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एक ज्योति, नकाब कई… क्या दानिश पर मर मिटी थी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाली भारत की यूट्यूबर? क्या पाकिस्तान ज्योति को भारत विरोधियों को परोस रहा था?

गाज़ी जिन्हे मुग़ल बादशाह बताया जाता है भारत पर कब्ज़ा करने अपने साथ फौज नहीं लाए थे क्योकि उनको मालूम था कि वहां बिकाऊ जयचन्द मौजूद हैं। इसी तरह ब्रिटिशर्स को मीर ज़ाफ़र मिल गए।  
यदि आपका सोशल मीडिया से वास्ता है तो शायद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा (Youtuber Jyoti Malhotra) को जानते होंगे। शायद उसके चैनल ‘ट्रैवल विद जो (Travel with JO)’ का वीडियो भी देखा हो। अब खुलासा हुआ है कि यह ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान की जासूस है।

सोशल मीडिया से ही ज्योति ने नाम बनाया। सोशल मीडिया की गतिविधियों से ही वह एजेंसियों की रडार पर आई। उसका सोशल मीडिया प्रोफाइल खँगालते ही आपको एहसास हो जाएगा कि उसके लिए पाकिस्तान जाना और वहाँ के बड़े लोगों से मिल लेना कोई बड़ी बात नहीं थी।

ऐसे में यह सवाल उठता है कि उसके पीछे किसका हाथ है? अब उसके ही एक वीडियो से पता चला है कि वह दिल्ली के पाकिस्तानी उच्चायोग में राजनयिक बनकर तैनात उस ISI जासूस एहसान उर रहीम उर्फ दानिश के सीधे संपर्क में थी, जिसे हाल ही में भारत ने देश छोड़ने का आदेश दिया था। दावा यह भी है कि दानिश पर ज्योति मर मिटी थी। यह भी कहा जा रहा है कि दानिश ही ज्योति के पाकिस्तान आने-जाने का खर्च उठाया करता था।

आश्चर्यजनक तौर पर ज्योति को पाकिस्तान का वीजा आसानी से मिल जाता था। वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे नवाज शरीफ की बेटी और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज से उनके बगल में ऐसे खड़ी होकर बतियाती थी, जैसे गहरी यारी हो।

आश्चर्यजनक यह भी है कि जिस पहलगाम में हिंदुओं की इस्लामी आतंकियों ने धर्म पूछ-पूछकर हत्या की थी, वहाँ की उसने अटैक से कुछ महीने पहले ही यात्रा की थी और वीडियो बनाए थे। पहलगाम अटैक के बाद एक वीडियो में उसने पीड़ितों और भारत सरकार को ही इसका जिम्मेदार ठहराने की कोशिश भी की थी।

 सोशल मीडिया पर ट्रैवल व्लॉगर ज्योति के कई चेहरे हैं। कभी वह लग्जरी लाइफ जीती नजर आती है। कभी वह मस्त​क पर चंदन किए धार्मिक स्थल की यात्रा करती दिखती है। लेकिन यह तथ्य बार-बार खटकता है कि हरियाणा के हिसार में 55 गज के एक घर में पली-बढ़ी लड़की अचानक से इतनी शान-शौकत वाली जिंदगी कैसे जीने लगी? भारत के दुश्मन मुल्क की हर जगह उसके पहुँच में कैसे आ गई?

दिल्ली में 20 हजार की नौकरी की, पिता कारपेंटर

ज्योति के यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो‘ के 3.77 लाख सब्सक्राइबर हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर उसे 1.31 लाख फॉलो करते हैं। उसके वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है इन्हें बनाने में मोटा खर्च हुआ होगा।

        दुबई घूमने गई ज्योति। यह तस्वीर 25 अक्टूबर 2024 की है। (फोटो साभार: Instagram-travelwithjo)

ज्योति हरियाणा की रहने वाली एक सामान्य घर की लड़की है। उसके पिता हरीश कुमार अभी भी सामान्य नौकरी करते हैं। यूट्यूबर ज्योति का हिसार की न्यू अग्रसेन कॉलोनी में सिर्फ 55 गज का घर है। इसमें तीन छोटे-छोटे कमरे बने हैं। पिता कारपेंटर की नौकरी करते हैं, मगर इस कमाई से घर नहीं चल पाता है। घर का खर्च चाचा की पेंशन से चलता था। ज्योति के माता-पिता का तलाक 20 साल पहले हो चुका है।

                       हरियाणा के हिसार स्थित अग्रेसन कॉलोनी में ज्योति का घर (साभार: DainikBhaskar)

कभी दिल्ली में ज्योति 20 हजार की नौकरी करती थी। कोरोना में नौकरी छूटी और वह हिसार लौट आई। इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया और अचानक से उसकी जिंदगी बदल गई।

सोशल मीडिया पर ‘धार्मिक-देशभक्त’ का नकाब

सोशल मीडिया पर ज्योति खुद को धार्मिक और देशभक्त दिखाने की पूरी कोशिश करती रही है। भारत के लगभग सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों के वीडियो बनाए हैं। देशभक्ति गीतों पर तिरंगे के साथ रील्स भी पोस्ट की है। लेकिन विदेश जाते ही उसका नकाब उतर जाता था।  

पाकिस्तान के करतारपुर कॉरिडोर से लेकर भूटान के फर्टिलिटी टैंपल और ‘कंडोम कैफे‘ तक के उसने आपत्तिजनक वीडियो भी बनाए हैं। इन वीडियो के थंबनेल भी अश्लील हैं।

  इस फोटो में ज्योति केरल एक होटल में हैं। तस्वीर इसी साल 19 फरवरी की है (साभार: Instagram-travelwithjo)

यूट्यूब चैनल पर पाकिस्तान के वीडियो की भरमार

ज्योति के यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ पर पाकिस्तान के कई वीडियो हैं। इनमें वहाँ की बस, ट्रेन, बाजार और संस्कृति को दिखाया गया है। इनमें ‘Indian Girl in Pakistan‘, ‘Indian Girl Exploring Lahore‘,’Indian Girl Ek Qatal Raaz Temple‘, ‘Indian Girl Rides Luxury Bus in Pakistan‘नाम से कई वीडियो हैं।

पाकिस्तान में कैसे बनाया नेटवर्क?

