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SFJ प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सीएम योगी और अजय मिश्रा का घेराव करने के लिए भड़काया, कहा- “अब खालिस्तान ही एकमात्र रास्ता है। किसान हल खालिस्तान।”

जिस किसान आंदोलन को मोदी विरोधी तन, मन और धन से अपना समर्थन दे रहे, 
लखीमपुर हिंसा मामले को जहां कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं  देश विरोधी ताकतें भी इसका फायदा उठाने में लगी हैं।
 जो इस बात को दर्शाती है कि मोदी-योगी विरोधियों को देश से नहीं बल्कि देश विरोधी ताकतों से कितना लगाव है। 4 अक्टूबर, 2021 को खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो और एक पत्र जारी किया था। इसमें पन्नू ने 9 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा का घेराव करने के लिए भड़काया था। साथ ही ड्रोन और ट्रैक्टर का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी।

अपने बयान में पन्नू ने कहा, “आज यूपी के लखीमपुर में चार किसानों की हत्या कर दी गई। किसानों के विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं। अब खालिस्तान ही एकमात्र रास्ता है। किसान हल खालिस्तान।” पन्नू ने कहा आगे कहा, “योगी और अजय मिश्रा को घेरो। हथियार मत उठाओ। कानूनी आतंक का प्रयोग करो। उन्हें घर में ही नजरबंद कर दो। केवल खालिस्तान ही आपकी समस्याओं का समाधान कर सकता है। अगर सैकड़ों मौतें आजादी के लिए होतीं तो हम अब तक आजादी पा चुके होते।”

लखीमपुर खीरी में मारे गए किसानों के परिजनों से गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कहा कि वे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी गई मुआवजा राशि वापस कर दें। वह उन्हें दोगुनी राशि प्रदान करेगा। पन्नू ने एक पत्र जारी कर घटना में मारे गए हर किसान के परिवार को 7,500 डॉलर देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उसने यह भी उल्लेख किया कि 9 अक्टूबर ही वह दिन है, जब सुखा और जिंदा को जनरल एएस वैद्य की हत्या के मामले में दोषी पाए जाने के बाद फांसी दी गई थी।

किसान आंदोलन की आड़ में सिख फॉर जस्टिस लगातार साजिशों को अंजाम दे रहा है। गुरपतवंत सिंह पन्नू ने गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराने वालों के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा की थी। पॉप सिंगर रिहाना को किसान आंदोलन के समर्थन में पोस्ट करने के बदले 2.5 मिलियन डॉलर यानि करीब 18 करोड़ रुपये मिले थे। इस डील के पीछे कनाडा की पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन का हाथ था, जिसने दिल्ली में प्रदर्शन की प्लानिंग की थी और टूलकिट नाम का एक डॉक्यूमेंट तैयार किया था।

पन्नू की धमकी के बाद केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और राज्य पुलिस मुख्यमंत्री योगी की सुरक्षा को लेकर सचेत हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी के सुरक्षा घेरे और रूट को लेकर कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। भारत में देशविरोधी कैंपेन चलाने के आरोप में साल 2019 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सिख फॉर जस्टिस पर बैन लगाया गया था। एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि मौजूदा समय में पन्नू भारत का नागरिक नहीं है। उसके खिलाफ कार्रवाई में यही सबसे बड़ी बाधा बन गई है। हालांकि एनआईए ने पंजाब और हरियाणा में पन्नू के खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं।

हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र मीम बनाने वाला एंजियो फर्नांडिस हुआ गिरफ्तार,

