Showing posts with label Pulwama. Show all posts
Showing posts with label Pulwama. Show all posts

सहारनपुर के जिस मजदूर को आतंकियों ने मारा, उसके परिवार ने एक करोड़ का मुआवजा मांगा

कश्मीर में नितरोज हो रही आतंकवादियों द्वारा हत्याओं पर कब लगाम लगेगी? सरकार को आतंकवादियों पर कार्यवाही के साथ-साथ इनको पनाह दे रहे स्लीपर सेल्स पर भी कार्यवाही करनी चाहिए, क्योकि जब तक इन पर नकेल नहीं डाली जाएगी, हत्याओं का सिलसिला ख़त्म नहीं होगा। आखिर वो कौन हैं जो आतंकवादियों को पनाह दे रहे हैं? 

दूसरे, लाशों पर सियासत करते सियासतखोर देखे, लेकिन अब सौदा करने वाले भी देखने को मिल रहे हैं। नौकरी के अलावा एक करोड़ की मांग को लाश की बोली ही कहा जा सकता है। मृतक के भाई नईम का यह कहना कि उसका भाई आतंकवादियों की गोली से मरा है या मिलिट्री की यानि अप्रत्यक्ष रूप से शक की सुई मिलिट्री पर आ गयी। जब सुरक्षाकर्मियों पर आरोप की बात निकली है तो बहुत दूर तक जाएगी। ऐसे में मुआवजा देने से पूर्व यह भी जाँच होनी चाहिए कि क्या वह स्लीपर सैल था? पीड़ित परिवार द्वारा एक करोड़ की मांग अपने आप में बहुत बड़ा प्रश्न है। ऐसी मानसिकता वालों को किस श्रेणी में रखा जाए विचारणीय है।  

                                                             सभी चित्र ANI साभार 
कश्मीर में आतंकवादियों ने शनिवार 16 अक्टूबर को 2 आम नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक पर श्रीनगर में तो दूसरे पर पुलवामा में हमला किया गया। एक मृतक की पहचान 30 साल के अरविंद कुमार के रूप में हुई। अरविंद कुमार बिहार के रहने वाले थे। वह श्रीनगर में ठेला लगाकर अपना व्यवसाय चला रहे थे। वहीं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले सागिर अहमद पर पुलवामा में हमला हुआ था, वह कारपेंटर का काम करते था। 

सागिर के परिवार वालों ने आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य के लिए नौकरी की मांग की है। न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए मृतक के भाई मोहम्मद नईम ख़ान ने कहा,

“हमारे पास फोन आया कश्मीर से कि आप तीन चार आदमी घर के, गाड़ी करके आ जाओ। आपके भाई को गोली लगी है। हम कैसे जाएं? हमारे पास कोई साधन नहीं है। सरकार ही कोई इंतज़ाम कर दे कि हमारे भाई का शव हमारे पास आ जाए।”

सागिर अहमद की चार बेटियां और एक बेटा है। परिवार ने बताया कि बेटा राजस्थान में कोई छोटा मोटा काम करता है। पत्नी का 6 महीने पहले देहांत हो गया था। 

सागिर अहमद के भाई मोहम्मद नईम खान ने कहा कि उनके भाई के छोटे-छोटे बच्चों है। उनके लिए आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। उनके पास पैसे का कोई इंतज़ाम नहीं है। कोरोना में कारोबार बंद हो जाने की वजह से पिछले एक साल से उनके भाई ही काम कर रहे थे। आरोपियों के बारे में पूछने पर नईम ने कहा,

“यह तो हमको पता नहीं कि आतंकवादियों ने मारा या मिलिट्री ने। वे काम से छुट्टी करके जैसे ही घर गए, बर्तन मांज रहे थे तब गोली लगी। अब गोली आतंकवादियों की थी या मिलिट्री की, ये मालूम नहीं। हमें तो आगे का कुछ पता ही नहीं लगा! लेकिन जिन्होंने भी उनको मारा है उन्हें सख़्त से सख़्त सज़ा देनी चाहिए।”

नईम ख़ान ने परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की,

“उनके पीछे उनका बेटा, बहू, पोता और चार बेटियां है। हम सरकार से 1 करोड़ के मुआवजे की मांग करते है।”

