साभार: दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक 50 वर्षीय शख्स द्वारा अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ कई महीनों तक रेप किए जाने का शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। आरोपित ने इससे पहले अपनी बीवी को तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया था।
बेटी का 3 महीने तक रेप करता रहा आरोपित
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता ने बीते रविवार (21 सितंबर 2025) को अपनी माँ के साथ थाने जाकर मामले की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता ने बताया है कि उसका अब्बू करीब 3 महीने से बार-बार उसके साथ रेप कर रहा था और शनिवार देर रात भी उसके साथ रेप किया था।
बीते शनिवार को अपने अब्बू के सोने के बाद पीड़िता ने अपनी अम्मी को फोन लगाया और उसके साथ हो रहे अमानवीय बर्ताव की सारी जानकारी दी। पीड़िता ने अपनी अम्मी को बताया कि वह प्रेग्नेंट भी हो गई थी। इसके बाद रविवार को पीड़िता ने अम्मी के साथ थाने जाकर इस मामले की शिकायत दी है।
बीवी को दो बार दिया तीन तलाक
आरोपित ने बेटी के साथ दरिंदगी करने से पहले अपने बीवी को तीन तलाक देकर घर से बाहर कर दिया था। पीड़िता की माँ ने पुलिस को बताया कि उसका शौहर आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। शौहर ने कुछ समय पहले उसे पहली बार तीन तलाक दिया था लेकिन कुछ समय बाद रिश्तेदारों ने हलाला कराकर दोनों का निकाह करा दिया था।
करीब 3 महीने पहले शख्स ने एक बार फिर अपनी बीवी को तीन तलाक दिया था और घर से बाहर निकाल दिया था। आरोपित के 6 बच्चे हैं और उसने बच्चों अपने पास रख लिए। आरोपित की सबसे बड़ी बेटी की उम्र करीब 15 साल है।
जब पीड़िता की अम्मी घर से चली गई तो एक दिन उसका अब्बू नशे में धुत होकर आया और खाना खाने के बाद बेटी के साथ रेप किया। जब पीड़िता रोई-चिल्लाई तो आरोपित ने उसके मुँह में कपड़ा ठूँस दिया।
बेटी को दी जान से मारने की धमकी
पीड़िता ने बताया कि उसका अब्बू आए दिन उसके साथ रेप करता था और धमकी भी देता था। पीड़िता ने बताया कि अब्बू ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को इस बारे में कुछ भी बताया तो वह उसके छोटे भाई की गर्दन चाकू से काट देगा। आरोपित ने 8वीं कक्षा में पढ़ रही पीड़िता का स्कूल जाना भी बंद करा दिया था।
आरोपित ने बच्ची की अम्मी को भी धमकी दी थी। आरोपित ने उससे कहा था कि अगर वह पुलिस में शिकायत देगी तो उसके बच्चे की गर्दन काट देगा। वहीं, पुलिस ने इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच की जा रही है।
अखिलेश यादव के दावे को संचिता के पिता ने नकार दिया
इंडी गठबंधन और लेफ्ट लिबरल गैंग लोकसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार हारने की खीज मोदी सरकार के खिलाफ फेक न्यूज और फेक नैरेटिव बनाकर मिटाने में लगा है। अब तो राहुल गांधी के बाद संसद में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी झूठ का पिटारा लेकर आए। यादव ने आत्महत्या और बेरोजगारी का झूठ फैलाकर भाजपा को घेरने की नाकाम कोशिश की। लेकिन सपा मुखिया का झूठ कुछ पल भी नहीं टिक पाया। अकाट्य सबूत ये साबित कर रहे हैं कि बार-बार झूठ की इंडी गठबंधन की मंशा कितनी घिनौनी है। यहां तक कई बार तो झूठ फैलाते-फैलाते खुद इनकी ही कलई खुल जाती है, लेकिन कहते हैं ना कि शर्म इनको आती नहीं!