ज्योति ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह साल 2023 में पाकिस्तान का वीजा लगवाने दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन गई थी। वहाँ उसकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद ज्योति ने दो बार पाकिस्तान की यात्रा की। वहाँ दानिश के जानकार अली अहयान से मिली, जिसने उसके ठहरने और घूमने-फिरने का इंतजाम किया।

पाकिस्तान में अली अहयान ने उसे पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया अधिकारियों से मिलवाया। यहीं पर ज्योति की मुलाकात शाकिर और राणा शहबाज से भी हुई। शाकिर का नंबर उसने भारत लौटकर ‘जट रंधावा’ नाम से सेव कर लिया ताकि किसी को शक न हो। भारत लौटने के बाद वह व्हाट्सएप, स्नैपचैट और टेलीग्राम जैसे ऐप्स से लगातार पाकिस्तान से संपर्क में रही और देशविरोधी सूचनाएँ साझा करती रही।

दानिश की इफ्तार पार्टी की ‘खास मेहमान’

साल 2024 में ज्योति को पाकिस्तान हाई कमीशन से इफ्तार पार्टी का खास निमंत्रण मिला। वहाँ वह चीनी अधिकारियों से भी मिली। ज्योति ने इस कार्यक्रम का वीडियो खुद शेयर किया था, जिसमें वह दानिश के काफी नजदीक नजर आई। दानिश ने उसे पार्टी में रिसीव किया। वहाँ मौजूद अन्य मेहमानों से परिचय कराया और अपनी बीवी से भी मिलवाया।
इस 15 मिनट के वीडियो में ज्योति पाकिस्तान की व्यवस्था की तारीफ करती दिख रही है। वहाँ मौजूद भारतीयों से बातचीत कर रही है और पूछ रही है कि पाकिस्तान जाकर कैसा अनुभव रहा। आखिर में वीडियो का समापन दानिश और ज्योति मिलकर करते हैं। इसमें दानिश ने पार्टी में आने के लिए ज्योति का आभार भी जताया।
                 इफ्तार पार्टी में दानिश के साथ यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा (साभार: Youtube/Travel with JO)
ज्योति की पाकिस्तान हाई कमीशन में तैनात दानिश से बार-बार मुलाकात होती रही। पूछताछ में यह सामने आया कि दानिश, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी का एजेंट था। भारत सरकार ने 13 मई 2025 को उसे अवांछित व्यक्ति घोषित कर देश छोड़ने का आदेश दिया था।

दानिश के हाथों में खेल रही थी ज्योति?

दानिश का मकसद सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की अच्छी छवि दिखाना और भारत विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देना था। इसी काम में उसने ज्योति का इस्तेमाल किया। ज्योति ने अपने सोशल मीडिया चैनलों पर ऐसे वीडियो और पोस्ट डाले हैं जिनका मकसद पाकिस्तान के पक्ष में माहौल बनाना है।
खुलासा हुआ कि दानिश भारत के कई अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के संपर्क में भी था, जिन्हें उसने पैसे और सुविधाएँ देकर अपने पक्ष में किया। खासकर पहलगाम हमले के बाद जब भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा था, तब दानिश की रणनीति थी कि सोशल मीडिया पर पाकिस्तान को शांतिप्रिय देश बताया जाए। ज्योति ने इस प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

जब मरियम नवाज की बगलगीर बनी ज्योति

पाकिस्तान पंजाब की पहली महिला मुख्यमंत्री मरियम नवाज का इंटरव्यू भी ज्योति ले चुकी है। गुरुद्वारा करतारपुर साहिब कॉरिडोर में मरियम नवाज के बगल में वह दिखाई पड़ती है।
गुरुद्वारा करतारपुर साहिब कॉरिडोर में सीएम मरियम नवाज का इंटरव्यू लेती ज्योति (साभार: Youtube/Travel with JO)
दोनों काफी सहज अंदाज में बातचीत करते नजर आते हैं। 42 मिनट का यह वीडियो अप्रैल 2024 का है, जिसे 7.53 लाख दर्शक देख चुके हैं और करीब दो हजार कमेंट आए हैं। वीडियो में ज्योति कहती नजर आ रही कि वह यहाँ दूसरी बार आई हैं और यहाँ आकर उन्हें बहुत अच्छा महसूस होता है।

पाकिस्तान-चीन यात्रा के बाद हुआ शक

साल 2024 में ज्योति ने दो महीने के भीतर पाकिस्तान और चीन का दौरा किया। इसके बाद वह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आई। वह 17 अप्रैल को पाकिस्तान गई। 15 मई को भारत वापस लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून 2024 को वह चीन चली गई। 09 जुलाई 2024 तक चीन में रही। फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुँच गई।
   चीन की यात्रा के दौरान फ्लाइट में एयर होस्टेस के साथ ज्योति ने ली तस्वीर (साभार:  Instagram-travelwithjo)
इन यात्राओं के देखते हुए जाँच एजेंसी के अधिकारी अलर्ट हो गए। वह ज्योति को ट्रैक करने लगे। पुख्ता सबूत मिलते ही 15 मई 2025 को सुबह 9 बजे पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा। पिता और चाचा के मोबाइल जब्त कर लिए। ज्योति को थाने लेकर आई और पूछताछ की। रात 9 बजे उसे घर वापस भेज दिया। 17 मई को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

ISI के संपर्क में थी ज्योति?

फिलहाल ज्योति को पाँच दिन की रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है। हिसार DSP कमलजीत ने बताया कि ज्योति पर अधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और BNS 152 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा उसके मोबाइल और लैपटॉप से कई संदिग्ध सामग्री मिली है।
SP शशांक कुमार सावन ने पुष्टि की कि ज्योति ISI के संपर्क में थी। उसकी आय और खर्च में भारी अंतर है। बैंक खाते और सोशल मीडिया गतिविधियाँ खंगाली जा रही हैं। कुछ और सोशल मीडिया यूज़र्स भी जाँच के घेरे में है।

ED की जाँच में घोटाला बताने वाले घोटालेबाज़ों की पंजाब सरकार ने केजरीवाल के बेटे पुलकित के घोटाले को उजागर करने वाले रजित कौशिक को उठा लिया


सब लोकतंत्र’ न्यूज पोर्टल के फाउंडर रचित कौशिक को बुधवार (6 फरवरी, 2024) को पंजाब के चार पुलिसकर्मियों ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से उठा लिया। कौशिक एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मुजफ्फरनगर आए थे। घटना शाम के करीब 7 बजे की बताई जा रही है। कौशिक अपनी भांजी को पार्लर से लेकर विवाह स्थल पर जा रहे थे, जिस दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया।

6 फरवरी 2024 की रात सोशल मीडिया में ‘दिल्ली के एक पत्रकार’ को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से ‘किडनैप’ करने की खबरें आई। फिर पता चला कि जिनलोगों ने पत्रकार को उठाया है, वे आम आदमी पार्टी (AAP) शासित पंजाब पुलिस से थे। पंजाब पुलिस ने जिस जिस पत्रकार को उठाया है, वे यूट्यूबर रचित कौशिक हैं। वे ‘सब लोकतंत्र’ नाम से सोशल मीडिया में चैनल चलाते हैं।