उनके भाई ने बताया है कि वह पिछले डेढ़ साल से काम के लिए आते जाते रहते थे। अभी आख़री बार ढाई महीने पहले गए थे। तीन-चार दिन पहले उनसे बात हुई थी, एकदम ठीक थे, और अभी 1:30 घंटे पहले ख़बर आई कि उनका इंतकाल हो गया।   

आतंकवाद, भ्रष्टाचार, गरीबी हटाना हमारा मिशन : नरेन्द्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अप्रैल 14 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में कहा कि आतंकवाद, भ्रष्टाचार और गरीबी हटाना उनका मिशन है। मोदी ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मोदी का मिशन है। आतंकवाद को हटाना, भ्रष्टाचार को हटाना, बीमारी को हटाना, गरीबी को हटाना।’ उन्होंने उत्तर प्रदेश की पूर्व की सरकारों में हुई अनदेखी का उल्लेख करते हुए कहा, ” इतना बड़ा उत्तर प्रदेश और यहां इतने बड़े शक्तिशाली लोग, लेकिन उत्तर प्रदेश का हिन्दुस्तान में जो स्थान बनना चाहिए था, ये यहां की राजनीति ने बनने नहीं दिया।’ वहीं, मोदी ने सपा-बसपा पर हमला बोलते हुए कहा ‘आप कहते हैं कि आतंकवाद हटना चाहिए, लेकिन महामिलावट वाले कहते हैं कि मोदी हटना चाहिए।’
मोदी ने आगे कहा, पहले क्‍या होता था। आतंकवादी पाकिस्‍तान से आते थे, हम पर हमला करते थे और कांग्रेस सरकार दुनिया के सामने चिल्‍लाती रहती थी कि हम पर हमला हुआ है। लेकिन अब ये न्‍यू इंडिया है। जब आतंकियों ने उरी में हमला किया तो बहादुर सैनिकों ने सर्जिकल स्‍ट्राइक की। जब उन्‍होंने दोबारा गलती पुलवामा की, हम उनके घर में घुस गए और एयर स्‍ट्राइक की। उधर वालों को भी समझ में आ गया है कि अगर तीसरी गलती हुई तो लेने के देने पड़ जाएंगे। 
मोदी ने जनसभा में आए लोगों से कहा, ‘दुनिया में चेन्नई की चर्चा होती है। बेंगलूरू, मुंबई और अहमदाबाद की चर्चा होती है, मेरे उत्तर प्रदेश की होनी चाहिए कि नहीं, दुनिया के लिए उत्तर प्रदेश सबसे आकर्षण का केंद्र बनना चाहिए कि नहीं….’ वहीं सपा-बसपा पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जो लोग लोकसभा में प्रधानमंत्री का सपना देख रहे हैं। जो 40 सीट पर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, वो क्या देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं।’ उन्होंने तंज कसा, ‘आप कहते हैं कि आतंकवाद हटना चाहिए, लेकिन महामिलावट वाले कहते हैं कि मोदी हटना चाहिए।’
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती के मौके पर उन्हें याद करते हुए मोदी ने कहा, ‘ये बाबासाहेब के संविधान की ताकत है कि दलित समाज से निकलकर एक सज्जन राष्ट्रपति पद पर हैं। ये बाबासाहेब का संविधान है कि एक चाय वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है।’
पीएम ने कहा कि मोदी अपनी नहीं, बल्कि पूरे देश की सोचता है। ‘आप सभी लोगों के सहयोग से बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलने का इस चौकीदार ने प्रयास किया है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर सरकार चलाई है।’ मोदी ने कहा, ‘भाजपा और इस चौकीदार पर इस विश्वास का कारण स्पष्ट है। पांच वर्ष के विकास का इतिहास और आने वाले पांच वर्ष में विकास की नई आस।’
PM Modi in Moradabad: When they committed the second mistake in Pulwama, we entered their home & conducted airstrike. Udhar walon ko bhi samajh mein aa gaya hai ki agar teesri galti hui to lene ke dene padd jaenge.
सपा-बसपा सहित विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश 2014 में इन्हें बता चुका है कि जाति की स्वार्थभरी राजनीति नहीं, विकास चाहिए। उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश ने 2017 में फिर इन्हें बताया कि जाति की स्वार्थ भरी राजनीति नहीं, सबका साथ सबका विकास चाहिए।’
मोदी ने सपा-बसपा पर हमला जारी रखते हुए कहा, ‘(पश्चिमी उत्तर प्रदेश में) कैसे बहन-बेटियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ, कैसे लोगों को अपना घर, अपना कारोबार छोड़ना पड़ा, ये देश ने देखा है। जब पश्चिमी यूपी जल रहा था, मासूम लोग मारे जा रहे थे, तब उसके पीड़ितों की आवाज को अनसुना करने वाला कौन था?’
पीएम ने कहा, ‘अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए ऐसे लोगों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों की दुख-तकलीफें, उन पर जो गुजरी, सब भुला दिया है। पश्चिमी यूपी में कितना बड़ा पाप हुआ, पूरा देश इसका गवाह रहा है।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को घर दिए जा रहे हैं तो इसका फायदा भी सबको हुआ है। सौभाग्य योजना के तहत बिजली का कनेक्शन भी हर परिवार को मिला है, चाहे वो किसी भी जाति का हो। मोदी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है तो इसका फायदा सबको हुआ है। 

