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बधाई मेरे दोस्त… अमेरिका ने 132 साल बाद दोहराया इतिहास, राष्ट्रपति चुनाव जीतते ही एलन मस्क से लेकर आतंकवाद तक पर डोनाल्ड ट्रंप ने की मन की बात

       डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका में फिर राष्ट्रपति बनकर वापसी फोटो साभार: NYT/ @narendramodi का X हैंडल
अमेरिका का 47वाँ राष्ट्रपति चुने जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र ने बधाई संदेश दिया। ट्रंप के साथ अपनी पुरानी 4 तस्वीरें साझा करते हुए पीएम मोदी ने ट्रंप को अपना दोस्त बताया और कामना की कि वे लोग मिलकर भविष्य में भी काम करेंगे।

उन्होंने अपने संदेश में कहा, “मेरे मित्र डोनाल्ड ट्रंप को ऐतिहासिक चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई। जैसा कि आप अपने पिछले कार्यकाल की सफलताओं को आगे बढ़ा रहे हैं, मैं भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए हमारे सहयोग को नवीनीकृत करने के लिए तत्पर हूँ। आइए हम सब मिलकर अपने लोगों की बेहतरी के लिए और वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए काम करें।”

डोनाल्ड ट्रंप की इस जीत के साथ ही सोशल मीडिया पर काफी मीम भी बनाकर शेयर किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मीम कंगना रनौत ने अपने साझा किया है। मीम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह ट्रंप का चेहरा लगा है और सीएम योगी की जगह एलन मस्क का चेहरा लगा है। इस मीम को साझा करते हुए कंगना ने कहा कि ये मीम इंटरनेट पर सबसे बेस्ट है। वहीं अन्य यूजर्स भी इसी तरह के मीम शेयर करके लिबरलों की चुटकी ले रहे हैं।

ट्रंप की जीत से डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक जहाँ दुख में है वहीं ट्रंप ने जीत के बाद अपने समर्थकों में जोश भरा है। चुनाव जीतने के बाद ट्रंप की पहली स्पीच में उन्होंने कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने अमेरिका की जनता को धन्यवाद दिया और कहा कि वो अपनी बहर सांस तक अमेरिका के लोगों और उनके परिवार के लिए लड़ेंगे।

 समर्थकों से अपने ऊपर हुए हमले को याद दिलाते हुए कहा- “भगवान ने मेरी जिंदगी किसी वजह से बचाई। और यह वजह है कि अपने देश को बचाना और अमेरिका को फिर से महान बनाना।” उन्होंने आश्वासन दिया कि वो अब सब ठीक कर देंगे और कहीं कोई युद्ध नहीं होगा। उन्होंने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी बात की और आतंकवाद को खत्म करने के वादे को भी याद रखा।

ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान एलन मस्क का भी जिक्र किया। ट्रंप ने कहा कि एलन मस्क को बहुत प्रेम करते हैं और उनके समर्थन के लिए आभार जताते हैं। उन्होंने कहा कि अब राष्ट्रपति बनकर वो अपने देश की सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने अवैध माइग्रेशन को बंद करने और अमेरिकियों को अच्छी नौकरी देने के अपने वादे पर प्रतिबद्धता दिखाई।

अवलोकन करें:-

ट्रंप जीता तो सरेआम करूँगा गोलीबारी: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बीच हमलों की धमकी देने वाला ग
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अमेरिकी के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप ने 270 का आँकड़ा पार करते हुए कमला हैरिस को मात दी और एक बार फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति पद को संभाला। ये अमेरिका के 132 साल के इतिहास में दूसरी बार हुआ है। उनसे पहले ग्रोवर क्लीवलैंड दो लगातार कार्यकाल वाले अमेरिकी राष्ट्रपति थे। वे पहली बार 1884 और फिर 1892 में राष्ट्रपति बने थे। मालूम हो कि ट्रंप की पार्टी के लिए इस जीत के साथ अमेरिका के उच्च सदन से भी खुशखबरी सामने आई है जहाँ पार्टी ने चार साल बाद सीनेट में अपनी संख्या बहुमत के पार कर ली है। इसी के साथ अब सदन में रिपब्लिकन पार्टी के 51 और डेमोक्रेट पार्टी के 49 सांसद हो गए हैं।

विपक्ष के हाथ कठपुतली बनी 56 इंच वाले मोदी की भाजपा ; नूपुर शर्मा की तरह कंगना रनौत का भाजपा में ही विरोध क्यों ? जनता के सामने सच्चाई लाने से क्यों डर रही भाजपा? वीडियो

                                    'किसान आंदोलन' पर कंगना रनौत के बयान से भाजपा ने झाड़ा पल्ला
नूपुर शर्मा के बाद कंगना रनौत से क्यों किनारा कर रही भाजपा? 
कंगना ने क्या गलत बोला है? क्यों कंगना द्वारा सच्चाई सामने लाने से 56 इंच वाले नरेंद्र मोदी की पार्टी और सरकार किनारा कर रही है? अगर नूपुर शर्मा के मामले में मोदी सरकार ने मुस्लिम कट्टरपंथियों और विपक्ष को प्रेस कांफ्रेंस कर छेड़छाड़ वाली और असली वीडियो बशर्ते डंडा हाथ में लेकर यह आदेश देकर कि प्रेस कांफ्रेंस को लाइव नहीं दिखाने चैनल को 6 महीने के बैन कर दिया जाएगा कहकर दिखाई होती, किसी कन्हैया की जान नहीं जाती। हैदराबाद में टी राजा सिंह के मामले में भी बीजेपी ने मुस्लिम कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक दिए थे। राजा सिंह को पार्टी से निकाल दिया, क्यों? जिसका जब किया सनातन का अपमान करता रहता है, मोदी सरकार चुप रहती है,क्यों? कितनों के विरुद्ध मोदी सरकार ने सनातन का अपमान करने पर कार्यवाही की? आखिर कब भारत विरोधियों और सनातन विरोधियों के मंसूबों पर कुठाराघात किया जाएगा? जब देश ही सुरक्षित नहीं रहेगा, कौन करवाएगा चुनाव?          