एंजियो फर्नांडिस
अयोध्या में अगस्त 5 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास करने के बाद से राममंदिर विरोधियों द्वारा विवादित बयानबाज़ी होने पर स्मरण हो रही थी रामलीला मंचन। जिस तरह ऋषि विश्वामित्र द्वारा राम-लक्ष्मण को राक्षसों से रक्षा के लिए ले जाने से लंका विजयी करने तक अनेकों राक्षसों से युद्ध करना पड़ा था और उस युद्ध में एक से बढ़कर एक राक्षस निकल कर आ रहे थे, लेकिन राम विचलित नहीं हुए बल्कि वध पर वध कर आगे बढ़ते गए, ठीक उसी भांति हिन्दू विरोध करने वाले साम्प्रदायिक भी अपने बिलों से बाहर आ रहे हैं। 
हिन्दुओं पर और उनके देवी-देवतों पर अभद्र टिप्पणी करने पर कोई गंगा-जमुनी तहजीब का राग अलापने वाला, #intolerance, #not in my name, #mob lynching, #freedom of expression आदि कोई गैंगस्टर नहीं बोल रहा। ये सेकुलरिज्म के नाम पर जनता से छलकपट करने वाला कोई नेता भी नहीं बोल रहा, मानों वो हिन्दू नहीं। अपनी कुर्सी की खातिर जो पार्टी एवं नेता अपने देवी-देवताओं का अपमान चुपचाप सहे, क्या वह पार्टी हिन्दू वोट के हक़दार हैं? और मुफ्त की रेवड़ियां खाने के चक्कर में जो हिन्दू इन्हे वोट दे, वह वर्तमान समय में किसी जयचन्द से कम नहीं। क्यों नहीं इनकी चिकनी चुपड़ी बातों में आने की बजाए इनका सामाजिक बहिष्कार किया जाए।       
सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के ऊपर अभद्र टिप्पणी करके समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गोवा की वास्को पुलिस ने 20 साल के एंजियो फर्नांडिस को गिरफ्तार किया है।
वास्को के पुलिस अधिकारी नीलेश राणे ने शिकायतों का हवाला देते हुए बताया कि फर्नांडीस ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम और हिंदू देवाताओं की विभिन्न अपमानजनक तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिससे कई लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची थी।
उन्होंने बताया कि वह इस मामले में आगे की जाँच कर रहे हैं और ये पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कहीं एंजियों के साथ इन सबमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं था।



यह गिरफ्तारी दो दिन पहले हुई थी और शिकायतकर्ताओं ने माँग उठाई थी कि एंजियो के ख़िलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि दोबारा कोई ऐसी हरकत न कर सके। इससे पहले गोवा के हिंदवी स्वराज संगठन के अध्यक्ष ने इस फर्नांडीस के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। फिर मुस्लिम लोगों ने भी एंजियों के खिलाफ़ केस दर्ज करवाया था।
जानकारी के मुताबिक, एंजियो फर्नांडिस फेसबुक पर अपने असली नाम के साथ और इंस्टाग्राम पर zb.dark आईडी से अकॉउंट संचालित कर रहा था। इन्हीं प्लेटफॉर्म पर वह देवी-देवताओं का अपमान करते हुए तस्वीरें पोस्ट करता था। नीचे वाली तस्वीर में हम देख सकते हैं उसने मुख्यत: हिंदुओं के भगवानों का मजाक बनाया।
फर्नांडिस द्वारा इंस्टाग्राम पर शेयर की गई कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रही हैं। यूजर्स उसकी हरकत पर ध्यान आकर्षित करवाने के लिए इन्हें आगे बढ़ा रहे हैं। इन्ही में से एक तस्वीर में हम देख सकते हैं कि भगवान गणेश से गज-मुख से जुड़ी कहानी की तुलना ISIS की बर्बरता से करता है।
इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उस फोटो पर तंज कसता है जिसमें माता लक्ष्मी भगवान के चरणों के पास बैठी नजर आती हैं। एक अन्य फोटो में वह हिंदुओं की देवी का चित्रण ‘Fucking virus’ लिख कर करता है और उस तस्वीर में दर्शाता है कि वह कोरोना के कारण अपने कई हाथों को धुल रही हैं।
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भगवान् राम और सीता को गाली देने वाली हीर खान अल्लाह के सिवा किसी से न डरने का दावा करने वाली, पुलिस और होम गार्ड से ही...
इसी प्रकार साई बाबा की तस्वीर पर भी, “fu*k it SHY BABA” लिखता है और ‘गणपति बप्पा’ की तस्वीर के नीचे एक लड़की की अर्धनग्न तस्वीर लगाता है, साथ ही ‘गणपति मोरया’ की जगह मीम के नाम पर अभद्रता पेश करता है।