Balakot, Abhinandan, Pulwama टाइटल के रजिस्ट्रेशन के लिए बाॅलीवुड में छिड़ी जंग

Abhinandan, Balakot, Pulwama : Bollywood Producers Fight To Register “Patriotic” Movie Titles
आर.बी.एल.निगम, फिल्म समीक्षक 
1962 में भारत-चीन युद्ध उपरान्त फिल्म 'हकीकत' निर्मित होने बाद से देशभक्ति भावना पर आधारित फिल्मों का दौर शुरू हुआ था। उसके बाद 'शहीद', 'उपकार', 'क्रांति', 'बॉर्डर' और 'हिन्दुस्तान की कसम' आदि कई फिल्मों का निर्माण हो चूका है। अब हाल में उरी घटना पर निर्मित फिल्म से फिल्म निर्माताओं ने दर्शकों की नब्ज़ पढ़ वर्तमान में आतंकवाद पर हो रहे प्रहारों पर फिल्में निर्मित करने की होड़ लगना कोई नई बात नहीं। 
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ सेना सरकार के दिशा-निर्देश पर आतंकवाद पर प्रहार कर रही है, जबकि विपक्ष प्रमाण मांग रहा है, मुस्लिम क्षेत्रों में इस लड़ाई को मुस्लिम विरोधी बताकर दुष्प्रचार किया जा रहा है, वहीँ दूसरी ओर फिल्म निर्माता इन देशप्रेम से प्रेरित आतंकवाद पर हो रहे प्रहारों पर फिल्में निर्मित करने की होड़ में व्यस्त हैं।       
पुलवामा हमले के बाद आतंकवाद को लेकर भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगातार तनाव बढ़ रहा है। पूरा देश अभिनंदन के वतन लौटने की खुशी मना रहा है वहीं बाॅलीवुड इन मुद्दों को कैश कराने की कोशिश में लगा हुआ है। इसके तहत Abhinandan, Balakot, Pulwama  जैसे टाइटल को रजिस्टर कराने की होड़ शुरू हो चुकी है। कई डायरेक्टर और प्रोड्यूसर इन टाॅपिक्स पर फिल्म बनाने की तैयारी में जुट गए हैं।

ऐसे कर रहे हैं तैयारी

हंफिगटन पोस्‍ट की खबर के अनुसार 14 फरवरी को जब CRPF जवानों पर आतंकी हमला हुआ था और इस हमले में लगभग 44 जवान शहीद हुए थे उस पर भी फिल्म बनाने का आइडिया निकाला गया और तो और इस फिल्म के लिए कई टाइटल भी निकाले गए.. जैसे कि Pulwama: The Surgical Strike, War Room, Hindustan Hamara Hai, Pulwama Terror Attack, The Attacks of Pulwama, With Love, From India, and ATS - One Man Show. बाॅलीवुड के प्रोड्यूसर अपने असिस्टेंट के साथ इन टाॅपिक्स पर फिल्मों के नाम चुनने में व्यस्त है। हर कोई इस होड़ में हैं कि इन नामों को अपने लिए रजिस्टर करा सकें। बता दें कि भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ट्रेनिंग कैंप पर एयर स्ट्राइक की थी। यह दिन पश्चिमी मुंबई के अंधेरी स्थित इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स के ऑफिस के लिए सबसे ज्यादा व्यस्त रहा।
अवलोकन करें:-
इस वेबसाइट का परिचय

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में की ...