रचित कौशिक के इन्स्टाग्राम से की गई पोस्ट के अनुसार, हाल ही में उन्होंने AAP नेताओं के भ्रष्टाचार को लेकर एक वीडियो बनाया था जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि ऐसा उनसे बदला लेने के लिए किया गया है। रचित के परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में दखल देने की अपील की है।

इस अकाउंट के विरुद्ध खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 295A, 153A, 153, 504 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिस अकाउंट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उसने रचित कौशिक का एक वीडियो ट्वीट किया था। इस वीडियो में रचित ने केजरीवाल के बेटे के भ्रष्टाचार को लेकर खुलासा कर रहे हैं। इस वीडियो में उन्होंने केजरीवाल के बेटे पुलकित पर आरोप लगाया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री के बंगले में जिम का सामान किराए पर बाजार भाव से कहीं ज्यादा कीमत पर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ लगी चार ट्रेडमिल को उन्होंने किराए पर दिया और इससे ₹10 लाख/माह वसूले। दावा किया जा रहा है कि इसी आधार पर रचित कौशिक को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब पुलिस से उन्हें छोड़े जाने के लिए अब सोशल मीडिया पर आवाज उठ रही है।

ऑपइंडिया से रचित कौशिक की माँ ने बताया है कि उनका बेटा अपनी भांजी को लेकर शादी वाली जगह पर जा रहा था। अचानक से एक स्कॉर्पियो उनकी गाड़ी के सामने आ गई। इस गाड़ी से एक सिख व्यक्ति सामान्य कपड़ों में बाहर निकला।

कौशिक ने समझा कि उनकी कार स्कॉर्पियो को टच कर गई है, इसलिए उन्होंने इस व्यक्ति से बात करने के लिए गाड़ी का शीशा नीचे किया। लेकिन सिख व्यक्ति ने बिना किसी चेतावनी के उनकी गाड़ी का दरवाजा खोला और कौशिक को बाहर खींच लिया। इससे पहले कि कौशिक के साथ वाले लोग कुछ समझ पाते वह उन्हें खींचकर अपनी गाड़ी में ले गया।

कुछ ही मिनटों में कौशिक के रिश्तेदार और चश्मदीद यहाँ जमा हो गए। कौशिक की माँ ने बताया कि उनलोगों ने स्थानीय पुलिस से सम्पर्क किया। थोड़ी देर बाद पता चला कि इसके बारे में पंजाब पुलिस ने स्थानीय थाने को जानकारी दी थी। इसके बाद पंजाब पुलिस ने कौशिक को हिरासत में ले लिया। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि कौशिक के परिवार को इस सम्बन्ध में कोई वारंट नहीं मिला।

FIR में सब लोकतंत्र या रचित कौशिक का नाम तक नहीं

इस मामले में दर्ज एफआईआर की काॅपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। ध्यान देने वाली बात है कि इस एफआईआर में कहीं भी रचित कौशिक या ‘सब लोकतंत्र’ चैनल का नाम नहीं है। यह एफआईआर लुधियाना के सलेम टाबरी थाना क्षेत्र की अलीशा सुल्तान की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।
                                               FIR की प्रति (स्रोत: रचित कौशिक का परिवार)
शिकायतकर्ता ने खुद को पादरी बताते हुए कहा कि 17 जनवरी 2024 को उन्होंने ईसाई समुदाय के खिलाफ एक पोस्ट ‘नो कन्वर्जन (@noconversion)’ नाम के एक्स/ट्विटर हैंडल पर देखी। सुल्तान ने इस अकाउंट के खिलाफ ईसाई महिलाओं और ननों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि ऐसे पोस्ट सांप्रदायिक तनाव भड़का सकते हैं, जिससे देश में अशान्ति हो सकती है।
FIR में बताया गया है कि उन पोस्टों की प्रतियाँ शिकायत के साथ संलग्न थी, लेकिन उन पोस्ट के लिंक एफआईआर में नहीं थे। इस FIR को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295ए, 153ए, 153, 504 और आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत दर्ज किया गया है। लेकिन एफआईआर में कहीं भी यह उल्लेख नहीं किया गया है कि ‘नो कन्वर्जन’ नामक हैंडल के किस पोस्ट से शिकायतकर्ता की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं।
ऑपइंडिया से बात करते हुए कौशिक की माँ ने बताया है कि हो सकता है कौशिक को इसलिए गिरफ्तार किया गया हो क्योंकि उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बेटे पुलकित के खिलाफ वीडियो बनाए थे। ऐसी ही एक वीडियो ‘नो कन्वर्जन’ नाम के हैंडल से 16 जनवरी 2024 को साझा की गई थी। इसमें रचित कौशिक केजरीवाल के बेटे पुलकित के विषय में बात कर रहे थे। उन्होंने इस वीडियो में पुलकित केजरीवाल पर जिम का सामान किराए पर देकर सरकारी खजाने से पैसा लेने का आरोप लगाया था।
इसके अलावा ऐसा कोई अन्य वीडियो नहीं है जो कि इस अकाउंट पर कौशिक को दिखाता हो। कौशिक की माँ के अनुसार गिरफ्तारी के समय पंजाब पुलिस को यह कहते सुना गया, “तुमको लम्बे समय से ढूँढ रहे थे, आखिर में पकड़ लिया।” ध्यान देने वाली बात है कि ‘नो कन्वर्जन’ हैंडल से कौशिक की जो क्लिप साझा की गई है उसमें कहीं भी ईसाइयों या धर्मांतरण के विषय में बात नहीं है। ऑपइंडिया को ऐसी कोई वीडियो नहीं मिली है जिसे ‘नो कन्वर्जन’ ने पोस्ट किया हो और उसमें कौशिक इस विषय में बात कर रहे हों।
                        नो कन्वर्जन नाम के अकाउंट द्वारा शेयर की गई रचित कौशिक की वीडियो (चित्र स्रोत: X)
लिहाजा यह स्पष्ट नहीं है कि कौशिक को पुलिस ने इसी वीडियो के आधार पर उठाया है। यह भी साफ़ नहीं कि कौशिक को ‘नो कन्वर्जन’ द्वारा की गई किस पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया है।
सबसे हैरानी वाली बात ये है कि पीड़ित परिवार को जो FIR दी गई है, उसमें रचित कौशिक का कहीं नाम तक नहीं है। इसमें सिर्फ और सिर्फ ‘नो कन्वर्जन’ ट्विटर हैंडल का ही नाम है। इस वीडियो में अरविन्द केजरीवाल वाले वीडियो का भी जिक्र नहीं है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि कौशिक को इसी बात के लिए उठा लिया गया है क्योंकि उनकी वीडियो को ‘नो कन्वर्जन’ ने साझा किया था। ऑपइंडिया ने पंजाब पुलिस से भी इस विषय में बात करने की कोशिश की लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका।

‘The Kashmir Files को केजरीवाल ने टैक्स फ्री करने से किया इनकार, स्वरा-तापसी की फिल्मों को किया था TAX FREE

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘The Kashmir Files’ को प्रदेश में टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा में विपक्षी भाजपा द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने पर कहा कि निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को इस फिल्म को YouTube पर डाल देना चाहिए, ये फ्री ही फ्री हो जाएगी। उन्होंने पूछा कि फिल्म को टैक्स फ्री क्यों करा रहे हो?