समाजवादी पार्टी के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव ने हाल ही में एक युवक की आत्महत्या को लेकर झूठ फैलाया। उन्होंने वाराणसी में फांसी लगा आत्महत्या करने वाला हरीश और इसी kii सूचना पर आत्महत्या करने वाली उनकी पत्नी संचिता शरण को लेकर यह झूठे दावे किए।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि 28 वर्षीय हरीश बागेश ने अपनी नौकरी जाने और दूसरी नौकरी ना मिलने के दबाव के कारण आत्महत्या की है। यादव ने भाजपा को इसमें घसीटते हुए दावा किया कि पति-पत्नी की आत्महत्या उत्तर प्रदेश में भाजपा की विफलता का प्रमाण है।
यूं तो इंडी गठबंधन का इतिहास झूठ का पुलिंदा है। चुनाव में संविधान बदलने की झूठी बातें, चुनाव के बाद फोन से ईवीएम अनलॉक और अब ऐसी झूठी बातों से कांग्रेस खुद ही एक्सपोज हो रही है।
बेरोजगारी के चलते यूपी में युवक ने आत्महत्या की 7 जुलाई 2024 समाजवादी पार्टी के मुखिया और सांसद अखिलेश यादव झूठ पर झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब यादव ने झूठ फैलाया है कि वाराणसी में एक युवक ने फांसी लगा आत्महत्या कर ली। अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट में दावा किया कि 28 वर्षीय हरीश बागेश ने अपनी नौकरी जाने और दूसरी नौकरी ना मिलने के दबाव के कारण आत्महत्या की है। यादव ने भाजपा सरकार को इसमें घसीटते हुए कहा कि आत्महत्या उत्तर प्रदेश में भाजपा की विफलता का प्रमाण है।
सपा मुखिया ने बगैर सच्चाई जाने ही सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए इतना बड़ा झूठ बोल डाला। दरअसल, विपक्ष लाशों पर राजनीति का कोई मौका नहीं छोड़ता, भले ही इसके लिए उसे झूठ का सहारा लेना पड़े। मीडिया से बात करते हुए हरीश की पत्नी संचिता के पिता डॉ. रामशरण ने अखिलेश के दावे को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा, “सपा नेता दंपत्ति की आत्महत्या पर राजनीति कर रहे हैं। यह बिल्कुल झूठ है कि उनका दामाद बेरोजगार था, जिससे उसने आत्महत्या की। वास्तव में हरीश मुंबई में नौकरी करते थे और उनकी सैलरी करीब एक लाख रुपये थी। उन्होंने स्वयं हरीश को गोरखपुर वापस बुलाया था, क्योंकि वे यहां अकेले थे। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा यूके में है। मैंने ही हरीश को यहां आकर काम करने के लिए कहा था। इसलिए अखिलेश यादव का दावा एकदम निराधार है।”
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “नौकरी छूटने और फिर न लग पाने के दबाव में पति की आत्महत्या की सूचना मिलने पर पत्नी द्वारा भी आत्महत्या करने का दुःखद समाचार मिला। भाजपा सरकार की नाकामी का इससे बड़ा कोई और हलफ़नामा चाहिए क्या। भाजपा को सिर्फ़ सत्ता की राजनीति से मतलब है, जनता के दुख-दर्द, बेरोज़गारी या महंगाई से नहीं। भाजपा राज में हताश जनता से विनम्र आग्रह है कि ऐसा कोई भी क़दम न उठाएं क्योंकि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, समाधान है भाजपा सरकार का बदलना।”
नौकरी छूटने और फिर न लग पाने के दबाव में पति की आत्महत्या की सूचना मिलने पर पत्नी द्वारा भी आत्महत्या करने का दुःखद समाचार मिला।
भाजपा सरकार की नाकामी का इससे बड़ा कोई और हलफ़नामा चाहिए क्या। भाजपा को सिर्फ़ सत्ता की राजनीति से मतलब है, जनता के दुख-दर्द, बेरोज़गारी या महंगाई से… pic.twitter.com/YIWtIAPdvI
इसी तरह के दावे कई सोशल मीडिया यूजर्स और विपक्ष समर्थक ‘पत्रकारों ने भी किए, जिनमें रणविजय सिंह भी शामिल हैं। रणविजय सिंह ने लिखा, ”ये संचिता और हरीश हैं। इनकी शादी 2 साल पहले हुई थी। हरीश ने एमबीए किया था, फिर उसकी नौकरी चली गई। काफी तलाश करने के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली। अब खबर है- बेरोजगारी से तंग आकर हरीश ने बनारस में आत्महत्या कर ली। यह खबर सुनकर पत्नी संचिता ने गोरखपुर स्थित अपने घर पर आत्महत्या कर ली। साल 2022 में देश में 15,783 लोगों ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की।”
ये संचिता और हरीश हैं
2 साल पहले इनकी शादी हुई. हरीश ने MBA किया था, फिर नौकरी छूट गई. बहुत खोजने पर भी काम न मिला.