‘कोरोना मुसलमानों को नपुंसक बनाने की चाल, नर्स अगर हिंदू हो तो उसे लगा दो इंजेक्शन’ – AIMIM नेता अबु फैजल

असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM नेता अबु फैजल
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
एक शेर है, 
पहने थे हार, गला अपना सजाने को,
वही बन गए हैं, नाग इन्हें डस जाने को।  
जो समस्त मुस्लिम समाज और इनके उन मुस्लिम नेताओं पर शत-प्रतिशत चरितार्थ होती है, जिन्हे मुस्लिम अपना हितैषी मानते है। फिर जब कोई कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा इस भड़काऊ बयान का जवाब देंगे, तब कोई मुसलमान यह नहीं कहेगा कि "यह क्रिया की प्रक्रिया है।" और सारा दोष इन पर थोप देंगे। 
इन अक्ल से पैदल नेताओं को शायद नहीं मालूम कि ये अपने मुसलमानों के शुभचिंतक नहीं बल्कि सबसे बड़े दुश्मन हैं। ये अक्ल से पैदल नेता मुसलमानों को भड़का कर मुसलमानों का नहीं बल्कि अपना ही भला कर तिजोरियां भरने में प्रयत्नशील हैं। इन्हे किसी मुसलमान की चिंता नहीं, इन्हे चिंता है बस अपनी तिजोरी की। कोरोना पर ऐसे भड़का रहे हैं, जैसे यह सिर्फ भारत में ही है। इससे बड़ा इनके पैदल दिमाग का प्रमाण नहीं मिल सकता। कार्यवाही कोरोना पीड़ित मस्जिदों में छुपे जमातियों पर हो रही है, नाकि इस्लाम के विरुद्ध। विश्व मोदी के प्रयासों को सराह रहा है, परन्तु तिजोरी भरने के मकसद से सियासत में आए इसे इस्लामॉफ़ोबिआ बनाकर अपनी ही कौम को मौत के मुंह में धकेलने पर आमादा है। हिन्दू मुसलमान कर रहे हैं, पता नहीं किस कालकोठरी से तालीम लेकर नेता बने फिर रहे हैं। ऐसे लोग नेता तो क्या किसी दुकान अथवा ऑफिस में चपरासी के भी लायक नहीं।    
कोरोना महामारी के बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के नेता अबु फैजल का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में पार्टी नेता संक्रमण के बारे में बात करते हुए समुदाय विशेष अर्थात मुस्लिमों को इसका इलाज कराने से मना कर रहे हैं। वीडियो में फैजल दावा कर रहे हैं कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं कि कोरोना का तो केवल बहाना है। वास्तविकता में सरकार और डॉक्टर मिलकर मुस्लिम महिलाओं को ऐसा इंजेक्शन दे रहे हैं, जिनसे उनके बच्चे न हों और मुस्लिम आबादी न बढ़े। अपनी वीडियो में फैजल अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मुस्लिम लोगों को सख्त तौर पर हिदायत दे रहे हैं कि वे किसी तरह का इंजेक्शन न लें और अगर कोई बार-बार बोले तो उसका हाथ तोड़ दें या फिर वो इंजेक्शन पहले उसके लगा दें।
अपनी वीडियो में फैजल मुस्लिम महिलाओं को बोलते हैं कि अगर नर्स इंजेक्शन लगाने पास आए तो उसका नाम पूछो अगर वे मुसलमान नहीं है, और कोई ‘लिंडी’ यानी हिंदू है, तो आधा इंजेक्शन उसे दे दो।
अपनी बात को साबित करने के लिए अबु इस दौरान एक ऑडियो भी चलाते हैं। हालाँकि, ये ऑडियो किसकी होती है, इसपर वह कुछ नहीं कहते, लेकिन इस ऑडियो में एक व्यक्ति ये कहता सुनाई पड़ता है कि पहले मुसलमानों को पकड़ा जाता है, फिर मारा जाता है और बाद में बच्चों-बुजुर्गों को छोड़ दिया जाता है। इसके बाद जवानों को अपने साथ ले जाकर ऐसी दवा देते हैं, जिससे मुसलमान या तो नपुंसक हो जाता है या फिर धीरे-धीरे बीमार होकर मर जाता है।
अबु फैजल की वीडियो इतने के बाद भी नहीं खत्म होती। आगे की वीडियो में फैजल विश्व भर में हाहाकार मचा रही बीमारी को ही खारिज कर देता है। फैजल कहते हैं कि कोरोना-शोरोना कुछ नहीं है। ये आरएसएस वायरस चल रहा है। सारी मीडिया को एक काम पर लगा दिया गया है कि मुस्लिम और इस्लाम को टारगेट करते रहो, ताकि देश का माहौल खराब हो सके और जो लोग गौ मूत्र पर अमल करते हैं, उनके जेहन में गौ-मूत्र चलता रहे।
उनका कहना है कि इन्हीं सबके कारण मुसलमानों को कारोबार करने नहीं दिया जा रहा है। मुस्लिमों को कुछ बेचने नहीं दिया जा रहा है और उन्हें कहीं आने-जाने पर भी रोक है। वे इन हालातों को सरकार की साजिश बताते हैं।
अपनी वीडियो में वे सभी मुस्लिमों से एकत्रित होने की बात करते हैं और गौ मूत्र पीने वालों को सबक सिखाने की बात करते हैं। वे कहते हैं, “सभी कलमा पढ़ने वाले एक हो जाओ, ये वक्त बहुत खतरनाक है। रही बात उनकी जो तलवार दिखा रहे हैं, तो बता दें इससे हमारी औरतें सब्जी काटती हैं। जब वक्त आएगा तो इनके ***में घुसा देगें।” आगे फैजल धमकी देते हैं कि रमजान हैं इसलिए वे शांत हैं और तमीज से बात कर रहे हैं। वरना पूरे भगवा को फाड़कर रख दें।