उन्होंने कहा, “निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को इतना ही शौक है तो बोलो यूट्यूब पर डाल देगा, वहाँ सब कुछ फ्री है और सारे लोग देख लेंगे एक ही दिन के अंदर। टैक्स फ्री कराने की ज़रूरत ही क्या है?” AAP विधायकों ने अपनी पार्टी के सुप्रीमो के इस बयान का स्वागत करते हुए विधानसभा में मेज थपथपाए। सभी भाजपा शासित राज्यों ने संवेदनशील मुद्दे पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को टैक्स फ्री किया है।

हालाँकि, इस बयान के बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री को लोग पुराने फैसले याद दिलाते हुए घेर रहे हैं। बता दें कि 22 अप्रैल, 2016 को उन्होंने स्वरा भास्कर की फिल्म ‘नील बटे सन्नाटा’ को टैक्स फ्री करने की घोषणा करते हुए कहा था कि सभी लोगों को ये मूवी ज़रूर देखनी चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने तापसी पन्नू की फिल्म ‘साँड की आँख’ को भी 25 अक्टूबर, 2019 को टैक्स फ्री करने की घोषणा करते हुए कहा था कि सभी उम्र और जेंडर के लोगों को ये देखनी चाहिए। केजरीवाल की विचारधारा वालों की फिल्म होने के कारण इन फिल्मों को टैक्स फ्री किया गया था। 

‘द कश्मीर फाइल्स’ ने भारत में 200 करोड़ रुपए से भी अधिक कमा लिए हैं। दुनिया भर में इस फिल्म का प्रदर्शन शानदार रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, असम, कर्नाटक, बिहार, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड और त्रिपुरा जैसे राज्यों में इसे टैक्स फ्री का दर्जा दे दिया गया है। फिल्म की धुआँधार कमाई अब भी जारी है। इस फिल्म में अनुपम खेर, दर्शन कुमार, मिथुन धकरवर्ती, पल्लवी जोशी और पुनीत इस्सर मुख्य भूमिकाओं में हैं। 

‘तमिलनाडु बन रहा नया कश्मीर …’: CDS रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश को लेकर DMK पर सवाल उठाने वाले यूट्यूबर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

                                       यूट्यूबर मरिधास (बाएँ) और शिवाभाई अहीर (साभार: इंडिया.कॉम/आजतक)
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (Bipin Rawat) की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत को लेकर जहाँ पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। इसको लेकर कुछ लोग आशंका जाहिर कर रहे हैं तो कुछ ऐसे लोग अपनी भड़ास निकालते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर हैं। ऐसी ही तमिलनाडु के एक ट्यूबर ने डीएमके पर सरकार पर सवाल खड़े किए तो उसे पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, दिवंगत नायकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर गुजरात के एक सपा समर्थक को गिरफ्तार किया गया है।

पहली घटना तमिलनाडु के मदुरई के रहने वाले यूट्यूबर मरिधास की है। उसने सीडीएस जनरल बिपिन रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश को लेकर राज्य की डीएमके सरकार पर सवाल उठाया तो प्रशासन को नागवार गुजरा। मरिधास ने ट्वीट किया कि डीएमके के शासन में तमिलनाडु देश का नया कश्मीर बन रहा है। इसके बाद कुछ लोगों ने उनकी शिकायत की और मदुरै पुलिस उनके सूर्य नगर स्थित घर पहुँची, लेकिन बीजेपी नेताओं के भारी विरोध की वजह से उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई।

आरोपित मरिधास ने इस हादसे में साजिश की आशंका जताते हुए अलगाववादी ताकतों को रोकने के लिए देश के लोगों से साथ आने की अपील की थी। उन्होंने एक अलग ट्वीट में लिखा था कि सीडीएस रावत की मौत का डीएमके और डीके समर्थकों ने मजाक उड़ाया था। सूत्रों का कहना है कि हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर संदेह जताते हुए उन्होंने दावा किया था कि डीएमके अलगाववादियों के लिए अब अच्छा विकल्प बन गई है।

पुलिस ने मरिधास पर आईपीसी की कई धाराओं के अंतर्गत उन पर मुकदमा दर्ज किया है और पूछताछ के लिए हिरासत में ले ली है। वहीं, भाजपा समर्थक पुलिस थाने पहुँचकर मरिधास को हिरासत में लेने का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया।

वहीं, सीडीएस रावत की मौत को लेकर आपत्तिजनक बयान देने वाले गुजरात के शिवाभाई अहीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। अहीर ने अपने आपत्तिजनक पोस्ट में कहा था, “पुलवामा द्रोही मनोहर पार्रिकर और सेना प्रमुख बिपिन रावत के बाद अब डोभाल की बारी है।” इस विवादित ट्वीट के मामले में हरियाणा बीजेपी के प्रवक्ता अरुण यादव ने आरोपित के खिलाफ शिकायत की थी।

इस मामले में कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने आरोपित शिवाभाई अहीर को गिरफ्तार कर लिया है।

रोहिंग्या घुसपैठिए, नाबालिग लड़कियों की तस्करी: खबर दिखाने पर YouTube ने बैन किया चैनल

रोहिंग्या घुसपैठियों की खबर दिखाने पर YouTube ने रचित कौशिक के चैनल 'सब लोकतंत्र' को किया प्रतिबंधित (फोटो: सोशल मीडिया)
वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने एक बार फिर से ‘बाबा’ के नाम से जाने जाने वाले रचित कौशिक के ‘सब लोकतंत्र’ चैनल को प्रतिबंधित कर दिया है। हमने इस सम्बन्ध में रचित कौशिक से भी बात की। लेकिन, उससे पहले हम आपको बताते हैं कि उस वीडियो में था क्या। हालाँकि, YouTube ने उस वीडियो को डिलीट कर दिया है लेकिन ऑपइंडिया के पास वो वीडियो मौजूद है। दरअसल, उस वीडियो में रोहिंग्या घुसपैठियों के खतरे से आगाह किया गया था।