अब खबर है- हरीश ने बेरोजगारी से तंग आकर बनारस में आत्महत्या कर ली.
ये खबर जानकर पत्नी संचिता ने अपने घर गोरखपुर में आत्महत्या कर ली.
8 जुलाई को मीडिया से बात करते हुए संचिता शरण के पिता डॉ. राम शरण ने अखिलेश यादव के दावों का खंडन कर दिया। उन्होंने कहा कि सपा नेता दंपत्ति की आत्महत्या पर राजनीति कर रहे हैं। शरण ने कहा कि हरीश मुंबई में नौकरी करते थे और उनकी सैलरी करीब ₹1 लाख/महीना थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं हरीश को गोरखपुर वापस बुलाया था, क्योंकि राम शरण और उनकी पत्नी (संचिता के माता-पिता) यहाँ अकेले थे और उनका बेटा इंग्लैंड में रहते हैं।
उन्होंने मीडिया से कहा, “यह अखिलेश यादव की राजनीति है। इस घटना का बेरोजगारी से कोई लेना-देना नहीं है। हरीश मुंबई में नौकरी करता था और उसकी सैलरी ₹1 लाख/महीना से अधिक थी। मैं उसे यहाँ वापस लाया, क्योंकि यहाँ दो बुजुर्ग लोग अकेले थे। मेरा बेटा यूके में रहता है। इसलिए मैंने हरीश को यहाँ आकर काम करने के लिए कहा। इसलिए अखिलेश यादव का दावा एकदम निराधार है।”
हरीश की कथित आत्महत्या से पहले की घटनाओं के बारे में बात करते हुए राम शरण ने बताया कि हरीश बागेश ने शुक्रवार (5 जुलाई, 2024) को संचिता को बताया था कि वह पटना जा रहा है। संचिता ने उसे रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि दंपति ने आखिरी बार शनिवार शाम को बात की थी। रविवार सुबह पुलिस को परिवार से पता चला कि हरीश वाराणसी के सारनाथ के अटल नगर कॉलोनी में एक होटल के कमरे में लटका हुआ पाया गया।
आगे उन्होंने बताया कि जब संचिता को हरीश के आत्महत्या करने की सूचना मिली, तो उन्होंने फोन लगाया। डॉ शरण ने पुलिस को बताया कि जब वह वाराणसी जा रहे थे तब संचिता ने अपने पिता से बताया कि वह बागेश के बिना नहीं रह सकती और इमारत की दूसरी मंजिल से कूद गई। एसपी सिटी (शहर) केके विश्नोई ने सोमवार को कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि हरीश ने बेरोजगारी से हताश होकर आत्महत्या की है। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि मृतक दंपति मुंबई से लौटने के बाद नई नौकरी नहीं पा सके थे। बताया गया था कि जहाँ हरीश HDFC बैंक में काम करते थे, जबकि संचिता पिछले बारह सालों से यहीं रहती थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि संचिता के परिवार को दोनों के शादी करने से कोई समस्या नहीं थी लेकिन हरीश के पिता इससे खुश नहीं थे।
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि हरीश किसी कारण से डिप्रेशन में चले गए थे और नशे के आदी हो गए थे। यह भी बताया गया कि संचिता भी बीमार थी और कथित तौर पर उसे नशे की लत लग गई थी। इस कारण से उनके जीवन में आर्थिक तंगी के अलावा आपसी तनाव भी बढ़ गया था। पुलिस को उनके कमरे से नशीला पदार्थ , सिगरेट, एक लाइटर, एक मोबाइल, एक पर्स और फांसी लगाने के लिए इस्तेमाल की गई रस्सी मिली थी।
हरीश और संचिता की शादी 2022 में हुई थी। बताया गया कि दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे और 11वीं में पढ़ते समय ही दोनों में प्यार हो गया था। जहाँ एक ओर इस मामले में जाँच जारी है, वहीं आत्महत्या के लिए बेरोजगारी को ढाल बनाते हुए अखिलेश यादव इस घटना का राजनीतिकरण कर रहे हैं। जहाँ उन्हें इस शोक की घड़ी में परिवार प्रति संवेदना प्रकट करनी चाहिए थी, वहीं वह इस मामले से अपना राजनीतिक एजेंडा साधने में जुट गए।
