : रो रहे जुबैर-राणा और वामपंथी गैंग

मारा गया पत्रकार, करता था हमास इस्लामी आतंकियों का समर्थन (फोटो साभार: Stop Antisemitism)
इजराइल-हमास युद्ध में रेफात अल-अरीर (Refaat Al-Areer) नाम का एक कथित पत्रकार मारा गया। रेफात की मौत 7 दिसंबर 2023 को हवाई हमले के दौरान हुई। हमास का समर्थन और प्रचार करना, इसके उलट इजरायल के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाना और यहूदी-विरोधी बातें लिखना – मारे गए रेफात की कथित पत्रकारिता इन्हीं बातों के आसपास घूमती थी।

भारत में रह कर यहीं की रोटी खाने वाले ऐसे बहुत हैं जो ज्ञात-अज्ञात कारणों से फिलिस्तीन की सहलाते रहते हैं, उसके लिए आँसू बहाते हैं। मोहम्मद जुबैर ने इजराइल को बदनाम करने के लिए रेफात अल-अरीर की मौत का सहारा लिया।

सहानुभूति बटोरने के लिए जुबैर ने ट्वीट कर लिखा, “रेफात अल-अरीर को आज इजराइल ने मार डाला।” इस ट्वीट में जुबैर ने रेफात का हाल में दिए एक इंटरव्यू वीडियो को भी लगाया है। इसमें वो इजराइल हमले में गाजा के सभी लोगों के मारे जाने के डर से रो रहा है। हास्यास्पद यह है कि इसी शख्स ने माइक्रोवेव अवन में जला कर मार डाले गए इजरायली बच्चे की मौत का मजाक उड़ाया था।

मोहम्मद जुबैर ने ट्वीट किया तो राणा अयूब कैसे पीछे रहती! उसने भी रोना चालू रखा… बिल्कुल एकसमान अंदाज में। उसने ट्वीट किया, “और उन्होंने उसे मार डाला।”

29 अक्टूबर 2023 को डोविड इफ्यून नाम के एक पत्रकार ने खबर दी कि हमास के इस्लामी आतंकियों ने एक इजरायली यहूदी बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। बच्चे की जली हुई लाश माइक्रोवेव अवन में मिली। ट्विटर इस खबर का मजाक उड़ाते हुए रेफात अल-अरीर (Refaat Al-Areer) ने लिखा था – “बेकिंग पाउडर के साथ या उसके बिना।”

                              बच्चे की मौत पर जिसको सूझा मजाक… वो खुद मारा गया

केक जैसी चीज बनाने के लिए बेकिंग पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। मतलब इस्लामी आतंकी हमास का समर्थक रेफात एक मरे हुए बच्चे की तुलना खाने लायक सामग्री से कर रहा था। लेकिन गाजा वाले हिस्से पर जब इजरायली सेना ने तबाही मचानी शुरू की तो रेफात को मौत का डर सताने लगा, विदेशी-वामपंथी मीडिया को रो-रो कर इंटरव्यू देने लगा।

रेफात अल-अरीर यहूदियों और इजरायल से कितनी नफरत करता था, उसके लिए 1 या 2 ट्वीट काफी नहीं हैं। वो कभी इजरायल के नेताओं को हिटलर के समान बताता था। कभी वो यहूदीवाद और नाजीवाद को एक ही बताता है।

यह जानना भी जरूरी है कि रेफात खुले तौर पर हमास का समर्थन और प्रचार करता था। उसके अनुसार इस्लामी आतंकी संगठन हमास को ‘फँसाने’ के लिए इजराइल ने अपने ही नागरिकों को मार डाला।