भाजपा ने अपने सांसद कंगना रनौत के बयान से पल्ला झाड़ लिया है। हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रनौत ने ‘किसान आंदोलन’ के संबंध में कहा था कि उस दौरान बलात्कार और हत्या की घटनाएँ हुई थीं। अब भाजपा ने आधिकारिक बयान जारी कर के खुद को इससे अलग कर लिया है। भाजपा ने कहा है कि सांसद कंगना रनौत द्वारा ‘किसान परिप्रेक्ष्य’ में दिया गया बयान पार्टी का मत नहीं है। साथ ही पार्टी ने कंगना रनौत के बयान से असहमति भी व्यक्त की है।

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि पार्टी की ओर से नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए न तो कंगना रनौत को अनुमति है और न ही वो बयान देने के लिए अधिकृत हैं। साथ ही BJP ने कंगना रनौत को ये भी निर्देश दिया है कि भविष्य में वो इस प्रकार का बयान न दें। पार्टी ने दोहराया कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ तथा सामाजिक समरसता के सिद्धांतों पर चलने के लिए कृतसंकल्पत है। कॉन्ग्रेस लगातार कंगना रनौत के बयान का विरोध कर रही थी।

कंगना रनौत ने इस दौरान ये भी कहा था कि फ़िल्मी लोगों को पता होना चाहिए कि देश नहीं रहेगा तो वो भी नहीं बचेंगे। अब कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है कि भाजपा को कंगना रनौत को पार्टी से निकालना चाहिए। बता दें कि इन्हीं सुप्रिया श्रीनेत ने कंगना रनौत के लिए लोकसभा चुनाव के समय अश्लील शब्द का प्रयोग किया था। इसके बाद उन्हें इंस्टाग्राम पोस्ट डिलीट करना पड़ा था। अब वही कॉन्ग्रेस पार्टी कंगना रनौत के नाम पर भाजपा को घेर रही है।

बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा कि अगर देश का शीर्ष नेतृत्व को बेहद मजबूत बताया है। उन्होंने कहा कि अगर नेतृत्व मजबूत नहीं होता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे। प्रदर्शन स्थल पर रेप और हत्याएँ हो रही थीं।

 कंगना ने एक मीडिया हाउस दो दिए इंटरव्यू में कहा, “आज हमारा शीर्ष नेतृत्व कमजोर होता तो भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति हो सकती थी। यहाँ किसान आंदोलन के दौरान क्या हुआ, उसे सबने देखा। प्रोटेस्ट के नाम पर वायलेंस फैलाया गया। वहाँ रेप हो रहे थे। मारकर लाशों को लटकाया जा रहा था।” उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने बहुत लंबी योजना बना रखी थी।

अभिनेत्री ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के सरकार के फैसले को सही ठहराया और कहा, “जब उस बिल को वापस लिया गया तो ये उपद्रवी चौंक गए, क्योंकि उनकी प्लानिंग तो बहुत लंबी थी। उन पर समय रहते कंट्रोल पा लिया गया, वरना वे कुछ भी कर सकते थे।” उन्होंने पंजाब का उदाहरण दिया, जहाँ ड्रग्स रैकेट और धर्मांतरण रैकेट सक्रिय हैं।

दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में भाजपा सांसद कंगना रनौत ने कहा, “पंजाब में क्या हो रहा है, यह सारी दुनिया देख रही है। ‘उड़ता पंजाब’ फिल्म में वहाँ की रियलिटी भी दिखाई गई है। इस समय पंजाब में ड्रग्स माफिया, धर्म परिवर्तन गैंग और अलगाववादी खालिस्तान समर्थक खूब फल-फूल रहे हैं। वहाँ पर कुछ लोग हर वक्त कानून अपने हाथ में ले रहे हैं।”

महिला सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा महिलाओं के सपोर्ट में आवाज बुलंद की है। आज से 10 साल पहले आमिर खान जी के शो सत्यमेव जयते में मैंने फिल्मों में आइटम नंबर्स का खुला विरोध किया था। आइटम सॉन्ग में महिला को ऑब्जेक्टिफाई किया जाता है। एक महिला का शरीर सिर्फ मनोरंजन के लिए है? इससे समाज में गलत मैसेज जाता है।”

उन्होंने कहा कि संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘रामलीला’ में आइटम सॉन्ग करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसी तरह, फराह खान ने भी अपनी फिल्म के लिए उन्हें कॉल किया था, लेकिन कंगना ने उन्हें भी मना कर दिया। उन्होंने कहा, “मेरा वजूद मुझे यह सब करने की इजाजत नहीं देता, क्योंकि इसे मैं महिला के अपमान के तौर पर देखती हूँ।”

फिल्म इंडस्ट्री के लोगों का उनसे खफा रहने के सवाल पर कंगना ने कहा, “लोगों को लगता है कि कंगना कुछ ज्यादा ही सच बोल देती है। मैंने इंडस्ट्री में फैले सेक्सिज्म, नेपोटिज्म और आइटम नंबर्स के खिलाफ हमेशा से ही बोला है। मीटू मूवमेंट के वक्त भी मैंने काफी लोगों के पोल खोले थे। सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड के वक्त भी मैंने काफी खुलासे किए, जिसकी वजह से काफी लोगों को मिर्ची लगी थी।”

किसान आंदोलन और पंजाब को लेकर कंगना रनौत द्वारा दिए गए बयान पर पंजाब के कॉन्ग्रेस नेता राजकुमार वेरका ने निशाना साधा है। वेरका ने कहा, “कंगना लगातार किसानों पर ऐसे बयान दे रही हैं। उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए और उन पर NSA लगाया जाए।” राजकुमार वेरका 2 बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं। 2017 से 2022 तक पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। 


‘ये बैठेगी वहाँ पे, मेरी माँ वहाँ बैठी थी’: कंगना रनौत को थप्पड़ मारने वाली कुलविंदर का भाई है ‘किसान नेता’, CISF में पति भी तैनात

कुलविंदर कौर (दाएँ), के भाई शेर सिंह (बाएँ) ने कंगना रनौत (बीच में) को थप्पड़ मारने का समर्थन किया है (चित्र साभार: KanganaTeam, @iAnkurSingh & Gagan4344/X)
हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद चुनी गई अभिनेत्री कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर थप्पड़ मारने वाली CISF सुरक्षाकर्मी कुलविंदर कौर के बारे में कई जानकारियाँ निकल कर सामने आई हैं। उसके खिलाफ CISF ने कार्रवाई भी चालू कर दी है।

यह सामने आया है कि वह पंजाब के सुल्तानपुर लोधी की रहने वाली है। उसकी आयु 35 वर्ष है। पता चला है कि कुलविंदर कौर का पति भी CISF में तैनात है। कुलविंदर का भाई शेर सिंह किसान मजदूर संघर्ष कमेटी का संगठन सचिव है। वह किसान आन्दोलन में सक्रिय रहा है। कुलविंदर कौर के भाई शेर सिंह ने इस घटना के बाद अपनी बहन का समर्थन किया है।

कुलविंदर कौर को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर दो वर्ष पहले तैनात किया गया था। घटना के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया है। CISF ने उसके विरुद्ध निलम्बन की कार्रवाई की है। CISF ने इस घटना की जाँच के लिए एक पैनल का गठन किया है।

कुलविंदर कौर ने गुरुवार (6 जून, 2024) को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर दिल्ली जा रहीं सांसद कंगना रनौत को सुरक्षा जाँच के दौरान थप्पड़ मार दिया था। उसने इसके बाद एयरपोर्ट पर हंगामा भी मचाया था, इसकी कुछ वीडियो भी सामने आईं थी। इसमें वह कहते सुनी जा सकती है, ‘इसने ₹100-₹100 में महिलाओं बैठने को कहा था, ये बैठेगी वहाँ पर, मेरी माँ बैठी थी।”

कुलविंदर कौर का कहना था कि उसने कंगना रनौत को इसलिए थप्पड़ मारा क्योंकि उन्होंने किसान आंदोलन में बैठी महिलाओं को लेकर बयान दिया था। उसने बताया था कि इस किसान आंदोलन में उसकी माँ भी शामिल थी और उसे कंगना का बयान अखर रहा था।