इससे पहले उरी में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी फिल्म कर चुकी है ताबड़तोड़ कमाई
पाकिस्तान पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक पर फिल्म बनी थी 'उरी: द सर्जिकल सट्राइक'.. इस फिल्म ने न सिर्फ लोगों का दिल जीता बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी ताबड़तोड़ कमाई की। फिल्म ने रिलीज के 47 दिनों में करीब 236 करोड़ रूपए का कलेक्शन कर लिया है। जाहिर है कि अब दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक यानी 'एयर स्ट्राइक' पर फिल्म बनाने के लिए फिल्म निर्माता बावले हुए जा रहे हैं।

18 अलगाववादी, 155 नेताओं से 1000 जवान, 100 गाड़ियां वापस ली गईं

यासीन मलिक समेत 18 अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा हटाई गई।जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 18 अलगाववादियों और 155 नेताओं को दी गई सुरक्षा फरवरी 20 को हटा दी। इस फैसले के बाद 1000 से ज्यादा जवान और 100 से ज्यादा गाड़ियां पुलिस की रूटीन ड्यूटी के लिए फ्री होंगी। सिविल सर्विसेज के 2010 के टॉपर और हाल ही में आईएएस की नौकरी छोड़ने वाले शाह फैजल का नाम भी सुरक्षा छिनने वालों की सूची में है।
राज्य के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा समीक्षा की बैठक में कहा गया कि अलगाववादियों को दी गई सुरक्षा संसाधनों की बर्बादी है। जिनकी सुरक्षा घटाई गई है, उनमें एसएएस गिलानी, आगा सैयद मौसवी, मौलवी अब्बास अंसारी, यासीन मलिक, सलीम गिलानी आदि शामिल हैं। इससे पहले रविवार को भी छह अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली गई थी।
वाघा बॉर्डर पर अटके पाक के ट्रक
वहीं, पाकिस्तान को अलग-थलग करने की नीति के तहत भारत ने आर्थिक तौर पर उसकी कमर तोड़नी शुरू कर दी है। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया था और वहां से आने वाले सामान पर ड्यूटी 200% तक बढ़ा दी थी। पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाघा बॉर्डर पर सामान से लदे पाकिस्तान के कई ट्रक अटके हुए हैं। पाक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलवामा हमले के बाद भारत की कोशिशें पाकिस्तान को आर्थिक मोर्चे पर हर तरह से नुकसान पहुंचा रही हैं।
पाकिस्तान के एक चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, 14 फरवरी को पुलवामा हमले से पहले ट्रक के जरिए अरबों रुपए का छुहारा वाघा बॉर्डर से भारत में एक्सपोर्ट होना था। हालांकि, अब वाघा बॉर्डर पर छुहारों से लदे सैकड़ों ट्रक खड़े हैं। एक ट्रक में तकरीबन 15 लाख रुपए का माल है। 200% इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद 15 लाख रुपए के सामान पर 30 लाख रुपए की ड्यूटी लगा दी गई है। इसके बाद लाहौर से आ रहे कई ट्रक बॉर्डर पहुंचे बिना ही लौट रहे हैं। पाकिस्तान की कई छुहारा मार्केट में कारोबार बंद हो चुका है। पिछले पांच दिनों में पाकिस्तान सरकार और वहां के कारोबारियों को अरबों रुपए का नुकसान हो चुका है।
पाक को चाय का निर्यात भी कम करेगा भारत
भारत के चाय उत्पादकों ने भी कहा है कि वे पाकिस्तान को निर्यात कम कर देंगे। 2018 में भारत ने पाकिस्तान में 1.58 करोड़ किलोग्राम चाय निर्यात की थी। 2017 के मुकाबले चाय के निर्यात में 7.43% का इजाफा हुआ था। चाय उत्पादकों का कहना है कि अब वे पाकिस्तान की बजाय मिस्र, मध्य पूर्व और रूस जैसे देशों में चाय निर्यात करने के बारे में सोचेंगे।

पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से एमएफएन का दर्जा वापस ले लिया है।
पुलवामा हमले का असर
पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीनने का फैसला किया था। इसके बाद से भारत पर पाकिस्तान से आयात होने वाली वस्तुओं पर किसी भी सीमा तक शुल्क बढ़ाने का अधिकार था। पाकिस्तान से आयात होने वाली दो प्रमुख वस्तुएं फल और सीमेंट हैं। अब तक फलों पर 30-50% और सीमेंट पर 7.5% कस्टम ड्यूटी लगती थी। अब यह ड्यूटी बढ़कर सीधे 200% हो चुकी है। भारत-पाकिस्तान के बीच सालाना 17 हजार करोड़ रुपए का कारोबार होता है। इसमें भारत की 80% और पाक की 20% हिस्सेदारी है।

भारत ने 1996 में पाक को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था
मोस्ट फेवर्ड नेशन यानी सबसे ज्यादा तरजीही वाला देश। विश्‍व व्‍यापार संगठन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार में सहूलियत लाने के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाता है। जिस देश को यह यह दर्जा मिलता है, उसे आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। भारत ने 1996 में पाकिस्‍तान को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था। 2016 में सिंधु जल समझौता खत्म करने के समय और उड़ी हमले के बाद भी भारत ने पाक से एमएफएन का दर्जा वापस लेने के संकेत दिए थे। हालांकि, बाद में केंद्र सरकार ने इसे जारी रखा था। पाक ने कभी भी भारत को एमएफएन का दर्जा नहीं दिया।

अवलोकन करें:-
इस वेबसाइट का परिचय

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
पुलवामा हमले के बाद पूरे देश में जारी रोष का असर अब दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर भी दिखाई देने लगा है। सड़क म...

इस वेबसाइट का परिचय

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 40 जवानों के शोक से देश अब तक उबरा ...

सेना ने पुलवामा हमले का लिया पहला बदला

पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा जैश ए मोहम्मद का आतंकवादी कामरान हिलाल और अब्दुल राशिद गाजी मारा गया है. सोमवार को पुलवामा में ही सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में दोनों खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया है. सेना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कामरान और राशिद गाजी के मरने की पुष्टि हो चुकी है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. 
पाकिस्तान से आए कामरान हिलाल के मारे जाने के साथ ही माना जा रहा है कि भारतीय सुरक्षाबलों ने पुलवामा हमले का थोड़ा बहुत बदला ले लिया है. हालांकि दोनों आतंकियों को मार गिराने में भारतीय सेना के चार जवान भी शहीद हुए हैं.
सूत्रों का कहना है कि कामरान हिलाल और अब्दुल राशिद गाजी को विशेष ट्रेनिंग देने के बाद पाकिस्तान से भारत भेजा गया था. जैश ए मोहम्मद के इन दोनों आतंकवादियों ने मिलकर पुलवामा अटैक को अंजाम देने के लिए ग्राउंड पर पूरी प्लानिंग की थी. बताया जा रहा है कि इन्हीं दोनों ने मिलकर आतंकी आदिल अहमद डार इस तरह से ट्रेंड किया था कि वह विस्फोटक से भरी कार को CRPF की बस से टकरा सके. इस हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे.
इससे पहले पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले के सिलसिले में पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया है. पुलवामा के निकट अवंतीपुरा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये. 
पुलिस ने आत्मघाती हमले की योजना से जुड़े होने के संदेह में इन युवकों को पुलवामा और अवंतीपुरा से हिरासत में लिया. अपनी तरह के इस पहले आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ने विस्फोटक से लदे वाहन को सीआरपीएफ की बस से टकरा दिया था. 
संघीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम ने विस्फोटक और फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर क्राइम सीन (अपराध के दृश्य) के फोरेंसिक मूल्यांकन के लिए आवश्यक सामग्री एकत्र की. टीम, अपराध के दृश्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए शनिवार को भी सामग्री जुटाने का काम करेगी. विश्लेषण समाप्त होने के बाद ही परिणाम का पता चल पाएगा. 
ऐसा माना जाता है कि इस पूरे हमले की योजना एक पाकिस्तानी नागरिक कामरान ने बनाई थी जो जैश ए मोहम्मद का सदस्य था. कामरान, दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, अवंतीपुरा तथा त्राल इलाके में सक्रिय था.
अवलोकन करें:-
इस वेबसाइट का परिचय

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
फवाद खान आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ फिल्म समीक्षक पुलवामा आतंकी हमले के बाद एक के बाद एक पाकिस्तान के खिलाफ चौतरफा कदम उठ...