गोद लिए गांवों की दस साल में भी तस्वीर नहीं बदली 2 जुलाई 2024 समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने संसद में राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए झूठ का पिटारा खोल दिया। यादव ने बगैर किसी तथ्य या सबूत के आधार पर कहा, “पीएम ने बड़े पैमाने पर गांव गोद लिए थे। उन्होंने अपने दो टर्म पूरे कर लिए। इन दस साल में जिन गांवों को उन्होंने गोद लिया था, उनमें से किसी भी गांव की तस्वीर नहीं बदली। अगर दस सालों में तस्वीर बदली हो तो सत्ता पक्ष जरूर इस सदन में अपनी बात रखे।
साल 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के सभी सांसदों से अपने-अपने क्षेत्र के एक-एक गांव गोद लेने की अपील की थी, जिसका सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत विकास किया जा सके। इस मुहिम में पीएम मोदी ने खुद सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के जयापुर गांव को गोद लिया था। जयापुर अब आदर्श गांव में सम्मिलित हो चुका है। पीएम मोदी के जयापुर गांव को गोद लेने के बाद इसका कितना विकास और कायापलट हुआ है, इसका प्रमाण खुद गांव के लोगों ने दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक 10 साल में जयापुर का पूरा नक्शा ही बदल गया है। पीएम मोदी ने इस गांव को गोद लिया है, तब से गांव में दो-दो बैंक, एटीएम, पोस्ट ऑफिस, गांव में सड़क, घर-घर पानी और बिजली की सुविधा है और यहां लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस और आयुष्मान कार्ड की सुविधा मिली है। पीएम के गोद लिए दूसरों गांवों में भी ऐसे ही कायाकल्प हुआ है।
🚨IMPORTANT FACT-CHECK;
Akhilesh Yadav says that the Centre has given no expressway to Uttar Pradesh.
Here's the list of expressways alone being maintained (at different stages of construction or completion) under the NHAI;
अपर्णा ठाकुर और शिनोवा (बाएँ) और रवि किशन (दाएँ ) (चित्र साभार: News9Live & Indian Express सांसद और अभिनेता रवि किशन को अपनी बेटी का बाप बताने वाली महिला अपर्णा सोनी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश के लखनऊ में FIR दर्ज की गई है। यह FIR रवि किशन की पत्नी ने दर्ज करवाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अपर्णा सोनी उनसे ₹20 करोड़ वसूलना चाहती हैं, इसीलिए उन्होंने आरोप लगाए हैं।
लखनऊ के हजरतगंज थाने में रवि किशन की पत्नी प्रीती शुक्ला ने अपर्णा ठाकुर, अपर्णा के पति राजेश सोनी, बेटी शिनोवा सोनी, सपा नेता विवेक पाण्डेय और एक यूट्यूबर खुर्शीद खान के विरुद्ध कई धाराओं में FIR दर्ज करवाई है। प्रीती शुक्ला ने इस FIR में कहा है कि अपर्णा सोनी उर्फ़ अपर्णा ठाकुर पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें धमका रही हैं।
प्रीती शुक्ला ने कहा है कि अपर्णा उनके पति रवि किशन को बलात्कार के फर्जी मामले में फँसाने की धमकी दे रही हैं और ₹20 करोड़ की माँग कर रही हैं। उन्होंने अपर्णा पर आरोप लगाया कि उनके अंडरवर्ल्ड के साथ सम्बन्ध हैं। प्रीती शुक्ला ने कहा कि इस संबंध में मुंबई में भी एक शिकायत दर्ज की गई थी लेकिन फिर भी 15 अप्रैल को अपर्णा ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने अनर्गल आरोप लगाए।
प्रीती शुक्ला ने कहा कि वह इस महिला से डरी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपर्णा का 35 वर्ष पहले ही विवाह हो चुका है और पति का नाम राजेश सोनी है। अपर्णा के बेटी शिनोवा और बेटा भी है। प्रीती शुक्ला ने आरोप लगाया कि इस साजिश में समाजवादी पार्टी के एक नेता विवेक पाण्डेय और एक पत्रकार खुर्शीद खान भी शामिल हैं।