YouTube ने बैन किया रचित कौशिक का चैनल: क्या था ‘सब लोकतंत्र’ के इस वीडियो में

इस वीडियो में रचित कौशिक ने पूछा था कि अगर आपके घर में चूहे बड़ी संख्या में हो गए हों और उनसे अपना सामान बचाने के लिए कपड़ों की अलमारी व रसोई वगैरह बंद रखना पड़ता हो तो क्या आप अपने घर का मुख्य द्वार खुला छोड़ेंगे? इसके बाद उन्होंने खुद ही इसका जवाब देते हुए कहा था कि आप ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि आपको पता है कि एक बार चूहे घर में घुस गए तो उन्हें निकालना बड़ा मुश्किल है।

रचित कौशिक ने ‘सब लोकतंत्र’ के इस वीडियो में इस बात पर अफ़सोस जताया था कि हमारी सरकारें व प्रशासन इसी चीज को नहीं समझता है। उन्होंने कहा था कि बांग्लादेशियों व रोहिंग्या मुस्लिमों का तो दूर, उन्हें उलटा यहाँ बसाया जा रहा है। इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के ‘आतंकरोधी दस्ते (ATS)’ के बयान का जिक्र किया था। उनका अगला सवाल था कि आपका आधार या पैन कार्ड खो गया हो तो क्या करना पड़ता है?

फिर उन्होंने खुद ही इसका जवाब देते हुए कहा था कि इसके लिए काफी माथापच्ची व भागदौड़ करनी होगी, फिर काफी मशक्कत के बाद एकाध महीनों में ये दोबारा मिलेगा। लेकिन, इसके उलट घुसपैठियों को यहाँ प्रवेश करते ही ये सब मिल जाता है। उन्होंने ATS द्वारा दिल्ली से सटे गाजियाबाद से रोहिंग्या घुसपैठियों को हिरासत में लेने की घटना का जिक्र किया, जो मानव तस्करी में लगे थे। इसी तरह के अन्य घुसपैठियों के पास राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र मिले।

उन्होंने तंज कसा कि किस तरह हमारे देश का सिस्टम ‘एडवांस’ में काम करता है। उन्होंने बताया कि नाबालिग लड़कियों की तस्करी में फँसे गिरफ्तार तीन आरोपित ब्रह्मपुत्र मेल ट्रेन से भारत आए थे और उनमें से एक नुरुल इस्लाम बांग्लादेश का रहने वाला है जो फ़िलहाल त्रिपुरा में रह रहा था। बाक़ी दोनों के नाम रहमतुल्लाह और शबीब हैं। रचित कौशिक ने तंज कसा था कि इनका कोई मजहब नहीं था, क्योंकि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता।

इन सभी आरोपितों के कागज़ात भारत आने से पहले ही इन्हें मिल गए थे और सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा था। तीनों की तस्वीरें दिखाते हुए रचित कौशिक ने कहा था, “आप भले नौकरी के लिए जूते घिस-घिस कर जवानी बर्बाद कर दें, इन्हें संविदा पर नौकरियाँ मिल रही हैं। और तो और, इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर भी मिल रहा है। लखनऊ ATS के दफ्तर में इनसे सघन पूछताछ हुई।”

तीनों आरोपितों में से एक त्रिपुरा में, एक जम्मू कश्मीर में और एक म्यांमार में रहता था। रचित कौशिक ने वीडियो में आगे कहा, “सोचिए, इनका जाल कहाँ तक बिछा हुआ है। ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी कर रहे हैं। इनसे हम तो हम, विधायक तक परेशान हैं। लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने डीएम को पत्र लिख कर जाँच की माँग की है। विधानसभा में भी उन्होंने ये मुद्दा उठाया था। कैसे इन घुसपैठियों को कागज़ात मिल रहे?”

अंत में रचित कौशिक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा था कि वहाँ एक ईमानदार सरकार है, इसीलिए घुसपैठिए वहीं बस रहे हैं। उन्होंने एक वर्ष पहले ही एक खबर भी साझा की, जिसमें बताया गया था कि कैसे मदनपुर खादर में 5.2 एकड़ जमीन रोहिंग्या मुस्लिमों ने कब्ज़ा ली थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक अमानतुल्लाह खान दिल्ली सरकार चला रहे हैं और उन्होंने ही वक़्फ़ बोर्ड के जरिए इन रोहिंग्यों का आधार कार्ड बनाया।

रचित ने बताया कि कैसे बिजली-पानी इन्हें मिलती थी और लॉकडाउन में राशन भी मिलता था। रचित कौशिक ने उस घटना को भी याद किया, जब दिल्ली में घुस कर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपनी उस जमीन को खाली कराई। रचित ने जनता को सलाह दी कि आपके टैक्स पर मुफ्त में बिजली-पानी-राशन लेने वाले लोगों को समझना चाहिए कि आपने बिजली बिल पर जो 4000 रुपए बचाए हैं, उनकी ही बदौलत ये लोग दिल्ली में आकर ऐसा कर रहे हैं।

रचित कौशिक ने ऑपइंडिया से की बात

ऑपइंडिया से बात करते हुए ‘सब लोकतंत्र’ YouTube चैनल के रचित कौशिक ने बताया कि जानबूझ कर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है और आशंका जताई कि उनके खिलाफ मास रिपोर्टिंग की जा रही है। हाल ही में उन्होंने बॉलीवुड पर भी कई वीडियो बनाए थे। सैफ अली खान व करीना कपूर द्वारा अपने दूसरे बेटे का नाम जहाँगीर रखने की खबर आने के बाद उन्होंने इस पर वीडियो बनाया था।

              ‘सरकारी योजना का लाभ घुसपैठियों को’ – लोनी के भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने लिखा था पत्र

रचित कौशिक को आशंका है कि बॉलीवुड की तरफ से भी उन्हें टारगेट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि वीडियो में जो भी ख़बरें हैं, वो मीडिया की ख़बरों से ही उठाई गई हैं। साथ ही उन्होंने पूछा कि अगर मीडिया में इसके छपने से कोई दिक्कत नहीं है तो फिर हमारे वीडियो बनाने पर रोक क्यों? ये दूसरी बार है जब ‘सब लोकतंत्र’ को YouTube ने इस तरह प्रतिबंधित किया है। तीसरी बार इसे प्रतिबंधित करने के बाद वो हमेशा के लिए चैनल डिलीट कर सकता है।

इससे पहले जुलाई 2021 के पहले हफ्ते में रचित कौशिक के यूट्यूब चैनल ‘सब लोकतंत्र‘ को 7 दिनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। YouTube का कहना था कि उनके चैनल ने ‘हेट स्पीच’ को आगे बढ़ाया है। इस बार भी ‘हेट स्पीच’ वाला राग ही यूट्यूब ने अलापा है। उस वीडियो में उन्होंने बताया था कि कैसे फरहान अख्तर की फिल्म ‘तूफ़ान’ के माध्यम से ‘लव जिहाद’ के गुप्त एजेंडे का महिमामंडन किया जा रहा है।

क्या है वीडियो में दिखाए गए खबर की सच्चाई?