कंगना रनौत ने इस मुद्दे के बाद एक वीडियो जारी किया था। उन्होंने बताया, “मैं बताना चाहती हूँ कि मैं पूरी तरीके से ठीक हूँ, सुरक्षित हूँ। आज जो चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर जो हादसा सुरक्षा जाँच के दौरान हुआ। मैं सुरक्षा जाँच के बाद जैसे ही निकली, इसके बाद दूसरे केबिन में बैठी एक सुरक्षाकर्मी ने आकर मेरे मुँह पर मारा। वह गालियाँ देने लगी, उन्होंने पूछने पर बताया कि वह किसान आंदोलन का समर्थन करती हैं। मैं सुरक्षित हूँ लेकिन मैं पंजाब में उग्रवाद और आतंकवाद के बढ़ने को लेकर चिंतित हूँ।”

हर तरह से Frustrated लगती सुप्रिया श्रीनेत मानसिक संतुलन खो बैठी; कांग्रेस और उसके साथी पागल से हो रहे हैं

सुभाष चन्द्र 

शीशे के महलों में रहने वालों को दूसरे के घरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। पलटवार होने पर सबसे ज्यादा नुकसान होता है। भाजपा की तरफ से हिमाचल प्रदेश की मंडी से लोकसभा उम्मीदवार घोषित होने के बाद कंगना रनौत के खिलाफ ऑनलाइन गालियाँ देने का अभियान चलाया गया। उनके लिए बेहद अभद्र शब्द इस्तेमाल किए गए। इस पूरे अभियान में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत भी शामिल रहीं। हालाँकि, बाद में वह बचती नजर आईं। 

लेखक 
कंगना पर घिनौनी भाषा इस्तेमाल करने वाली सुप्रिया क्या सोनिया गाँधी के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर सकती है? जिस तरह कंगना के फिल्मों के फोटो किया है, क्या सोनिया के शादी से पहले के फोटो शेयर कर सकती है? क्या बताएगी कि राजीव गाँधी से शादी करने से पहले इटली में सोनिया क्या करती थी? लेकिन अब सोशल मीडिया पर सब उजागर हो रहा है। मोदी को कहते है 'चाय बेचने वाला' लेकिन सोनिया के बारे में बोलने की हिम्मत नहीं। 

कल जब कंगना रनौत को हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से टिकट दिया गया था, मुझे तब ही आभास हो गया था कि कांग्रेस के “भाषा विशेषज्ञ” अपना ज्ञान जरूर बरसाएंगे इस सीट के लिए और वही हुआ है। 

अपने इंस्टा पर सुप्रिया श्रीनेत ने एक स्त्री होते हुए कंगना रनौत के लिए सभी मर्यादाएं पार करते हुए भद्दी टिप्पणी करते हुए लिखा - “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा” और यह लिखते हुए श्रीनेत ने कंगना की एक Racy Picture लगाई - अब इन शब्दों का मतलब कोई भी समझ सकता है - अगर श्रीनेत को कहा जाए कि “पूछ तो ऐसे रही हो जैसे खुद कोई धंधा चलाती हो और अपने ठिकाने के लिए worker तलाश कर रही हो” तो कैसा लगेगा - और एक बार अपनी पार्टी में भी पूछ ले कभी किस किस का क्या “रेट” हुआ करता था -?”

सुप्रिया का कंगना पर पोस्ट

सुप्रिया के यह पोस्ट करने के बाद उनकी जम कर आलोचना हुई है। कंगना रनौत ने उन पर प्रश्न उठाते हुए ट्विटर लिखा, “प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में अपने 20 वर्ष के करियर में मैंने हर तरह की महिला की भूमिका निभाई है। क्वीन फिल्म में एक भोली लड़की से लेकर धाकड़ फिल्म में एक जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में एक राक्षसी तक, रज्जो में एक वेश्या से लेकर थलैवी में एक क्रांतिकारी नेता तक।”

इस पर कांग्रेस की गुलाम बुढ़िया 78 साल की मृणाल पांडे, जो एक अलग तरह की Frustrated आत्मा लगती है कहती है शायद अपने Experience से -”शायद यूँ कि मंडी में सही रेट मिलता है” - वहीँ कांग्रेस के एक पदाधिकारी HS Ahir ने ट्वीट किया “मंडी से R*ndi”

जब भाजपा ने श्रीनेत को आड़े हाथों लिया तो उसने 2 घंटे बाद सफाई देते हुए कहा कि “उसका मेटा अकाउंट हैक हो गया और पोस्ट को डिलीट कर दिया उसने दावा भी किया जो लोग मुझे जानते हैं, उन्हें पता है मैं किसी महिला के लिए ऐसा नहीं कह सकती” - 

एक यह और झूठ बोला श्रीनेत ने, उसे याद नहीं उसने स्मृति ईरानी के लिए राहुल गांधी के Flying Kiss ड्रामे पर कहा था “वो औरत के नाम पर एक धब्बा है” 

सवाल यह उठता है कि जब सुप्रिया श्रीनेत का अकाउंट हैक हो गया था तो वह पोस्ट तो उसकी थी ही नहीं, वो तो किसी हैकर ने लिखी थी - फिर पोस्ट को डिलीट करने का कोई औचित्य था ही नहीं - 

सुप्रिया श्रीनेत की इन टिप्पणियों पर चौतरफा उनकी आलोचना हो रही है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला आयोग से उन पर एक्शन लेने की माँग की जा रही है। पोस्ट डिलीट करके उन्होंने सफाई पेश की है लेकिन लोग पूछ रहे हैं कि आखिर उनके द्वारा ऐसा पोस्ट हुआ ही क्यों।

अब भाजपा खड़गे से कह रही है सुप्रिया को बर्खास्त करो लेकिन कांग्रेस तो ऐसी गाली बकने वालों को इनाम देती है, वो सुप्रिया पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी - कांग्रेस तो अपने सहयोगी DMK के प्रधानमंत्री को दी गई किसी गाली पर विरोध नहीं दिखाते और सनातन को समाप्त करने और हिन्दू धर्म को शत्रु बताने पर द्रमुक के साथ खड़े होते हैं 

द्रमुक के एक मंत्री  TM Anbarasan ने अभी 13 मार्च को कहा था कि "I am silent and speaking in a soft manner as I am a Minister. If I weren't a Minister, I would have chopped him (PM Modi) to pieces" - कांग्रेस ने तो  खुद मोदी के टुकड़े करने वाले इमरान मसूद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का उपाध्यक्ष और AICC का राष्ट्रीय सचिव भी बनाया था - वो कांग्रेस भला TM Anbarasan का विरोध कैसे करेगी बल्कि कांग्रेस को तो अच्छा लगेगा अगर वह मंत्री मोदी की हत्या कर देगा क्योंकि मोदी को कांग्रेस वैसे तो हरा नहीं सकती -

आज तमिलनाडु के एक और मंत्री अनीता राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द बोले हैं कि “आप (मोदी)  कामराज की सोते हुए हत्या करना चाहते थे, आप तो बात ऐसे कर रहे हो जैसे कामराज आपको गले लगाते थे और भी बहुत कुछ कहा है - कामराज कांग्रेस से मुख्यमंत्री थे और मोदी की उनकी तारीफ करने पर द्रमुक मंत्री मोदी को ऐसे बेइज़्ज़त करता है लेकिन कांग्रेस खामोश है -