इसके बाद आरएसएएस का नाम लेते हुए उनके समर्थकों गाली देते हैं। वे कहते हैं, “पापियों, दरिंदो, आरएसएस के चट्टुओं, चोरों, फ्रॉडियों, मूत्र पीने वालों तुम्हारे शरीर में अगर खून होता, तो तुम इंसानियत की सोचते, इंसानों की सोचते। लेकिन तुम तो सुअर की औलाद हो, तुम्हारे अंदर मूत्र दौड़ता है। तुम तो टट्टी खाते हो, टट्टी से नहाते हो.. तो इंसानियत कहाँ से होगी तुम्हारे पास?”
वो कहते हैं कि तुम्हें पहले मुसलमानों से इज्जत मिलती थी। लेकिन अब नहीं मिलेगी। तुम जानवर की औलाद हो। तुम्हारी असलियत दुनिया जान चुकी है। तुम आतंकी हो। याद रखो जब हम मारना शुरू करेंगे तो कहीं जगह नहीं मिलेगी और न कोई भगवा में छिप सकोगे।
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तब्लीगी जमाती, विधायक संजय शर्मा (साभार नवभारत टाइम्स) तबलीग़ी जमात के 40 लोगों ने रविवार (3 मई, 2020) को अलवर के केदलगंज स....
पिछले काफी समय से हम लोग इस बात को लेकर आश्चर्य जताते रहे है कि कि राजस्थान से लेकर कर्नाटक तक आखिर किस मानसिकता के लोग हैं, जो कोरोना योद्धाओं का सहयोग करने की बजाय उनपर हमला कर रहे हैं। तो शायद अब ये ऑडियो सुनकर और इसमें कही बातों के मुख्य बिंदु पढ़कर हमें समझ आए कि आखिर किस तरह की अफवाहें और नेतृत्व के कारण पूरे देश में स्वास्थकर्मियों पर हमला हुआ और अधिकतर आरोपित समुदाय विशेष के लोग रहे। जो समय-समय पर नर्सो, आशाकर्मियों और डॉक्टरों को देखकर इल्जाम लगाते रहे कि वे उनकी जानकारी एनआरसी आदि के लिए इकट्ठा कर रहे हैं।