अंत में हमने पड़ता की कि ‘सब लोकतंत्र’ YouTube चैनल के माध्यम से रचित कौशिक ने रोहिंग्या मुस्लिमों से सम्बंधित जो खबरें दिखाई थीं, उसकी सच्चाई क्या है? सबसे पहले बात रोहिंग्या घुसपैठियों की गिरफ़्तारी की। ये सच है कि यूपी एटीएस टीम ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर म्यांमार और बांग्लादेश से महिलाओं और बच्चों को अवैध रूप से भारत लाकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।

जुलाई 2021 के अंतिम हफ्ते में मानव तस्करी के इस गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए उत्तर प्रदेश की ATS टीम के 30 से अधिक अधिकारियों को करीब 36 घंटे से अधिक का एक ऑपरेशन चलाना पड़ा था। ‘ब्रह्मपुत्र मेल’ से ये दबोचे गए थे। इसी तरह गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर GRP ने रोहिंग्या घुसपैठियों के साथ-साथ रुपए लेकर उन्हें भारत में घुसाने वालों को भी गिरफ्तार किया था। ऐसी कई ख़बरें आती रहती हैं।

ये भी सच है कि ‘योगी का बुलडोजर’ दिल्ली में चला था और यूपी के सिंचाई विभाग ने रोहिंग्या घुसपैठियों से अपनी जमीन खाली कराई थी। जुलाई 2021 में ईद के अगले दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास मदनपुर खादर में योगी सरकार ने रोहिंग्याओं के अवैध कब्जे से 150 करोड़ रुपए की जमीन खाली करवाई थी। पूरी कार्रवाई में सिंचाई विभाग की 2.10 हेक्टेयर जमीन मुक्त की गई थी। इस तरह से खबर भी सच है।

ये भी सच है कि विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाजियाबाद के जिलाधिकारी को पत्र लिख कर डूडा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 80% बांग्लादेशी घुसपैठियों व रोहिंग्या मुस्लिमों को आवंटन दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। ये पत्र हमने ऊपर संलग्न किया है। उन्होंने कहा था कि कैसे घुसपैठियों के मूल निवास प्रमाण पत्र व जमीन के दस्तावेज भी बनाए गए हैं। संसद से 15 किलोमीटर दूर इस तरह की गड़बड़ी को उन्होंने संवेदनशील करार दिया था।(साभार)

हिन्दू -मुस्लिम एकता पर बने ‘5 Best विज्ञापनों में सिर्फ हिन्दू ही नेगेटिव और कट्टर क्यों?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
अपने विज्ञापन में लव जिहाद को प्रमोट करने के कारण तनिष्क को सोशल मीडिया पर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हालाँकि, तनिष्क ने भले ही व्यापक स्तर पर लोगों का विरोध देखने के बाद हिन्दू समुदाय से माफी माँग ली हो मगर यह पहली बार नहीं है जब किसी एड एजेंसी ने हकीकत से अलग चीजों को दिखाने का प्रयास किया है।

तनिष्क से पहले भी कई उत्पादों पर हिन्दू समुदाय की भावनाओं को आहत करने का इल्जाम लगा है। ऐसे उत्पादों के विज्ञापनों में न केवल हिन्दुओं को कट्टरपंथी दिखाया गया बल्कि उन्हें असहिष्णु भी दर्शाया गया। वहीं दूसरे समुदाय को बेहद सौम्य व्यवहार वाला दिखाया गया।

इस तरह के विज्ञापन बनाने वालों को शायद यह नहीं मालूम कि देश में हिन्दू-मुसलमान के बीच नफरत फ़ैलाने वाले केवल दो वर्ग हैं: पहला छद्दम धर्म-निरपेक्ष नेता और दूसरा मुस्लिम कट्टरपंथी। और ये छद्दम धर्म-निरपेक्ष/सेक्युलरिस्ट अपनी कुर्सी की खातिर कट्टरपंथियों के इशारे पर नाचते रहते हैं। इन छद्दमों ने हिन्दुओं को जाति और पंथों में बाँट दिया, जबकि मुसलमानों में हिन्दुओं से अधिक पंथ हैं, कोई एक दूसरे की मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ सकता, एक दूसरे के कब्रिस्तान में मुर्दा दफ़न नहीं कर सकते, परन्तु इस्लाम के नाम पर एक हैं। किसी आम हिन्दू अथवा मुसलमान को अपनी रोजी-रोटी से फुर्सत नहीं, इन दंगों में नहीं फंसता। मेरे ही कई मुस्लिम परिवारों से पारिवारिक सम्बंध हैं, एक-दूसरे के त्यौहारों में भागीदार बनते हैं, क्षेत्र ने अनगिनत दंगे देखे, लेकिन संबंधों पर लेशमात्र भी प्रभाव नहीं पड़ा।

आपके सामने ऐसे ही विज्ञापनों के 5 उदाहरण पेश करने जा रहे हैं, जिसमें सेकुलरिज्म दिखाने की कोशिश में हिन्दुओं का अपमान हुआ।

यू्ट्यूब पर हिन्दू -मुस्लिम पर 5 सबसे बेहतरीन एड के संकलन (5 Best Creative Indian Ads About Hindu Muslim) में कम से कम दो हिन्दू विरोधी विज्ञापन हैं और तीसरे में गंगा जमुनी तहजीब को दर्शाने के लिए हिन्दू लड़की का इस्तेमाल हुआ है।

इसी तरह एक विज्ञापन में हिन्दू व्यक्ति को ऐसे दर्शाया गया है, जैसे उनके परिवार में ही दूसरे समुदाय के घर खाना पीने से मना किया जाता हो।

पहले प्रचार में हम देख सकते हैं कि एक हिन्दू व्यक्ति गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने आता है और जब उसे पता चलता है कि उसे बनाने वाला विशेष समुदाय का है तो वह असहज दिखने लगता है। आगे विज्ञापन में दिखाया जाता है कि इसके बाद मुस्लिम व्यक्ति सब समझ जाता है और अपनी बातों से उसका दिल जीत लेता है। फिर, हिन्दू युवक को गलती का एहसास होता है और वह मूर्ति खरीदने का फैसला करता है।