कांग्रेस और उसके साथियों का गिरोह “इंडी ठगबंधन” अंधेरे में भटकता हुआ “गैंग” है जिसे कहीं कोई ठिकाना नज़र नहीं आ रहा - सभी को हार दिखाई दे रही है जिसकी वजह से मानसिक संतुलन खो कर जो मुंह में आ रहा है, वह बोल रहे हैं - एक तो प्रधानमंत्री बनने के सपने देखते देखते जेल पहुंच गया -

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और एचएस अहीर पर NCW सख्त, चुनाव आयोग से एक्शन की माँग: कंगना रनौत को लेकर ‘रं$, रेट क्या है’ जैसे शब्दों का किया था इस्तेमाल


राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। सुप्रिया श्रीनेत ने फेसबुक और इन्स्टाग्राम पर एक पोस्ट में अभिनेत्री कंगना रनौत पर अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने यह पोस्ट बाद में हटा ली थी और सफाई पेश की थी।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “राष्ट्रीय महिला आयोग सुप्रिया श्रीनेत और श्री एच.एस. अहीर के अभद्र आचरण से हैरान है। इन्होने कंगना रनौत के विषय में सोशल मीडिया पर फूहड़ और अपमानजनक टिप्पणी की है। ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, यह महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने देश के चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर सुप्रिया श्रीनेत और अहीर के खिलाफ जल्द कार्रवाई की माँग की है। महिलाओं के सम्मान और गरिमा को बनाएँ रखें।”

24 मार्च, 2024 को अभिनेत्री कंगना रनौत को भाजपा ने हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया था। कंगना रनौत के चुनाव प्रत्याशी घोषित होने के साथ ही उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों और ट्रोल का अभियान चलाया गया था।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर कंगना की एक फोटो डालते हुए लिखा, “क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा?”  

कंगना रनौत महिला आयोग

सुप्रिया के यह पोस्ट करने के बाद उनकी जम कर आलोचना हुई। कंगना रनौत ने उन पर प्रश्न उठाते हुए ट्विटर लिखा, “प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में अपने 20 वर्ष के करियर में मैंने हर तरह की महिला की भूमिका निभाई है। क्वीन फिल्म में एक भोली लड़की से लेकर धाकड़ फिल्म में एक जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में एक राक्षसी तक, रज्जो में एक वेश्या से लेकर थलैवी में एक क्रांतिकारी नेता तक।”

सुप्रिया के इस पोस्ट पर प्रश्न उठाए जाने पर उन्होंने इसे हटा लिया और ट्विटर पर सफाई पेश की। उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट लिख कर अकाउंट का एक्सेस किसी और के हाथ में होने और साथ ही एक पैरोडी अकाउंट पर दोष मढ़ने का प्रयास किया। उन्होंने अपने ही अकाउंट से पोस्ट किए गए फोटो को लेकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया।

उन्होंने लिखा, “मेरे मेटा अकाउंट (फेसबुक और इंस्टा) का एक्सेस रखने वाले किसी व्यक्ति ने एक काफी घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट की, जिसे हटा दिया गया है। जो भी मुझे जानता है उसे पता होगा कि मैं किसी महिला के लिए ऐसा कभी नहीं कहूँगी। हालाँकि, मुझे अभी पता चला है कि मेरे नाम से एक पैरोडी अकाउंट ट्विटर पर चलाया जा रहा है, इससे ही पूरी शरारत शुरू हुई और इसकी रिपोर्ट की जा रही है।”

एक कांग्रेस नेता HS अहीर ने भी कंगना पर अभद्र ट्वीट किया था और बाद में यही सफाई पेश की थी कि उनका अकाउंट एक्सेस किसी और के पास था और उसने यह ट्वीट किया।

The Kashmir Files : ‘कहाँ गए वे करोड़ों लोग (हिंदू)… टुकड़े गैंग का कैंसर निकाल फेंकिए’: कंगना रनौत

          कंगना रनौत ने द कश्मीर फाइल्स को बताया बॉलीवुड का पापनाशक (साभार: इंडियन एक्सप्रेस/इंस्टाग्राम)
विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ ने नब्बे के दशक में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार को चर्चा में ला दिया है। इस पर लगातार तमाम तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (kangana ranaut)ने भी इस फिल्म को देखने के बाद एक वीडियो के जरिए अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि विवेक अग्निहोत्री ने इस फिल्म के जरिए बॉलीवुड के सारे पाप धो दिए हैं। साथ ही उन करोड़ों हिंदुओं के बारे में भी पूछा है जो कभी पाकिस्तान और बांग्लादेश में रहते थे।

लोगों से यह फिल्म देखने की अपील करते हुए कंगना ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के जरिए कहा है, “मैंने अपने के साथ द कश्मीर फाइल्स देखी। विवेक अग्निहोत्री जी आप और आपकी टीम धन्य है। आपने इस फिल्म के जरिए पूरे देश और फिल्म इंडस्ट्री को गौरवान्वित किया है। ये फिल्म इंडस्ट्री सदैव आपकी आभारी रहेगी। आपने दशकों से किए गए हमारे पापों को भी धो दिया है। मैं सबकी ओर से आपको मार्गदर्शन करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूँ।”

एक्ट्रेस ने कहा है, “ये सरकार की नहीं, बल्कि सभ्यता की लड़ाई और ये हर हिंदुस्तानी की लड़ाई है। जिन चीजों को आपको आपके टीचर्स ने नहीं बताया, आपको किताबें नहीं बताएँगी, मीडिया नहीं बताएगा। आपको आपकी इंसानियत को झकझोरना है। आप अपनी मानवता को खुद को गाइड करने दीजिए आपको सबकुछ पता चलेगा। काय़रता के पर्दे के पीछे मत छुपो। सभ्यता की इस लड़ाई में ये जो टुकड़े गैंग का कैंसर आपको आपके आसपास दिखे उसे इस देश से निकालकर फेंकिए। ‘द कश्मीर फाइल्स’ जरूर देखें। एक नए भारत की नींव रखें।”

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रवीश का ‘सर’ और कश्मीरी पंडितों का हत्यारा! : वो ‘यासीन मलिक’ जिसे UPA सरकार से मिला भरपूर ‘प्यार’
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रवीश का ‘सर’ और कश्मीरी पंडितों का हत्यारा! : वो ‘यासीन मलिक’ जिसे UPA सरकार से मिला भरपूर ‘प्यार’

इससे पहले भी कंगना ने कश्मीर फाइल्स को लेकर बॉलीवुड की चुप्पी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, “बुल्लीदाऊद और उनके चमचे सदमे में चले गए हैं। कोई कुछ कह नहीं रहा है, सारी दुनिया देख रही है इनको लेकिन फिर भी कुछ नहीं कह रहे हैं। उनका समय खत्म हो गया है।” 

Lock UPP की सायशा शिंदे : ‘कहीं मैं मास्टरबेशन तो नहीं कर रही – बाथरूम में झाँक कर देखता था बॉयफ्रेंड’