’20 करोड़ हो, पुलिस से मत डरो, लड़ कर मरो: पूर्व जस्टिस बीजी कोलसे, बॉम्बे हाईकोर्ट

पूर्व जस्टिस कोलसे
CAA, NRC और NPR पर देश के तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग ने भी जनता को गुमराह करने और भड़काने का खूब प्रयास किया है। इसी का एक उदाहरण बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस बीजी कोलसे हैं। बीजी कोलसे का जनवरी माह में दिए गए भाषण का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इसमें वे मुस्लिमों को उनका ‘संख्याबल’ याद दिलाते हुए उन्हें सड़कों पर उतरने की राय देते हुए देखे जा रहे हैं।
जिस विडियो से यह क्लिप ली गई है, उसमें पूर्व जस्टिस कोलसे मुसलमानों से यह शिकायत भी करते हैं कि वो लोग कभी इकट्ठे नहीं होते। इसके कारण उन्हें आदिवासियों को अपनी सभाओं में बुलाना पड़ता है। पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने पूर्व जस्टिस बीजी कोलसे के भाषण को ट्वीट करते हुए लिखा है, “इस देश की अदालतें यूँ ही आतंकवादियों के लिए रात को नहीं खुल जातीं। यूँ ही दंगाइयों के अधिकारों के लिए खड़ी नहीं होती। ज्यूडिशियरी में #UrbanNaxals घुसे पड़े हैं। महाराष्ट्र के पूर्व न्यायाधीश को सुनिए- कैसे मुसलमानों को भड़का रहे हैं- 20 करोड़ हो, पुलिस से मत डरो, लड़ कर मरो।”

इस विडियो में पूर्व जस्टिस कोलसे को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आप लोग संख्या में कुछ कम नहीं हैं। 20-25 करोड़ की आबादी है, यदि रास्ते पर आते तो दुनिया हिल जाती लेकिन आप लोग डरते थे। कोलसे ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए आपत्ति जताते हुए कहा है कि उन्हें अपने ‘आरएसएस मुक्त भारत’ की सभा मे आदिवासी लाने पड़े, क्योंकि मुस्लिम नहीं आते थे।
उन्होंने कहा कि यह आप लोगों को निर्णय लेना है कि आप लड़कर मरेंगे या सड़कर मरेंगे। यह विडियो जनवरी, 2020 का है। वह जमात-ए-इस्लामी हिन्द के कार्यक्रम में जनसभा को सम्बोधित कर रहे हैं। विडियो के पूरे भाग में उन्होंने ब्राह्मणवाद पर भी कटाक्ष करते हुए कहा है कि जहाँ ब्राह्मणवाद की सरकार हो, वहाँ से भ्रष्टाचार कभी जा ही नहीं सकता है। यह कार्यक्रम जमात-ए-इस्लामी हिंद मुंबई, मराठी पत्रकार संघ और एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (एपीसीआर) की ओर से संयुक्त रूप में किया गया था।
जस्टिस कोलसे हमेशा ही अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। इससे पहले उन्होंने जस्टिस लोया की मृत्यु पर आरोप लगाते हुए कहा था कि किसी दिन उन्हें भी मार दिया जाएगा।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार जैसे-जैसे दिल्ली दंगों की जाँच आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सबसे प्रमुख ...
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जहांजेब समी और हिना बशीर बेग की गिरफ्तार (फाइल फोटो) ) ISIS से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार कश्मीरी पति-पत्नी के मो...