आतंकवाद, भ्रष्टाचार, गरीबी हटाना हमारा मिशन : नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रैल 14 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में कहा कि आतंकवाद, भ्रष्टाचार और गरीबी हटाना उनका मिशन है। मोदी ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मोदी का मिशन है। आतंकवाद को हटाना, भ्रष्टाचार को हटाना, बीमारी को हटाना, गरीबी को हटाना।’ उन्होंने उत्तर प्रदेश की पूर्व की सरकारों में हुई अनदेखी का उल्लेख करते हुए कहा, ” इतना बड़ा उत्तर प्रदेश और यहां इतने बड़े शक्तिशाली लोग, लेकिन उत्तर प्रदेश का हिन्दुस्तान में जो स्थान बनना चाहिए था, ये यहां की राजनीति ने बनने नहीं दिया।’ वहीं, मोदी ने सपा-बसपा पर हमला बोलते हुए कहा ‘आप कहते हैं कि आतंकवाद हटना चाहिए, लेकिन महामिलावट वाले कहते हैं कि मोदी हटना चाहिए।’
मोदी ने आगे कहा, पहले क्‍या होता था। आतंकवादी पाकिस्‍तान से आते थे, हम पर हमला करते थे और कांग्रेस सरकार दुनिया के सामने चिल्‍लाती रहती थी कि हम पर हमला हुआ है। लेकिन अब ये न्‍यू इंडिया है। जब आतंकियों ने उरी में हमला किया तो बहादुर सैनिकों ने सर्जिकल स्‍ट्राइक की। जब उन्‍होंने दोबारा गलती पुलवामा की, हम उनके घर में घुस गए और एयर स्‍ट्राइक की। उधर वालों को भी समझ में आ गया है कि अगर तीसरी गलती हुई तो लेने के देने पड़ जाएंगे। 
मोदी ने जनसभा में आए लोगों से कहा, ‘दुनिया में चेन्नई की चर्चा होती है। बेंगलूरू, मुंबई और अहमदाबाद की चर्चा होती है, मेरे उत्तर प्रदेश की होनी चाहिए कि नहीं, दुनिया के लिए उत्तर प्रदेश सबसे आकर्षण का केंद्र बनना चाहिए कि नहीं….’ वहीं सपा-बसपा पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जो लोग लोकसभा में प्रधानमंत्री का सपना देख रहे हैं। जो 40 सीट पर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, वो क्या देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं।’ उन्होंने तंज कसा, ‘आप कहते हैं कि आतंकवाद हटना चाहिए, लेकिन महामिलावट वाले कहते हैं कि मोदी हटना चाहिए।’
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती के मौके पर उन्हें याद करते हुए मोदी ने कहा, ‘ये बाबासाहेब के संविधान की ताकत है कि दलित समाज से निकलकर एक सज्जन राष्ट्रपति पद पर हैं। ये बाबासाहेब का संविधान है कि एक चाय वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है।’
पीएम ने कहा कि मोदी अपनी नहीं, बल्कि पूरे देश की सोचता है। ‘आप सभी लोगों के सहयोग से बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलने का इस चौकीदार ने प्रयास किया है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर सरकार चलाई है।’ मोदी ने कहा, ‘भाजपा और इस चौकीदार पर इस विश्वास का कारण स्पष्ट है। पांच वर्ष के विकास का इतिहास और आने वाले पांच वर्ष में विकास की नई आस।’
PM Modi in Moradabad: When they committed the second mistake in Pulwama, we entered their home & conducted airstrike. Udhar walon ko bhi samajh mein aa gaya hai ki agar teesri galti hui to lene ke dene padd jaenge.
सपा-बसपा सहित विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश 2014 में इन्हें बता चुका है कि जाति की स्वार्थभरी राजनीति नहीं, विकास चाहिए। उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश ने 2017 में फिर इन्हें बताया कि जाति की स्वार्थ भरी राजनीति नहीं, सबका साथ सबका विकास चाहिए।’
मोदी ने सपा-बसपा पर हमला जारी रखते हुए कहा, ‘(पश्चिमी उत्तर प्रदेश में) कैसे बहन-बेटियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ, कैसे लोगों को अपना घर, अपना कारोबार छोड़ना पड़ा, ये देश ने देखा है। जब पश्चिमी यूपी जल रहा था, मासूम लोग मारे जा रहे थे, तब उसके पीड़ितों की आवाज को अनसुना करने वाला कौन था?’
पीएम ने कहा, ‘अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए ऐसे लोगों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों की दुख-तकलीफें, उन पर जो गुजरी, सब भुला दिया है। पश्चिमी यूपी में कितना बड़ा पाप हुआ, पूरा देश इसका गवाह रहा है।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को घर दिए जा रहे हैं तो इसका फायदा भी सबको हुआ है। सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्शन भी हर परिवार को मिला है, चाहे वो किसी भी जाति का हो। मोदी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है तो इसका फायदा सबको हुआ है।