 सायशा शिंदे ने बॉयफ्रेंड पर लगाया यौन शोषण का आरोप 
बिग बॉस की तर्ज पर MXPlayer पर प्रसारित हो रहे Lock UPP भी अश्लीलता के कारण चर्चा में हैं। फिल्म एक्ट्रेस कंगना रनौत का रियलिटी शो लॉक अप लगातार सुर्खियों में हैं। कंगना के शो में हाल ही में पूनम पांडे और अंजली अरोड़ा के बाद सायशा शिंदे ने भी अपनी पर्सनल लाइफ की ट्रैजडी को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि वो एक लड़के के साथ रिलेशन में थी, जिसने मेरा शोषण किया था। सायशा शिंदे कहती हैं कि जब भी वो बाथरूम जाती थीं, तो उनका ब्वॉयफ्रेंड बाथरूम के अंदर झाँकता था। 

सायशा शिंदे सेक्स चेंज कराने से पहले एक लड़का थीं और उनका नाम स्वप्निल था। कंगना के लॉक अप में सायशा ने अपने साथ हुई बर्बरता के बारे में बताते हुए कहा कि रिलेशनशिप में मेरे साथ केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक दुष्कर्म किया गया, जो एक अलग लेवल का है। उन्होंने कहा, “वो मुझे ऐसा फील करवाता था, जैसे कि मैं कोई गंदगी हूँ।” 

सायसा कहती हैं कि उनका ब्वॉयफ्रेंड उनके दरवाजे के बाहर इस इंतजार में रहता था कि किसी को मैं धोखा दूँगी और वो मुझे पकड़ लेगा औऱ उसे मेरे खिलाफ इस्तेमाल करेगा। हद तो तब हो गई कि वो पाइपलाइन पर चढ़ जाता था और वहीं से मेरे बाथरूम में झाँककर ये देखता था कि मैं मास्टर** कर रही हूँ ताकि वो इसे मेरे खिलाफ इस्तेमाल कर सके।

इस मामले से हैरान एक्ट्रेस पायल रोहतगी ने पूछा, “आप मास्ट*** क्यों नहीं कर सकती?” इस पर सायशा कहती हैं कि मैं उस वक्त सेक्स नहीं करना चाहती थी। उस दौरान मुझे लगा था कि शायद वो सही था, क्योंकि मैं उस रिश्ते में कभी खुश नहीं थी। फिजिकली तो मैं बिल्कुल भी खुश नहीं थी। मैं अंदर से महिला थी, जो कि एक समलैंगिक पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बना रही थी।

सायसा 15 साल की थीं, तभी उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि अंदर से एक महिला हैं। बाद में 40 साल की उम्र में उन्होंने सर्जरी करवा ली। सायशा फेमस फैशन डिजायनर हैं।

‘दूसरा गाल आगे करने से भीख मिलती है, आज़ादी नहीं’, ‘गाँधी चाहते थे भगत सिंह की फाँसी, नेताजी को नहीं किया सपोर्ट’: कंगना का ‘बापू’ पर वार

फोटो साभार: फेसबुक/Getty
महात्मा गाँधी के जिस अधखुले इतिहास से कंगना रनौत द्वारा धूल हटाने से गाँधी के अंधभक्तों के पेट में मरोड़ होनी स्वाभाविक है। ये वही महात्मा गाँधी है, जो देश में तुष्टिकरण का जनक है। कंगना को अपमानित करने से पूर्व गाँधी अंधभक्तों को सच्चाई से परहेज नहीं करना चाहिए। 

जब ऊधम सिंह ने ब्रिटेन जाकर जलिआंवाला बाग़ के हत्यारे को मारा जाने पर शहीद ऊधम सिंह के विरुद्ध किन अपशब्दों का प्रयोग किया था, क्या महात्मा गाँधी को शोभा देता था? फिर किस हैसियत से महात्मा गाँधी ने ब्रिटिश सरकार के साथ नेताजी को सौंपने के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे? इन गाँधी के अंधभक्तों के कारण नेताजी सुभाष चंद्र बोस ही नहीं, कई क्रांतिकारी गुमनाम हो गए। 

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने ‘1947 में भीख में आज़ादी’ वाले अपने बयान का फिर से बचाव किया है। उन्होंने एक पुरानी खबर शेयर की, जिसमें लिखा है कि किस तरह महात्मा गाँधी इस बात को लेकर राज़ी हो गए थे कि अगर सुभाष चंद्र बोस मिलते हैं तो उन्हें अंग्रेजों को सौंप दिया जाएगा। कंगना रनौत ने लिखा, “जिन्होंने सच में आज़ादी की लड़ाई लड़ी, उन्हें उन लोगों ने अपने मालिकों को सौंप दिया, जिनके खून में वो साहस, गर्मी और आग नहीं ही कि वो स्वतंत्रता के लिए लड़ सकें।”

दूसरे, जब गाँधी ने ये कहा था कि "पाकिस्तान मेरी लाश पर बनेगा", फिर क्यों उनके जीते-जी भारत का विभाजन हुआ? तीसरे, चंडीगढ़ से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक के फरवरी 12, 2006 को प्रकाशित निम्न पृष्ठ को देखिए, और निर्णय करो कि भारत को आज़ादी दिलाने में नेताजी का कितना बड़ा योगदान था। महात्मा गाँधी कहाँ से आ गए?

‘थलाईवी’ की अभिनेत्री ने लिखा कि भारतीयों पर अत्याचार करने वालों के विरुद्ध लड़ने का साहस न रखने वाले कुछ नेता सत्ता के भूखे थे, धूर्त थे। उन्होंने लिखा कि ऐसे ही लोगों ने हमें सिखाया कि अगर कोई तुम्हारे एक गाल पर तमाचा मारे तो दूसरा गाल आगे कर दो, ऐसे ही आज़ादी मिलेगी। कंगना रनौत ने लिखा कि आज़ादी ऐसे नहीं मिलती है, बल्कि इस तरह से सिर्फ भीख ही मिल सकती है। साथ ही उन्होंने लोगों को अपने नायकों को अच्छे से चुनने की सलाह दी।

कंगना रनौत ने दावा किया कि महात्मा गाँधी ने कभी भी भगत सिंह या नेताजी सुभाष चंद्र बोस का समर्थन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि ऐसे सबूत मौजूद हैं, जो बताते हैं कि महात्मा गाँधी चाहते थे कि भगत सिंह को फाँसी पर चढ़ाया जाए। उन्होंने लोगों से कहा कि आपको चुनने की ज़रूरत है कि आप किसे अपना नायक मानते हैं, किसका समर्थन करते हैं। कंगना रनौत ने लिखा कि इन सभी को अपनी याद में एक साथ रखना और हर साल उनकी जयंती पर याद करना पर्याप्त नहीं है।

                                                 इंस्टाग्राम पर कंगना रनौत की ‘स्टोरी’

कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, “उन सभी को एक साथ अपनी यादों में रखना और हर साल जयंती पर याद करना केवल बेवकूफाना ही नहीं है, बल्कि गैर-जिम्मेदाराना और सतही भी है। लोगों को न सिर्फ अपना इतिहास पता होना चाहिए, बल्कि अपने नायकों के बारे में भी ज्ञान होना चाहिए।” बता दें कि ‘टाइम्स नाउ’ के एक शो में ‘1947 में भीख में आज़ादी मिली’ वाले उनके बयान का लिबरल और सेक्युलर गिरोह विरोध कर रहा है। कंगना ने कहा था कि हमें वास्तविक आज़ादी 2014 में मिली।

                                 कंगना ने लोगों को दी सोच-समझ कर अपना नायक चुनने की सलाह

बता दें कि मराठी और हिंदी फिल्मों के दिग्गज अभिनेता विक्रम गोखले ने अभिनेत्री कंगना रनौत के ‘भीख में आजादी’ वाले बयान का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि कंगना रनौत ने जो कहा वह उससे सहमत हैं। मराठी थिएटर और सिनेमा के सबसे बेहतरीन कलाकारों में से एक माने जाने वाले विक्रम गोखले ने कहा था कि भारत को कभी भी ‘हरा’ नहीं होना चाहिए और इसे ‘भगवा’ बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा था, “बहुत से स्वतंत्रता सेनानी जिन्हें फाँसी दी गई थी, बड़े-बड़े लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की। वे मूकदर्शक बने रहे।”

गांधी जी और आचार्य चतुरसेन
'बापू, यह हैं आचार्य चतुरसेन, महान इतिहासकार और लेखक,' 
जमनालाल बजाज ने महात्मा गांधी से चतुरसेन का परिचय कराते हुए आगे कहा, 'आपने कहा था ना नवजीवन के लिए संपादक चाहिए, यह सबसे योग्य पात्र हैं, इन्हें दे दीजिए यह कार्यभार।'
'नमस्ते बापू' आचार्य चतुरसेन ने गांधी जी का अभिवादन किया
'नमस्ते शब्द में वेदों की बू आती है, यह ठीक नहीं है।' गांधी जी बोले।
'जी,' आचार्य चतुरसेन आगे बोले, 'तो फिर राम—राम बापू।'
'देखे राम—राम बोलना हिन्दू—मुस्लिम एकता के लिए सही नहीं है।' गांधी जी ने फिर कहा।
'वंदेमातरम बापू।' आचार्य जी ने पुन: अभिवादन किया।
'नहीं वंदेमातरम् भी सही नहीं है, इसमें बुतपरस्ती की बू आती है। हमें आजादी चाहिए तो ऐसी भाषा का प्रयोग करना होगा, जिससे मुस्लिमों को ठेस न पहुंचे।'
'जय बापू।'
'हूं,' गांधी जी फिर आगे बोले, 'हम तुम्हें नवजीवन का संपादक बनाते हैं, एक हजार वेतन मिलेगा। सबकुछ तुम्हें ही करना होगा। मेरे नाम से लेख लिखने होंगे, न्यूज छापनी होंगी, मेरे भाषण लिखकर देने होंगे। और हां संपादक में मेरा नाम जाएगा, तुम किसी से यह नहीं कहोगे कि यह सब तुम करते हो।'
'बापू मैं सबकुछ करने को तैयार हूं, लेकिन संपादक में मेरा नाम जाना चाहिए, आपका नहीं।'
'नहीं यह नहीं हो सकता।' गांधी जी ने विरोध किया।
'तो फिर यह आचार्य चतुरसेन भी ऐसे स्वार्थी और तुष्टिकरण करने वाले को जीवन में कभी बापू नहीं कहेगा और तुम्हारे दर्शन आज के बाद नहीं करेगा।' कहकर आचार्य चतुरसेन चले गए।
आचार्य चतुरसेन ने जीवन में फिर कभी गांधी के दर्शन नहीं किए।
आचार्य चतुरसेन की आत्मकथा का एक अंश
प्रस्तुति : मधु धामा

सुशांत की मौत आत्महत्या थी या प्लान्ड मर्डर? : कंगना रनौत

नहीं रहा बिहार का चमकता हुआ सितारा सुशांत सिंह राजपूत
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ फिल्म समीक्षक 
फिल्म थ्री इडियट के एक सीन में ‘रैंचो’ आमिर खान अपने प्रोफेसर ‘वीरू सहस्त्रबुद्धि’ बोमन इरानी से कहते हैं मुबारक हो सर, ना पुलिस को पता चला, ना जॉय के बाप को… सब सोच रहे हैं सुसाइड है सर।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया मौत का कारण- इंटेंस प्रेशन ऑन विनपाइप, रिजल्टिंग इन चोकिंग… वो वेबकूफ सोच रहे हैं गले पर प्रेशर पड़ने से मर गया और पिछले चार साल से जो दिमाग पर प्रेशर पड़ रहा है उसका क्या? वो तो रिपोर्ट में है ही नहीं सर। ये इंजीनियर्स बड़े चालाक होते हैं सर, ऐसी कोई मशीन ही नहीं बनाई जो दिमाग का प्रेशर नाप सके, अगर बनाते तो पता चल जाता कि ये सुसाइड नहीं मर्डर है। ठीक वैसा ही मर्डर जैसा सुशांत सिंह राजपूत का किया गया। सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी शायद यही कहेगी कि मौत फांसी के कारण गला दबने से हुई लेकिन दिमाग पर जो दवाब था उसका क्या?
छोटे से गांव से बड़े-बड़े ख्वाब सपनों की नगरी मुंबई आए सुशांत ने जी तोड़ मेहनत कर बॉलीवुड में जगह तो बना ली, लेकिन महाभारत के अभिमन्यु की तरह उस चक्रव्यूह में फंस गए जिसे बॉलीवुड को हथियाने वाले चंद घरानों ने हथिया रखा है। सुशांत को बॉलीवुड का नेपोटिज्म खा गया। बॉलीवुड के मठाधीशों ने सुशांत को इतना गिराया इतना गिराया कि आखिरकार उन्होंने मौत को गले लगा लिया। लखनऊ/ पटना/इंदौर/अमृतसर जैसे शहरों में लाखों-करोड़ों लड़के-लड़कियों के ख्वाब बहुत ऊंचे होते हैं, उसे पाने के लिए वो जी-तोड़ मेहनत भी करते हैं, लेकिन जब आपको साजिश के तहत गिराया जाता है और आपको कोई संभालने वाला नहीं होता तो ऐसे बच्चों में डिप्रेशन भी बहुत जल्दी आता है।
पूछा ना जिंदगी में किसी ने दिल का हाल.. अब शहर भर में जिक्र मेरी खुदकुशी का है.. सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद ये शेर उनकी जिंदगी और मौत पर सबसे मुफीद बैठता है। क्योंकि आज वो लोग भी सुशांत की मौत पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं जिन्हें कभी उनके छोटे शहर और सामान्य परिवार से होना खटकता था। जो ये मानकर चलते हैं कि हीरो तो किसी हीरो का बच्चा ही बन सकता है। ऐसे छोटी बुद्धि के लोगों के मुंह पर सुशांत की कामयाबी एक तमाचे की तरह थी जिन्होंने सामान्य परिवार से आकर टीवी से लेकर फिल्मों तक का सफर तय किया।
खान, कपूर्स, जौहर्स, भट्ट, सिंघानिया जैसे बड़े नामों के बीच सुशांत सिंह राजपूत जैसा अनसुना-अनजाना सा नाम लोगों की आंखों में खटक रहा था। खुद देखिए कैसे आइफा के मंच पर शाहरुख खान और शाहिद कपूर सुशांत सिंह राजपूत का मजाक बनाते हुए कह रहे हैं कि ये कैसा नाम है? शाहरुख खान जो खुद स्ट्रगल करते हुए बॉलीवुड में आए वो सुशांत सिंह राजपूत की सरेआम बेज्जती कर रहे हैं कि इसी के दो चार घरवाले फैन होंगे। सुशांत की मौत पर दुख जताने वाले ही जाने-अनजाने उनकी मौत के जिम्मेदार हैं।
करण जौहर को ही ले लीजिए। सुशांत के जाने पर बॉलीवुड के जाने-निर्देशक करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर सुशांत के साथ एक तस्वीर साझा की साथ ही एक संदेश भी लिखा कि ‘आपके साथ संपर्क में न रहने के लिए मैं दोषी हूं। मुझे लगता है कि आपको कुछ ऐसे लोगों की जरूरत थी जिनसे आप अपनी बातें शेयर कर पाते…लेकिन मैं इस बात को समझ नहीं पाया…यह गलती मैं दोबारा नहीं करूंगा…हम बहुत ही शोर-शराबे और उर्जा से भरे लेकिन एकाकीपन से भरे समय में रहते हैं। हमारे में से कुछ लोग इस सन्नाटे के आसानी से शिकार बन जाते हैं। हमें न सिर्फ रिश्ते बनाने की जरूरत है बल्कि इन्हें बनाए रखने की भी जरूरत है…आपकी प्यारी मुस्कान और आपका गले लगाना हमेशा याद आएंगे।’