पूर्व जस्टिस बीजी कोलसे का यह पूरा भाषण आप इस लिंक पर देख सकते हैं

अगर मुसलमानों से ज्यादती होगी, उनको दंगाई ठहराओगे तो इस मुल्क में दंगे होते रहेंगे: अमानतुल्लाह

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार  हमेशा भड़काऊ बयान देते रहने वाले आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। उन्होंने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में आईबी कॉन्सटेबल अंकित शर्मा की हत्या के आरोपित ताहिर हुसैन का बचाव करते हुए मुस्लिम कार्ड खेला है। इसके साथ ही उसने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तबके के साथ नाइंसाफी हो रही है।
अमानतुल्लाह खान ने बेहद भड़काऊ बयान देते हुए कहा, “अब ऐसा लग रहा है कि जैसे पूरी फसाद सिर्फ ताहिर हुसैन ने किया हो। कहीं न कहीं उन लोगों को जो फसादी थे। उन लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है और इस पूरे दंगे को मुसलमानों पर लादा जा रहा है। कहीं न कहीं इस दंगे को एक रुख दिया जा रहा है कि जैसे ये पूरा दंगा ताहिर हुसैन ने कराया हो या उसके लोगों ने कराया हो। अगर पक्षपात होगा, आप सिर्फ मुसलमानों से ज्यादती करोगे। उनको जेल भेजोगे, उनको दंगाई ठहराओगे तो इस मुल्क में दंगे होते रहेंगे।”

उनके इस बयान से उनकी धमकी साफ तौर पर झलक रही है। बता दें कि ये उसी ताहिर हुसैन की बचाव में बोल रहे है, जो AAP के पार्षद थे, लेकिन दंगों में आरोपित पाए जाने के बाद पार्टी ने उससे पीछा छुड़ाने के लिए उसे निलंबित कर दिया था। दंगे के दौरान ताहिर के घर की छत पर से सैकड़ों की संख्या में पेट्रोल बम मिले थे, एसिड मिले थे, पत्थर मिले थे, गुलेल मिला था और इसके साथ ही कई ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिसमें साफ तौर पर ताहिर की छत पर से लोगों को हिंसा फैलाते हुए, आगजनी करते हुए साफ दिखाई दे रहा था। ताहिर के छत से गुलेलों से पेट्रोल बम दागे गए थे। अंकित शर्मा की हत्या की गई। इसके साथ ही कई अन्य लोगों की नृशंस हत्या की गई।
अब जब लोगों की जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। पुलिस शांति-व्यवस्था कायम करने के साथ ही अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही तो अमानतुल्लाह खान ने एक बार फिर से भड़काऊ बयान देकर शांति को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।
इससे पहले भी अमानतुल्लाह खान ने ताहिर हुसैन का बचाव किया था। अमानतुल्लाह ने एक ट्वीट किया था। जिसमें लिखा कि आज ताहिर हुसैन सिर्फ इस बात की सजा काट रहा है कि वो एक मुस्लिम है। शायद आज हिंदुस्तान में सबसे बड़ा गुनाह मुस्लिम होना है, ये भी हो सकता है कि आने वाले वक्त में यह साबित कर दिया जाए कि दिल्ली की हिंसा ताहिर हुसैन ने कराई है। 
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अंकित शर्मा की जघन्य हत्या के मामले में आरोपित सलमान गिरफ्तार (फोटो साभार-ANI) दिल्ली दंगों के दौरान आइबी (IB) कॉन्सटेब....
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दिल्ली हिन्दू विरोधी हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की पूछताछ में एक आरोपित से बड़ा खुलासा हुआ है। PFI के सदस्य दानिश ने ....
इससे पहले भी अमानतुल्लाह खान ने ताहिर हुसैन के समर्थन में ट्वीट किया था, इसमें लिखा था, “ताहिर हुसैन बेकसूर है। बीजेपी अपने नेताओं को बचाने के लिए और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए ताहिर हुसैन को झूठे केस में फँसा रही है।”