दूसरे विज्ञापन में हिन्दू दंपत्ति को पहले मुस्लिम महिला के घर जाने से मना करते हुए दिखाया जाता है, लेकिन जैसे ही उसके घर से चाय की खुशबू आती है, वह दोनों किसी बहाने वहाँ चले जाते हैं और रेड लेबल चाय के स्वाद में डूब कर एक और कप चाय माँग लेते हैं।

तीसरा एड सर्फ एक्सेल का है। एक बच्ची इसमें सभी हिन्दू बच्चों से अपने ऊपर रंग फेंकने को कहती है फिर जब सबके पास रंग खत्म हो जाते हैं तो वह एक मुस्लिम लड़के को अपने साइकल के पीछे बिठाती है और मस्जिद तक छोड़कर आती है और बाकी बच्चे भी यह देखने के बाद रंग फेंकने से गुरेज करने लगते हैं।

फिर एक और वीडियो! राहुल नाम के एक बच्चे को इसमें उसकी माँ पंडित को खाना खिलाने भेजती है, लेकिन वह पहुँच मस्जिद जाता है और फिर मौलवी को खाना खिलाकर जब घर लौटता है तो माँ पूछती है कि पंडितजी ने क्या कहा। जिस पर बच्चा जवाब देता है- बिस्मिल्लाह रहमान ए रहीम। इसे सुन माँ हैरानी से पूछती है कि राहुल, तुम कहाँ गए थे। पूरा वीडियो देखकर बस यही लगता है कि जैसे सेकुलरिज्म का दारोमदार हिन्दुओं के कंधे पर ही है।

इसी प्रकार एक शॉर्ट फिल्म में बाइक चोरी होती है। हिन्दू युवक एक मुस्लिम व्यक्ति को उसकी बाइक पर गणपति बप्पा की फोटो देखकर पकड़ लेते है। वीडियो के शुरू से ही इस्लामी टोपी पहने लड़के को सिर्फ़ डरा हुआ दर्शाया जाता है। हालाँकि, बाद में वो बताता है कि उसने अपनी बाइक पर गणेश जी की फोटो इसलिए लगाई है क्योंकि उसे एक हिन्दू आदमी ने दिल दिया था और वह गणेश जी का भक्त था। इसलिए उसने अपनी गाड़ी पर इसे लगाया।

कुल 5 विज्ञापनों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हिंदुओं को लेकर एड एजेंसी किस तरह की तस्वीर समाज में परोस रही है। गंगा जमुनी तहजीब दिखाने के लिए हिंदुओं को नकारात्मक दर्शाया जाता है और दूसरा समुदाय अचानक से बहुत शांत, सरल, सहिष्णु हो जाता है जबकि हकीकत इससे कोसों दूर है। अजेंडा चलाने के लिए न केवल तनिष्क बल्कि तमाम कंपनियाँ सेकुलरिज्म का सारा भार सिर्फ़ हिंदुओं के ऊपर मढ़ रही हैं।

छद्दम सेकुलरिज्म बेनकाब 

हिन्दू-मुस्लिम एकता पर विज्ञापन बनाने वालों को वास्तविकता से भी रूबरू होना चाहिए था। उन्हें नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में हुए धरने एवं प्रदर्शनों में लगे हिन्दुत्व विरोधी नारों को नज़रअंदाज़ करना, इतना ही नहीं, हिन्दुओं की गैर-मौजूदगी में भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की योजना की रुपरेखा तैयार की जा रही थी कि हिन्दुओं को गुमराह करने के लिए तिरंगा हाथ में लो, भारत माता की जय बोलो आदि आदि, फिर पूर्वी दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों पर, जगह-जगह हो रहे हिन्दू मन्दिरों पर हमलों को नज़रअंदाज़ करना प्रमाणित करता है कि कट्टरपंथियों के साथ-साथ विज्ञापन बनाने वाले हिन्दुओं को ही कलंकित कर रहे हैं। लगता है यह विज्ञापन बनाने वाले भी कट्टरपंथियों के इशारे पर नाच हिन्दुओं को ही अपमानित करने में लगे हैं।  सच्चाई जानने के लिए नीचे दिए लिंक का अवलोकन करें। 

क्या इस तरह के भ्रमित विज्ञापन बनाने वालों ने निम्न समाचार को नहीं पढ़ा। ये स्वार्थी एवं कपटी भूल रहे हैं कि जब तक देश में हिन्दू बहुसंख्यक है, सेकुलरिज्म जीवित है और जिस दिन हिन्दू अल्पसंख्यक हो गया, सेकुलरिज्म का अपने आप जनाजा निकल जाएगा। गंगा-जमुनी तहजीब का नारा भी दफ़न हो जाएगा। जिसकी जिन्दा मिसाल पाकिस्तान है। ऐसे भ्रमित विज्ञापन बनाने वालों सच्चाई को पहचानो, उस पर पर्दा डाल जनता को गुमराह मत करो। 

हिन्दू समुदाय के लोगों द्वारा पूर्व मंत्री रसीद मसूद के रस्म तेरहवीं कार्यक्रम पर भड़के देवबंद उलेमा, कहा- यह ‘हराम’ है

हिंदू समाज द्वारा मनाई गई पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद की रस्म तेरहवीं में पूर्व विधायक इमरान मसूद व शाजाद मसूद सहित परिवार के अन्य सदस्यों के शामिल होने पर उलमा ने कड़ा एतराज जताया है। उलमा का कहना है कि ऐसी रस्में मुस्लिमों के लिए ‘हराम’ है। 

बता दें कि इस समारोह का आयोजन बिलासपुर में मास्टर रतन लाल द्वारा किया गया था। रतन लाल, रशीद मसूद को अपना भाई मानते थे और उनका मसूद परिवार से अच्छे संबंध थे। नौ बार सांसद रहे काजी रशीद मसूद का हाल ही में कोरोना से निधन हो गया था। 

बिलासपुर गाँव में हिदू समाज ने उनकी रस्म पगड़ी का आयोजन किया। हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच उनके पुत्र शाजान मसूद को पगड़ी पहनाई गई। इस दौरान काजी रशीद मसूद के भतीजे और पूर्व विधायक इमरान मसूद व कई कॉन्ग्रेस नेता भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