प्रीती शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनके परिवार को जान से मारने, उनकी छवि धूमिल करने और उनके पति को राजनीतिक नुकसान पहुँचाने की साजिश रची जा रही है। पुलिस ने इस मामले में अपर्णा ठाकुर, उनके परिवार और सपा नेता तथा यूट्यूबर के विरुद्ध कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले में की जाँच कर रही है।
अपर्णा ठाकुर ने 15 अप्रैल, 2024 को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने दावा किया था कि भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन उनकी 25 वर्षीय बेटी शिनोवा के पिता हैं। अपर्णा का आरोप था कि वह अपनी कथित बेटी को पूरे अधिकार नहीं दे रहे। अपर्णा ने दावा किया था कि उनकी रवि किशन से 1996 में शादी हुई थी। अब इस मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है।
मारपीट के बाद अर्चना गौतम को पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता कांग्रेस नेता अर्चना गौतम और उनके पिता के साथ 29 सितंबर को दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय के बाहर बदसलूकी हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद कॉन्ग्रेस ने अर्चना गौतम को पार्टी से बाहर कर दिया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि अर्चना को अनुशासनहीनता के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा गया था। लेकिन उन्होंने जवाब दिया। इसलिए 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।
दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुई घटना के बाद 30 सितंबर को पार्टी की ओर से जारी एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पूर्व विधायक औए कांग्रेस की अनुशासन समिति के सदस्य श्याम किशोर शुक्ला के नाम से वायरल लेटर में 8 जून, 2023 की तारीख लिखी हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल लेटर
इस लेटर में कहा गया है कि अनुशासनहीनता के लिए अर्चना गौतम को 31 मई, 2023 को पत्र भेजा गया था। इस पत्र में एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया था। लेकिन जवाब नहीं दिया गया। इसलिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के किए निष्कासित किया जाता है।
इसको लेकर मेरठ से कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश काजला का कहना है कि अर्चना गौतम को पार्टी ने जून में ही निष्कासित कर दिया था। वहीं दिल्ली से कॉन्डली सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक अमरीश सिंह गौतम ने भी सोशल मीडिया पर यूपी कांग्रेस द्वारा जारी लेटर शेयर किया। साथ ही उन्होंने लिखा कि अर्चना गौतम को 6 साल पहले पार्टी से बाहर किया जा चुका है। वह पब्लिसिटी स्टंट करने के लिए पार्टी कार्यालय गईं थीं।
अर्चना गौतम को जब अनुशासनहीनता में @INCUttarPradesh पार्टी से 6 वर्षों के लिए निष्कासित किया जा चुका तो फिर बिना अपॉइंटमेंट के AICC पर मीडिया में पब्लिकसिटी स्टंट के लिए के सिर्फ तमाशा करने आयीं थीं पहले भी इन्होंने पार्टी संगठन पर मीडिया में झूठे आरोप लगाए थे ।#ArchanaGautampic.twitter.com/T8SnTYfUXy
हालाँकि, इन तमाम बातों के बीच राजनीतिक हलकों से लेकर सोशल मीडिया तक में इस बात की चर्चा है कि कांग्रेस ने अर्चना गौतम को अभी निष्कासित कर पुरानी डेट का लेटर जारी किया है। इस बीच खबर है कि 30 सितंबर को मेरठ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अर्चना गौतम के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दी है। इसमें कहा गया है कि अर्चना लोगों को फर्जी केस लगाने की धमकी देकर डराती हैं।
‘मेरे साथ जो हुआ वो रेप से कम नहीं’: अर्चना गौतम