ये वही करण जौहर हैं जिन्होंने कभी सुशांत का छोटे शहर से होने को लेकर मजाक उड़ाया था। खबरों की मानें तो धर्मा प्रोडक्शन के बैनर एक फिल्म बनी ड्राइव जिसमें सुशांत लीड रोल में थे। सुशांत ने ड्राइव के लिए कई दूसरे मौके छोड़े लेकिन ड्राइव किसी ना किसी वजह से टलती रही। आखिरकार जैसे तैसे फिल्म पूरी हुई तो करण जौहर ने बिना सुशांत को बताए नेटफ्लिक्स पर फिल्म रिलीज कर दी। इस बाबत दोनों की बहस भी हुई और बाद में करण जौहर ने सुशांत का फोन भी उठाना बंद कर दिया।
सुशांत का कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं था। उन्होंने मात्र 12 फिल्में की और उनमें से से काय पो चे और धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी को छोड़कर बाकी फिल्में खास नहीं चली। इन दो फिल्मों की कमाई ठीक-ठाक हुई तो बस यही दो फिल्में सुशांत की कुल जमापूंजी थी। खबर आई कि शेखर कपूर उन्हें लेकर पानी बनाने वाले हैं। इंरनेशनल डायरेक्टर के साथ काम करने के लालच में सुशांत ने कई फिल्में ठुकरा दी। सुशांत को पानी से काफी उम्मीदें थीं लेकिन बाद में खबर आई कि ये प्रोजेक्ट बंद हो गया है। बाद में एक और खबर आई कि पानी के लिए भी रणवीर सिंह से बातचीत शुरू हो गई। इससे पहले रणवीर सिंह सुशांत की नाक के नीचे से संजय लीला भंसाली की फिल्म राम-लीला उड़ा चुके थे।
सुशांत के पास कोई काम नहीं बचा था, ले देकर उन्हें वेब सीरीज मिली जिसकी शूटिंग जुलाई से शुरू होनी थी लेकिन हाय री किस्मत। लॉकडाउन लग गया जिसने पूरे देश को डिप्रेशन में डाल दिया। लॉकडाउन की वजह से मल्टीप्लेक्स इतनी जल्दी तो खुलने से रहे और उसी लिहाज से किसी नई फिल्म की शूटिंग भी होने से रही. इस तनाव ने सुशांत को और ज्यादा डिप्रेशन में डाल दिया।
सुशांत कोई इतने बड़े स्टॉर तो थे नहीं कि एक फिल्म की और 100-200 करोड़ पीट लिए। बॉलीवुड में किसी स्टॉर को उसकी फीस के मुताबिक आंका जाता है। जितना बड़ा स्टॉर, उतनी बड़ी फीस. आम तौर पर किसी अभिनेता या अभिनेत्री की मेन कमाई होती है साइनिंग अमाउंट यानी जो पैसा किसी फिल्म को करने से पहले बयाने के तौर पर दिया जाता है। बाकी कॉन्ट्रेक्ट होता है कि फिल्म जितनी चलेगी उसका एक निश्चित प्रतिशत मिलेगा। यानी जो निश्चित तौर पर हाथ में आता है वो है साइनिंग अमाउंट। सुशांत सिंह की फीस थी 5 करोड़ रूपये।
अब आप कहेंगे पांच करोड़ रूपये क्या कम होते हैं तो भैया जैसा देश वैसा भेस, जैसी कमाई होती है, खर्च भी वैसा ही होता है। ऊपर से लॉकडाउन लग गया तो वो कमाई भी बंद लेकिन खर्चे पूरे. छोटे पर्दे पर एपिसोड़ के हिसाब से पैसे कमाने वाले एक्टर-एक्ट्रेसेज का हाल ही देख लीजिए। कितने अभिनेता सोशल मीडिया पर आकर आर्थिक मदद मांग रहे हैं कि साहब खाने तक के पैसे नहीं बचे।
फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास का अवलोकन करने पर कहीं कुछ प्रकाश तो कहीं अंधेरा जरूर सामने आएगा। फिल्मों में सेठ की भूमिका करने वाले रहमान की किस दशा में जीवन लीला समाप्त हुई; परवीन बॉबी, विम्मी आदि कई कलाकार हैं जिन्हें इंडस्ट्री द्वारा नज़रअंदाज़ किया जाने पर इतनी दर्दनाक मौत हुई कि कोई कन्धा देने भी नहीं पहुंचा।