मदरसा जामिया शेख-उल-हिंद के मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि इस्लाम में किसी दूसरे धर्म की परंपराओं को अपनाए जाने की सख्त मनाही है। असद कासमी ने कहा कि किसी दूसरे मजहब की रस्म तेरहवीं में मंत्रोच्चारण के बीच पगड़ी पहनाए जाना इस्लाम मजहब के खिलाफ है। इसके साथ ही उन्होंने मसूद के बेटे को हिंदू समारोह में भाग लेने के लिए अल्लाह से तौबा करने के लिए कहा। 

उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के रस्म तेरहवीं के कार्यक्रम में मंत्रोच्चारण के बीच काजी रशीद मसूद के बेटे को पगड़ी पहनाया जाना इस्लाम के खिलाफ है। इसके लिए उन्हें अल्लाह से तौबा कर सच्चे दिल से माफी माँगनी चाहिए। मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि घर के किसी बड़े को चुनना या पगड़ी बाँधना बुरी बात नहीं है, लेकिन यह इस्लामिक रीति-रिवाजों से होना चाहिए।

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उलेमा की टिप्पणी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद के भतीजे इमरान मसूद ने कहा कि हम कलमे के मानने वाले हैं। उन्हें किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। क्योंकि वो और हमारा अल्लाह ही बेहतर जानने वाले हैं। समारोह का हिस्सा रहे शाज़ान मसूद ने कहा कि ‘पगड़ी’ की रस्म पीढ़ियों से उनके परिवार का हिस्सा रही है।

अयोध्या को ₹#डीखाना, माता सीता अन्य देवियों के लिए बहुत गंदा बोलने वाली फिरकापरस्त हीर खान को तुरंत जेल में डालो

हीर खान, वीडियो, यूट्यूब
                                  उत्तर प्रदेश को साम्प्रदायिकता की आग में झोंकने वाली  हीर खान को तुरंत                                                             साभार : यूट्यूब 
बेंगलुरु के बाद फिरकापरस्त अब उत्तर प्रदेश को जलाने की कोशिश में अपनी लड़कियों को आगे कर रहे हैं। कल(अगस्त 24) एक दसवीं की छात्रा गणेश के मीम्स बनाने का समाचार आया तो आज हिन्दुओं की देवियों को अति अश्लील गालियों का वीडियो। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारों को ऐसे साम्प्रदायिकों को जितनी जल्दी हो जेल में डालें, जहाँ केवल एक बार नाश्ता और एक बार खाना दिया जाये। इनके हिमायत में बोलने वाले मानवाधिकार और समर्थकों को भी Victim Card खेलने के अपराध में मुकदमा चलाकर जेल में बंद करें। इन साम्प्रदायिकतों को खुलकर बता दिया जाये कि अब नहीं बहेगा हिन्दू-मुसलमान का खून। इस खून पर बैठ बहुत मालपुए खाने के साथ-साथ तिजोरियां भर ली। अब तिजोरी खाली करने का समय आ गया है।  
यूट्यूब चैनल ‘ब्लैक डे 5 अगस्त’ पर एक इस्लामी कट्टरपंथी महिला हीर खान ने ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसमें हिन्दू देवी-देवताओं को जम कर गालियाँ बकी गई हैं। यूट्यूबर हीर खान ने इस वीडियो में माँ सीता के लिए ‘₹#डी’ शब्द का प्रयोग किया है और अयोध्या को एक ‘₹#डीखाना’ करार दिया। आईपीएस अधिकारी संदीप मित्तल ने यूपी पुलिस और सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग कर नियमानुसार कार्रवाई की अपील की है।
हीर खान इस वीडियो में हिन्दुओं को ‘काफिर’ बताते हुए कहती है, “सीता ₹#डी थी, सीता %$ड़ मरवाती थी, सीता चु$% मरवाती थी, झाँ## के बाल नोच लेंगे। अयोध्या तो एक ₹#डीखाना है। सीता को न जाने कितने मुल्लों ने चो$# था। सीता इतना बुरा #$वाती थी कि रावण तक भी हार जाता था। रावण कहता था कि मेरे ल$₹ में दर्द हो रहा है, तेरे %$त में कितना अंदर डालूँ। सीता की माँ का भों$₹₹, श्रीराम की माँ की $%त।”
उक्त महिला यहीं नहीं रुकी बल्कि उसने और भी आगे बढ़ कर भगवान राम और माँ सीता के लिए अपशब्दों की बौछाड़ लगा दी। उसने हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाते हुए कहा, “श्रीराम भ#वे की औलाद, श्रीराम ₹#डी की औलाद, तुम्हारे 33 करोड़ देवी-देवताओं की माँ का भों#ड़ा। तेरे गणपति की $%त में आग लगा देंगे। तुम सब मा$रचो# हो। तुम्हारी मीडिया की माँ का भों#ड़ा।


ऐसी गन्दी अपमानजनक वीडियो पर ट्विटर पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है:-

यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया में जबरदस्त आक्रोश का माहौल है। हीर खान ने अपनी बदजुबानी जारी रखते हुए आगे कहा, “सेकुलरिज्म की माँ का भों#ड़ा, भाईचारा निभाने वालों की माँ का भों#ड़ा। साथ में उनकी भी माँ का भों#ड़ा जो कहते हैं कि भगवानों को गाली मत दो। उनकी भी माँ-बहनों को $#द डालेंगे। सीता, दुर्गा और काली – सबको कोठे पर बिठा कर चु#$ डालेंगे।”

लखनऊ पुलिस कमिश्नर के ट्विटर हैंडल ने सूचना दी है कि उक्त मामले में साइबर सेल को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दे दिया गया है। अपनी हर वीडियो में ज़हर उगलने वाली हीर खान ने उस वीडियो में कहा है, “वो नाजायज थी और मात्र 6 साल की थी, जब रावण ने उसका ख़ून निकाल दिया था। जितने भी सेक्युलर पत्रकार हैं, तेरी माँ का भों#ड़ा। तुमलोग सोच रहे थे कि तुम इस्लाम को गाली दोगे और हम सुनते रहेंगे?”
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लड़की का प्रतीकात्मक चित्र जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हो, उस राज्य ...
महिला ने लगातार माँ सीता और माँ दुर्गा के लिए अपशब्द कहे। साथ ही उसने ये भी धमकी दी कि जिसे मन हो, वो जाकर एफआईआर करा दे। हीर खान के इस यूट्यब चैनल पर कई वीडियो हैं। वो वहाँ जनवरी 2020 से वीडियो डाल रही है। उसका कहना है कि उसका पुराना यूट्यूब चैनल डिलीट हो गया है। कुछ वीडियो में तो वो पाकिस्तानी आतंकी मसूद अज़हर के लिए भी अपने ‘प्यार’ का प्रदर्शन करती रहती है।