वहीं कांग्रेस कार्यालय में हुई घटना को लेकर अर्चना गौतम ने कहा कि वह तो महिला आरक्षण बिल पास होने की बधाई देने गई थी। लेकिन वहाँ उनके साथ अचानक से क्या होने लगा यह उन्हें समझ नहीं आ रहा था। वह भागकर किसी सुरक्षित स्थान में जाना चाहती थीं मैं लोगों से मदद की गुहार लगा रहीं थीं। लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।
अर्चना ने आगे कहा है कि हो सकता है कि उनका प्लान रहा हो कि इस भीड़ में उनका मर्डर हो जाए। वहाँ मौजूद लोग कुछ भी कर सकते थे। एसिड भी डलवा सकते थे। कांग्रेस कार्यालय में जो कुछ हुआ वह ऑन रोड रेप से कम नहीं है। अर्चना का दावा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बचने के लिए वह वहाँ खड़ी गाड़ियों के दरवाजे में हाथ मार रहीं थीं। लेकिन किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। ये सब कुछ होने के बाद पार्टी की ओर से किसी ने फोन कर उनका हाल भी नहीं पूँछा।
29 सितंबर को अर्चना गौतम और उनके पिता के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ अर्चना गौतम और उनके पिता के साथ बदसलूकी कर रही है। इस दौरान उनके पिता जमीन पर गिर जाते हैं। अर्चना गौतम अपने पिता के लिए पानी माँगती हुई मिन्नतें करती हैं, लेकिन कोई पानी तक नहीं देता। वीडियो में उन्हें चीखते-चिल्लाते हुए भी देखा जा सकता है।
अर्चना गौतम का दावा है कि वह संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ पास होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गाँधी को बधाई देने पहुँची थी। गौरतलब है कि अर्चना गौतम ‘बिग बॉस 16’, ‘खतरों के खिलाड़ी’ का हिस्सा रह चुकी हैं। उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर हस्तिनापुर विधानसभा से चुनाव भी लड़ा था। पार्टी ने उन्हें प्रियंका गाँधी के अभियान ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ का चेहरा भी बनाया था। लेकिन अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अर्चना और उनके पिता के साथ बदसलूकी कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने लव जिहादियों को भगवान श्रीकृष्ण से जोड़ा
सनातन धर्म का अपमान करना शायद कांग्रेस के DNA है। असम में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा ने भगवान श्रीकृष्ण को ‘लव जिहादियों’ से जोड़ दिया, जिसके बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन पर निशाना साधा है। गोलाघाट तिहरा हत्याकांड पर टिप्पणी करते हुए असम कांग्रेस के अध्यक्ष ने ये हरकत की थी। बता दें कि नज़ीबुर रहनाम ने फेसबुक से संघमित्रा घोष को फँसाया और फिर उसे और उसके माँ-बाप की हत्या कर दी। फिर वो 9 महीने के बच्चे को लेकर सरेंडर करने के लिए थाने पहुँचा।
भूपेन बोरा के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया है। उन्होंने कहा था, “युद्ध और प्यार में जब जायज है। हमारे प्राचीन ग्रंथों में ऐसी कई कहानियाँ हैं, जैसे भगवान श्रीकृष्ण भी रुक्मिणी के साथ भाग गए थे। सीएम सरमा को आज का जमाने में दो अलग-अलग धर्मों के लोगों द्वारा शादी करने को लेकर हंगामा नहीं खड़ा करना चाहिए।” सीएम सरमा ने जवाब देते हुए कहा कि ‘लव जिहाद’ से भगवान श्रीकृष्ण को जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि वो किसी को गिरफ्तार करवाने का कदम नहीं उठा सकते, लेकिन इस बयान से कई सनातनियों की भावनाएँ आहत हुई हैं और वो पुलिस में मामला दर्ज कराएँगे तो फिर भला कार्रवाई से कैसे रोका जा सकता है? उन्होंने कहा कि किसी ने केस दर्ज किया तो गिरफ़्तारी होगी। उन्होंने याद दिलाया कि कृष्ण ने रुक्मिणी को धर्म बदलने के लिए मजबूर नहीं किया था। उन्होंने कहा कि हम हर विवाद में हजरत मुहम्मद और जीसस क्राइस्ट को हर विवाद में नहीं खींचते।