फिल्म तेरे मेरे सपने की कहानी लिखने वाले कौल साहब अस्पताल में कंगाली के हालात में बिस्तर पर पड़े 'कैमरा ऑन, लाइट्स ऑफ' आदि बोलते रहते थे, तो एक दिन अचानक जानकी दास ने अस्पताल में उनकी यह दशा देख, रोते हुए निर्माता-अभिनेता देव आनन्द के पास पहुँच स्थिति से अवगत करवाने उपरांत, देव तुरंत 75000 रूपए लेकर अस्पताल पहुँच जब उन्हें दिए, खुद्दार कौल साहब ने लेने से मना कर दिया, लेकिन देव साहब ने कहा कि 'ये तेरे मेरे सपने फिल्म के बाकी रूपए हैं।' और उनके तकिये के नीचे रख उनकी आर्थिक सहायता की। 
यह दुःख भरे दिन केवल केवल कलाकारों को नहीं, फिल्म वितरकों को भी देखने पड़ते हैं। जबकि फिल्म वितरक इंडस्ट्री की रीड की हड्डी होता है। मेरे पिताश्री एम.बी.एल.निगम भी 50 के दशक में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और ईस्ट पंजाब के नामी फिल्म वितरकों में शुमार थे। दिल्ली के परेड ग्राउंड(लाल किला) में प्रेम टॉकीज के नाम से सिनेमा हॉल भी था, जिसे विकास के नाम पर(दिल्ली गेट से कश्मीरी गेट की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण) सरकार द्वारा बंद कर दिया गया था। बरहाल, पिताश्री द्वारा शुक्रवार को 'लाल दुपट्टा' प्रदर्शित करनी थी कि उसी रात दफ्तर ही बंद हो गया। उस संकट की घडी में संकट मोचन बने थे, एक, अभिनेता-निर्माता कुमार जिनकी अधिकतर फिल्में पिताश्री के Premier Pictures ऑफिस से वितरित की गयीं थीं, जिस कारण दोनों में इतनी गहरी दोस्ती हो गयी थी कि जब कभी वह अपनी पहली पत्नी से मिलने लखनऊ, और लखनऊ से वापस बम्बई(वर्तमान मुंबई) जाते थे वाया दिल्ली। और दिल्ली में अपने मित्र निगम साहब के निवास स्थान पर रुकते थे, ने पिताश्री को कहा कि मेरी जितनी भी फिल्में हैं, सबको बेचकर अपना कर्जा कम कीजिए और जब पिताश्री ने उनके नए कर्जे को चुकता करने की बात बोले "निगम बाबू दोस्ती में कोई कर्जा नहीं होता। और न ही मुझे कुछ चाहिए। ऐसे समय में दोस्ती काम न आए, फिर दोस्ती का क्या मतलब।" दूसरे, संकट मोचन बने निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही। विस्तार से पढ़ने के लिए निम्न लिंक को क्लीक करिये:-
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.COM
PROFILE SINCE the Indian films came into existence, so many film distributors,producers and directors came and will come on the scene but...
      
सुशांत की मौत आत्महत्या थी या प्लान्ड मर्डर?  
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद अब हर जगह उनके द्वारा उठाए इस कदम पर चर्चाएँ हो रही हैं। इस दौरान हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाली कंगना रनौत ने भी अपना एक बयान जारी किया है। कंगना ने करीब दो मिनट का वीडियो जारी कर बॉलीवुड इंडस्ट्री से सवाल पूछा है कि सुशांत की मौत आत्महत्या थी या प्लान्ड मर्डर?
कंगना कहती हैं, “सुशांत सिंह की मौत ने हम सबको झकझोर के रख दिया है। लेकिन वे लोग, जो इस चीज में माहिर हैं कि कैसे समानांतर नैरेटिव चलाया जाए, वो ये कहने लगे हैं कि जिनका दिमाग कमजोर होता है, वे डिप्रेशन में आते हैं और सुसाइड कर लेते हैं।”
कंगना ऐसे लोगों को जवाब देते हुए पूछती हैं कि जिस शख्स ने इंजिनियरिंग की, जो रैंक होल्डर था, वो दिमागी तौर पर कमजोर कैसे हो सकता है?
सुशांत के पुराने कमेंट्स व पोस्टों की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करवाते हुए कंगना कहती हैं कि सुशांत पिछले दिनों लोगों से कह रहे थे कि उनकी फिल्में देखें, उनका बॉलीवुड में कोई गॉड फादर नहीं है। अगर लोग उनकी फिल्में नहीं देखेंगे तो उन्हें इंडस्ट्री से निकाल दिया जाएगा।
कंगना रनौत उनके पुराने साक्षात्कारों पर बात करते हुए सवाल पूछती हैं कि सुशांत लगातार कहते थे, “मुझे नहीं मालूम कि मुझे इंडस्ट्री क्यों नहीं अपनाती? मुझे ऐसा लगता है कि मैं अकेला हूँ।” तो क्या ये सब बातें सुसाइड की बुनियाद नहीं थीं।
कंगना रनौत के अनुसार, बॉलीवुड के लिए सुशांत ने इतनी अच्छी फिल्में कीं। मगर उन्हें कभी कोई अवॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने काय पो छे से डेब्यू किया। उन्हें डेब्यू तक का अवॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने 6-7 साल के अंतराल में केदारनाथ, धोनी और छिछोरे जैसी अच्छी फिल्में बनाईं। मगर, फिर भी उन्हें कोई अवॉर्ड नहीं मिला। कोई सराहना नहीं मिली। वहीं, गली बॉय जैसी वाहियात फिल्म को अवॉर्ड मिल जाते हैं।

कंगना अपने वीडियो में आपबीती भी सुनाती हैं। वे बोलती हैं कि जो फिल्में वह खुद डायरेक्ट करती हैं, वे सुपरहिट भी होती हैं, तो उन्हें फ्लॉप कर दिया जाता है।
वे पूछती हैं, “मुझ पर 6 केस क्यों डाले गए? क्यों मुझे जेल में डालने की कोशिश हुई?” मिर्च मसाले लगाकार आर्टिकल लिखने वाले पत्रकारों को आड़े हाथों लेते हुए कंगना कहती हैं कि सुशांत के लिए जो लोग ये लिख रहे हैं कि वह साइकोटिक थे, न्यूरोटिक थे, एडिक्टेड थे… उन्हें संजय दत्त की एडिक्शन तो बहुत क्यूट लगती है।
कंगना बताती हैं कि सुशांत की सुसाइड के बाद उन्हें ऐसे मैसेज आ रहे हैं, “तुम्हारा बहुत मुश्किल समय है। तुम ऐसा-वैसा कोई कदम मत उठा लेना।”
कंगना अपनी नाराजगी बयान करते हुए पूछती हैं कि यह लोग उन्हें ऐसी बातें क्यों कहते हैं? क्या वह ये चीज दिमाग में डालना चाहते हैं कि वह सुसाइड कर लें। कंगना आगे सुशांत के संदर्भ में पूछती हैं कि यह सुसाइड थी या प्लान्ड मर्डर था?
सुशांत के कदम पर गुस्सा व्यक्त करते हुए कंगना बोलती हैं कि उनकी गलती बस इतनी थी कि वह ऐसे लोगों की बात मान गए। लोगों ने उनसे कहा कि तुम किसी लायक नहीं हो, तो वह इस बात को मान गए। उन्हें अपनी माँ की बात याद नहीं रही।
कंगना की मानें तो ऐसे लोग चाहते ही है कि वह स्वयं इतिहास लिखें और उसमें ये बताएँ कि सुशांत कमजोर दिमाग का था। वो लोग ये नहीं बताएँगे कि सच्चाई क्या थी। इसलिए हमें यह निर्णय लेना है कि कौन इतिहास को लिखेगा।
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार (जून 14, 2020) को मुंबई के अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। उनकी मौत उनके साथियों व प्रशंसकों के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। सुशांत की आत्महत्या से हर कोई हैरान, स्तब्ध है। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई तरह के पोस्ट देखने को मिले, जिसमें बिना सच्चाई को जाने-समझे लोगों ने उन्हें कोसा।