फिदायीन(आत्मघाती हमलावर) की पहचान आदिल अहमद के रूप में की गयी है. वह पुलवामा के काकापुरा इलाके का निवासी आदिल 2018 में जैश में शामिल हुआ था. प्रारंभिक जांच के अनुसार दक्षिण कश्मीर के त्राल इलाके के मिदूरा में आतंकी हमले की योजना बनायी गयी. पुलिस, जैश के एक अन्य स्थानीय सक्रिय सदस्य की तलाश कर रही है जो विस्फोटकों की व्यवस्था में मददगार बना.
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ (CRPF) काफिले पर हमला करने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना और सुरक्षाबलों ने उस बिल्डिंग को ही उड़ा दिया है जिसमें ये आतंकी छिपे हुए थे. ऐसी खबर है कि इस मुठभेड़ में 2 आतंकी मारे गए है. जबकि दो आतंकियों की तलाश जारी है. मारे गए आंतकियों पाकिस्तान आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर कामरान हिलाल मारा गया है. वहीं इस एनकाउंटर में पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल गाजी भी मारा गया है. इस ऑपरेशन को सेना की 55 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की 182/183 बटालियन की ज्वाइंट टीम ने अंजाम दिया. ऑपरेशन अभी भी जारी है.
पिछले कई घटों से पुलवामा के पिंगलीना इलाके में आतंकियों के साथ सुरक्षाबलों की ये मुठभेड़ चल रही थी. इस मुठभेड़ में सेना के एक मेजर समेत 4 जवानों के शहीद हो गए है. मुठभेड़ के बाद इलाके के लोगों ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी है. समाचार एजेंसी एएनआई के एक वीडियो में पुलवामा पुलिस पत्थरबाजी कर रहे कश्मीरी युवाओं से अपील करती दिख रही है, 'आप लोग वापस चले जाइये'
जिस जगह आज ये मुठभेड़ हुई वह सीआरपीएफ हमले वाले स्थान से 10-13 किलोमीटर की दूरी पर है.  पिंगलीना इलाके में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों द्वारा खुद को घिरा देख फायरिंग शुरू कर दी थी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की. काफी देर तक हुई फायरिंग में सेना के एक मेजर, एक हेड कॉन्सटेबल और दो सिपाहियों के शहीद होने की खबर है. शहीद होने वाले जवानों में मेजर डीएस डोंडियाल, हेड कॉन्सटेबल सेवा राम, सिपाही अजय कुमार और सिपाही हरी सिंह है. वहीं इस हमले में बुरी तरह घायल होने वाले सेना के जवान सिपाही गुलजार मोहम्मद को श्रीनगर के बदामीबाग इलाके स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं सेना के एक और जवान के घायल होने की खबर है.
आतंकी संगठनों ने बहुत बड़ी गलती की, इसकी कीमत उनको चुकानी पड़ेगी: PM मोदी
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले पर पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि आतंकी संगठन और उनके सरपरस्त बहुत बड़ी गलती कर गए हैं और इसके गुनाहगारों को उनके किये की सजा जरूर मिलेगी. प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘आतंकी संगठनों को और उनके सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि वो बहुत बड़ी गलती कर गए हैं. मैं देश को भरोसा दिलाता हूं कि हमले के पीछे जो ताकतें हैं, इस हमले के जो भी गुनहगार हैं, उन्हें उनके किए की सज़ा अवश्य मिलेगी.’’

पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ पूरे विश्व में अलग-थलग पड़ चुका हमारा पड़ोसी देश अगर यह समझता है कि जिस तरह के कृत्य वह कर रहा है, जिस तरह की साजिशें कर रहा है, उससे भारत में अस्थिरता पैदा करने में सफल हो जाएगा, तो वह बहुत बड़ी भूल कर रहा है.’’ उन्होंने कहा कि इस समय बड़ी आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रहे हमारे पड़ोसी देश को यह भी लगता है कि वह ऐसी तबाही मचाकर, भारत को बदहाल कर सकता है. उसके ये मंसूबे भी कभी पूरे नहीं होंगे. पीएम मोदी ने कहा कि 130 करोड़ हिंदुस्तानी ऐसी हर साजिश, ऐसे हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे.
उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले के बाद, अभी मन: स्थिति और माहौल दुःख और साथ ही साथ आक्रोश का है. ‘‘ऐसे हमलों का देश डटकर मुकाबला करेगा, रुकने वाला नहीं है. हमारे देश के जिन वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है, उनके सपनों को पूरा करने के लिए हम अपने जीवन का पल-पल खपा देंगे.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वह पुलवामा के आतंकवादी हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. उन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं. दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं, उनके परिवारों के साथ हैं.(एजेंसीज इनपुट्स)

Pulwama terror attack: PM मोदी के इस ट्वीट के बाद हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक, क्या कहता है इस बार का Tweet?

Pulwama Terrorist attackइस हमले में केंद्रीय सुरक्षा बल के कम से कम 40 जवान शहीद हो गए। सुरक्षाबलों पर यह हमला उस समय हुआ जब उनका काफिला जम्मू से श्रीनगर आ रहा था। इस आतंकवादी हमले पर अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक आतंकवादियों ने आईईडी ब्लॉस्ट के जरिए वाहनों को निशाना बनाया और उन पर स्वचालित हथियारों से फायरिंग की। इसके अलावा हमले में कार बम के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।
Narendra Modi tweet on Pulwama attackप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले को आतंकवादियों की घृणित कार्रवाई बताया है और कहा है कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी।जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने कहा, 'पुलवामा में हमले के मद्देनजर स्थिति को लेकर गृह मंत्री राजनाथ सिंह जी और अन्य शीर्ष अधिकारियों से बात की है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'पुलवामा में सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला घृणित है। मैं इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। पूरा देश बहादुर शहीदों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। घायल जल्दी ठीक हों।' 
आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने घटना की जिम्मेदारी ली है। खुद को जेईएम का प्रवक्ता बताने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने स्थानीय समाचार एजेंसी जीएनएस को दिए एक बयान में कहा कि यह संगठन द्वारा किया गया एक फिदायीन हमला था। आतंकियों ने IED में विस्फोट करने के बाद सीआरपीएफ बस पर स्वचलित हथियारों से गोलियां भी बरसाईं। राजमार्ग पर एक चलती कार के भीतर आईईडी लगाया गया था और जब कार सीआरपीफ बस के समीप पहुंच गई तो उसमें विस्फोट कर दिया गया। यह बस जम्मू से श्रीनगर की ओर जा रहे सीआरपीएफ काफिले का हिस्सा थी। 
Attack on CRPF personnel in Pulwama is despicable. I strongly condemn this dastardly attack. The sacrifices of our brave security personnel shall not go in vain. The entire nation stands shoulder to shoulder with the families of the brave martyrs. May the injured recover quickly.
Spoke to Home Minister Rajnath Singh Ji and other top officials regarding the situation in the wake of the attack in Pulwama.
Condemn the cowardly terror attack on our jawans in Pulwama, J&K today.

Our homage to the 18 brave hearts who made the supreme sacrifice & condolences to their family.

Uri, Pathankot, Pulwama- the terror list & compromise of National Security by Modi Govt continues unabated.
कांग्रेस ने हमले की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का सिलसिला लगातार जारी है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'हम पुलवामा में कायराना आतंकी हमले की निंदा करते हैं। सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने 18 बहादुर जवानों को हमारी श्रद्धांजलि। हम उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि उरी, पठानकोट, पुलवामा। मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया जाना लगातार जारी है।
उरी हमले के बाद प्रधानमंत्री ने आतंकवादियों को सबक सिखाने के लिए कुछ इसी तरह की भाषा का प्रयोग किया था। उरी हमले के बाद प्रधानमंत्री ने कहा था, 'उरी में हुए कायराना आतंकवादी हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। मैं देश को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि इस घिनौने हमले के पीछे जो भी हैं उन्हें सजा मिलकर रहेगी।'

We strongly condemn the cowardly terror attack in Uri. I assure the nation that those behind this despicable attack will not go unpunished.