🔴 Assam Congress president Bhupen Bora could be arrested - CM Dr. Himanta Biswa Sarma's explosive remarks. 🔴 Bhupen Bora will be arrested if anyone files a case for such remarks about Lord Krishna 🔴 It's unfortunate, such insulting remarks are made against Gods. pic.twitter.com/MJ9AJOPUZ8
— Nandan Pratim Sharma Bordoloi (@NANDANPRATIM) July 27, 2023
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ऐसे ही करती रही तो कल को मस्जिद और मदरसा ही उनका पता होगा। उन्होंने कहा कि AIUDF (बदरुद्दीन अजमल की पार्टी) वहाँ से भी कांग्रेस को निकाल फेंकेगी, फिर वो कहाँ जाएगी? उन्होंने कहा कि हिन्दू लड़के हिन्दू लड़कियों से और मुस्लिम लड़के मुस्लिम लड़कियों से शादी करेंगे तो देश में सहमति होगी। उन्होंने कहा कि धर्म अलग-अलग हो तो ‘स्पेशल मैरिज एक्ट’ है, किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।
आज कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर प्रश्न करने से पहले अपने शासन की कारगुजारी पर क्यों नहीं नज़र डालती? विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (Dr. S.Jaishankar) ने न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) के साथ पोडकास्ट इंटरव्यू में कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि किस तरह पहले पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी और फिर राजीव गाँधी के कार्यकाल के दौरान उनके पिता डॉ.के. सुब्रमण्यम के साथ नाइंसाफी हुई थी। साक्षातकार के दौरान विदेश मंत्री ने बताया कि विदेश मंत्री का पद दिए जाने के साथ उन पर भाजपा ज्वाइन करने का कोई दबाव नहीं था।
एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विदेश सचिव (Foreign Secretary) से लेकर विदेश मंत्री (Foreign Minister) बनने तक के सफर पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि वे ब्यूरोक्रेट्स के परिवार से आते हैं और हमेशा एक बेहतरीन ऑफिसर बनना चाहते थे। अपने पिता को याद करते हुए जयशंकर ने बताया कि उनके पिता सचिव पद (1979) तक पहुँच गए थे।
My father was a bureaucrat who had become a secretary but he was removed from his secretaryship. In 1980, when Indira Gandhi was re-elected he was the first secretary she removed...He saw his career in bureaucracy stalled.He was superseded in Rajiv Gandhi period:EAM Dr Jaishankar pic.twitter.com/VwUFQY6lJ5
एस जयशंकर ने अनुसार, जब 1980 में इंदिरा गाँधी की सरकार बनी तो उनके पिता के जयशंकर को उनके पद से हटा दिया गया। के जयशंकर उस वक्त डिफेंस प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में सचिव थे। जयशंकर ने बताया कि उनके पिता संभवतः पहले सचिव थे जिन्हें इंदिरा गाँधी ने सरकार बनने के बाद सबसे पहले हटाया था। एस जयशंकर ने बताया कि राजीव गाँधी के प्रधानमंत्री रहते हुए भी के. जयशंकर को नज़रअंदाज किया गया और उनके जूनियर को कैबिनेट सचिव बनाया गया।
एएनआई को दिए तकरीबन पौने 2 घंटे के साक्षातकार में यह हिस्सा 12 वें मिनट से सुना जा सकता है। इस दौरान एस. जयशंकर ने अपने विदेश सचिव से विदेश मंत्री बनने तक के घटनाक्रम पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 2019 में कैबिनेट का हिस्सा बनने के लिए कॉल किया था। जयशंकर ने कहा कि यह पूरी तरह से चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें भाजपा ज्वाइन करने को लेकर जोर नहीं दिया गया।
एस जयशंकर ने कहा कि बीजेपी में शामिल होने का फैसला उनका अपना था। उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन अपने उत्तरदायित्व के ईमानदारी के साथ निर्वहन और नेतृत्व का सहयोग प्राप्त करने के लिए उन्होंने भाजपा को चुना।
एस. जयशंकर कहते हैं कि उनके पिता एक ईमानदार व्यक्ति थे। हो सकता है इसकी वजह से समस्या हुई हो। उसके बाद वो कभी सचिव नहीं बने। जयशंकर ने बताया कि परिवार में इस बात को लेकर कभी चर्चा तो नहीं हुई लेकिन जब उनके बड़े भाई सचिव बने तो पिता काफी खुश हुए थे। बाद में एस. जयशंकर भी विदेश सचिव बने, हालाँकि तब तक उनके पिता का निधन हो चुका था। पिता ने भले ही उन्हें सचिव के पद पर नहीं देखा, लेकिन पिता के रहते जयशंकर ग्रेड वन तक पहुँच चुके थे जो सेक्रेटरी के बराबर का ही रैंक होता है।
फ्रांसीसी सरकार ने 1791 के बाद पहली बार सगे-संबंधियों के बीच यौन संबंध पर प्रतिबंध लगाने की योजना की घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल फ्रांस में अनाचार वैध है, बशर्ते कि उसमें 18 वर्ष से कम उम्र का कोई शामिल न हो। मगर अब इसे पूरी तरह से बैन करने की योजना बनाई जा रही है। फ्रांस के बाल संरक्षण मामलों के मंत्री एड्रियन टैक्वेट ने इसकी जानकारी दी।
टैक्वेट ने AFP के साथ एक इंटरव्यू में कहा, “उम्र चाहे जो भी हो, आप अपने पिता, अपने बेटे या अपनी बेटी के साथ यौन संबंध नहीं बना सकते हैं। यह उम्र का सवाल नहीं है, यह वयस्कों (Adults) की सहमति का सवाल भी नहीं है। हम अनाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। इसके संकेत स्पष्ट होने चाहिए।” जानकारी के मुताबिक नए कानून के तहत, चचेरे भाई-बहनों को अभी भी शादी करने की अनुमति होगी, लेकिन इस बात की पुष्टि होनी बाकी है कि यह प्रतिबंध सौतेले परिवारों तक बढ़ाया जाएगा या नहीं।
#Gravitas | France is all set to ban incest for the first time since 1791. Recent polls found that at least 10% of French people are victims of incest. Why did France delay this decision for two centuries? @palkisu tells you. pic.twitter.com/iSI55rkVkv
चाइल्ड प्रोटेक्शन चैरिटी, लेस पैपिलॉन्स के चेयरमैन लॉरेंट बोएट ने मिस्टर टैक्वेट की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने द टाइम्स को बताया, “अनाचार सामाजिक रूप से प्रतिबंधित है, लेकिन कानूनी रूप से प्रतिबंधित नहीं है जबकि दोनों का एक साथ होना आवश्यक है।” बता दें कि 1791 में, अनाचार, ईशनिंदा और सोडोमी को फ्रांसीसी दंड संहिता से अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया था। उनका मानना था कि अगर कोई पीड़ित नहीं है तो वह अपराध नहीं है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन पिछले साल जनवरी में उस समय सुर्खियों में आ गए थे, जब उन्होंने एक किताब के प्रकाशन के बाद अनाचार पर नियमों को कड़ा करने का आह्वान किया था। इसमें एक शीर्ष फ्रांसीसी राजनीतिक टिप्पणीकार पर अपने सौतेले बेटे को गाली देने का आरोप लगाया गया था। ओलिवियर डुहामेल ने स्वीकार किया कि उन्होंने 1980 के दशक में किशोर लड़के के साथ दुर्व्यवहार किया था, लेकिन फ्रांसीसी क़ानून की सीमाओं के कारण उन पर कभी मुकदमा नहीं चलाया गया। बीते साल फ्रांस ने रेप की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए भी कानून में बड़ा बदलाव किया था। इसके अनुसार 15 साल के कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध बनाना रेप माना जाएगा।