आतंकवादियों ने 18 सितंबर 2016 को उरी स्थित सैन्य छावनी पर तड़के हमला किया था। इस हमले में सेना के 17 जवान शहीद हुए थे। इस हमले के 11 दिनों बाद 29 सितंबर को भारतीय फौज ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। सेना के इस सर्जिकल स्ट्राइक में बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए। छावनी में सो रहे जवानों पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने हमला किया था।  
पुलवामा में आतंकवादी हमले के बाद प्रधानमंत्री ने कहा है कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय फौज आने वाले समय में आतंकवादियों को करारा जवाब दे सकती है या सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई कर सकती है।  
भूटान से विदेश सचिव को वापस बुलाया 
Ajit Dovalजम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में फरवरी 14 को जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम 30 जवान शहीद हो गये। पुलिस ने आतंकवादी की पहचान पुलवामा के काकापोरा के रहने वाले आदिल अहमद के तौर पर की है। उन्होंने बताया कि अहमद 2018 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुआ था। हताहतों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है।
इस आतंकी वारदात के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अजित डोभाल से बात की ही। सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी उन्हें घटना की लगातार जानकारी दे रहे हैं। इस बीच गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पुलवामा अटैक के बाद आईबी डायरेक्टर और एनएसए अजित डोभाल से बात की है और भूटान दौरे पर आज ही थिंपू पहुंचे केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा ने समय से पहले यात्रा समाप्त कर भारत लौटने का फैसला किया है।
पुलवामा में हुआ यह आईआईडी विस्फोट इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आस पास बिखरे क्षत-विक्षत शवों को देखा जा सकता है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट की घटना श्रीनगर जम्मू राजमार्ग पर अवंतिपुरा इलाके में हुई।
कांग्रेस ने पूछा : "56 इंच कब बदला लेगा?"; "एक-एक बूँद का बदला लेंगे" : वी.के.सिंह 
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को बड़ा आतंकी हमला हुआ है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, इस हमले में 30 से ज्यादा जवान शहीद हो गए हैं। हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी। धमाका इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए और आस पास क्षत-विक्षत शव बिखर गए। 
हमले पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, 'मैं जम्मू-कश्मीर में CRPF के काफिले पर कायरतापूर्ण हमले से बहुत परेशान हूं, जिसमें हमारे 10 बहादुर जवान शहीद हुए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं। हमारे शहीदों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।' I’m deeply disturbed by the cowardly attack on a #CRPF convoy in J&K in which 10 of our brave men have been martyred and many others wounded. My condolences to the families of our martyrs. I pray for the speedy recovery of the injured.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 14, 2019
Extremely shocking news coming from Pulwama (J&K). I strongly condemn the terror attack on CRPF convoy in which many casualties are feared. India must stand united in this moment of grief
हमले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, 'पुलवामा से बेहद चौंकाने वाली खबर। मैं सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं जिसमें कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। दुख की इस घड़ी में भारत को एकजुट होना होगा।' 
Disturbing news coming in from . Twelve of our security personnel have been martyred and several have been injured. No words are enough to condemn the gruesome terror attack. How many more lives will be snuffed out before this madness ends?
4:43 PM - Feb 14, 2019
वहीं राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'अवंतिपुरा से परेशान करने वाली खबर। हमारे बारह सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं और कई घायल हुए हैं। कोई भी शब्द भीषण आतंकी हमले की निंदा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इस पागलपन के खत्म होने से पहले कितने और लोगों का जीवन छिन जाएगा?' 
Terrible news coming from the valley. A number of CRPF soldiers are reported to have been killed & injured in an IED blast. I condemn this attack in the strongest possible terms. My prayers for the injured & condolences to the families of the bereaved.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'दुख की बात है कि पुलवामा में आज सीआरपीएफ के 13 जवान शहीद हो गए। हम अपने बहादुर जवानों को सलाम करते हैं और उनके परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता और संवेदना व्यक्त करते हैं। घायल लोगों के लिए हमारी प्रार्थना। हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।'