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हापुड़ : महाराणा प्रताप जयंती की शोभायात्रा पर पत्थर फेंकने वाले कट्टरपंथियों को भीड़ ने छत पर चढ़ कर पीटा: Video

  हापुड़ में महाराणा प्रताप जयंती शोभा यात्रा के दौरान पथराव, हिंदुओं ने कट्टरपंथियों को पीटा (साभार: एक्स @ocjain4)
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र में महाराणा प्रताप जयंती पर निकाली जा रही भव्य शोभायात्रा के दौरान शनिवार (9 मई 2026) को अचानक हिंसा भड़क उठी। यहाँ हजारों लोगों की मौजूदगी में निकाली जा रही यात्रा जब मुस्लिम बहुल इलाके से गुजर रही थी, तभी मामूली कहासुनी को लेकर कट्टरपंथियों ने जमकर पथराव शुरू कर दिया।

हालाँकि, शोभायात्रा में शामिल भीड़ ने छतों पर चढ़कर पत्थर फेंक रहे जिहादियों को पीट दिया। पलटवार कर हिन्दुओं ने कट्टरपंथियों को सख्त सन्देश दे दिया है कि अब हिन्दू यात्रा पर पत्थरबाज़ी करने वाले कट्टरपंथियों को बक्शा नहीं जाएगा। इस पलटवार ने एक सन्देश कट्टरपंथियों का समर्थन करने वालों को भी दे दिया गया है। 

पथराव से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई युवक घायल हुए हैं, जबकि एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया और देर तक क्षेत्र में गहमागहमी बनी रही।

कट्टरपंथियों ने घरों और वाहनों में की तोड़फोड़, कई लोग घायल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर देहरा गाँव में बड़ी शोभायात्रा निकाली जा रही थी, जिसमें हजारों लोग शामिल थे। यात्रा जब गाँव के मुस्लिम बाहुल्य इलाके से गुजर रही थी, उसी दौरान कुछ युवक रास्ते में एक दुकान पर गुटखा खरीदने पहुँचे।

इसी दौरान किसी बात को लेकर युवकों के बीच कहासुनी हो गई। शुरुआत में मामूली विवाद लग रहा मामला कुछ ही मिनटों में उग्र हो गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद इलाके में अचानक पथराव शुरू हो गया, जिससे शोभायात्रा में शामिल लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

उपद्रव के बीच कुछ लोगों द्वारा घरों में घुसकर तोड़फोड़ किए जाने की भी सूचना है। कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के मुताबिक, 2 से 3 लोगों को मामूली चोटें आई हैं, वहीं एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस बल ने सँभाला मोर्चा, दो आरोपित गिरफ्तार

बवाल की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँचा और काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। एसपी हापुड़ कुँवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने पत्थरबाजी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।

अधिकारियों के मुताबिक, रैली बाद में सकुशल संपन्न करा दी गई और वर्तमान में क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था सामान्य है।

पश्चिम बंगाल : ‘मुस्लिम राष्ट्र के कुछ आचार-विचार होते हैं’: जिस मुस्लिम महिला की खुलेआम हुई पिटाई उसे TMC विधायक हमीदुल रहमान ने बताया ‘दुष्ट जानवर’; कहाँ है #mob lynching गैंग?

चोपरा के विधायक हमीदुल रहमान ने इस्लाम का हवाला देकर मुस्लिम महिला की पिटाई का किया बचाव
पश्चिम बंगाल में एक मुस्लिम महिला की खुलेआम पिटाई होने पर #mob lynching गैंग क्यों खामोश है? क्या बंगाल में ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री होते मुस्लिम राज स्थापित हो गया है? 

पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में खुलेआम एक भीड़ के सामने एक मुस्लिम महिला की पिटाई की गई। वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या राज्य में शरिया कानून लागू हो गया है? ऐसा इसीलिए, क्योंकि जिस ताजेमुल उर्फ़ JCB ने इस घटना को अंजाम दिया है वो ‘त्वरित न्याय’ के लिए जाना जाता है, पुलिस-कोर्ट तक की उसके सामने कोई कीमत नहीं। वो चोपरा से TMC विधायक हमीदुल रहमान का करीबी है। अब विधायक ने इस पर और निंदनीय बयान दिया है।

BJP और CPI(M) – दोनों ही विपक्षी दलों ने कहा कि ताजेमुल तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता है। वीडियो में मुस्लिम महिला के अलावा एक पुरुष को भी जमीन पर पटक कर पीटे जाते हुए देखा गया। संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखिए कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक हमीदुल रहमान ने अपने करीबी का बचाव करते हुए जिस महिला की पिटाई हुई उसे ही ‘दुष्ट जानवर’ कह दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त महिला की गतिविधियाँ ‘असामाजिक’ थीं।

हालाँकि, उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से उनका या पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी TMC का कोई लेना-देना नहीं है। विधायक हमीदुल रहमान ने इसे गाँव का मसला बताते हुए कहा कि महिला ने भी गलती की है, उसने अपने पति और बेटा-बेटी को छोड़ दिया। चोपरा के विधायक ने कहा कि ‘मुस्लिम राष्ट्र’ के हिसाब से कुछ संहिता और न्याय होते हैं। हालाँकि, उन्होंने ये भी जोड़ा कि जो हुआ वो बहुत ज़्यादा था और कानून अपना काम करेगा।

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पश्चिम बंगाल की ‘शरिया अदालत’ : मुस्लिम कट्टरपंथियों के आगे सर झुका चुकी ममता: महिला मुख्यमंत्

फ़िलहाल पुलिस ने आरोपित ताजेमुल को गिरफ्तार कर लिया है। इस्लामपुर के पुलिस सुपरिटेंडेंट जॉबी थॉमस K ने कहा कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। उन्होंने घटना के पीछे जाँच की बात कही है। TMC विधायक हमीदुल रहमान का कहना है कि पीड़िता या उसके पति ने कोई FIR नहीं दर्ज कराई है, केवल मीडिया इसे फैला रही है। उस क्षेत्र में ‘सालिशी सभा’ नाम का कंगारू कोर्ट चलता है।

पश्चिम बंगाल की ‘शरिया अदालत’ : मुस्लिम कट्टरपंथियों के आगे सर झुका चुकी ममता: महिला मुख्यमंत्री होते भीड़ के सामने महिला को जमीन पर पटक कर पीटता ताजेमुल उर्फ़ JCB: TMC विधायक हमीदुर रहमान का है करीबी

                                   पश्चिम बंगाल के चोपरा में महिला की खुलेआम पिटाई
पश्चिम बंगाल से हिंसा का एक और वीडियो सामने आया है। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान यहाँ TMC (तृणमूल कांग्रेस) के गुंडों द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की खबरें आई थीं। कइयों को पलायन करना पड़ा था, भाजपा ने एक जाँच समिति बना कर भी वहाँ भेजा था जिसकी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष JP नड्डा को भी सौंपी जा चुकी है। अब नया वीडियो सामने आने के बाद पार्टी के IT सेल के मुखिया व राज्य में प्रभारी अमित मालवीय ने निशाना साधा है।

उन्होंने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासन का ये एक एक भयावह चेहरा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ के बीच एक महिला और एक पुरुष को जमीन पर पटक कर पीटा जा रहा है। आरोपित की पहचान ताजेमुल के रूप में हुई है, जिसे स्थानीय लोग JCB नाम से बुलाते हैं। वो ‘त्वरित न्याय’ देने के लिए जाना जाता है, उसकी नज़र में पुलिस-कोर्ट की कोई हैसियत नहीं। अमित मालवीय ने बताया है कि चोपरा के विधायक हमीदुर रहमान का वो करीबी है।

अमित मालवीय ने कहा, “भारत को TMC द्वारा संचालित पश्चिम बंगाल में शरिया अदालतों की वास्तविकता से अवगत होना चाहिए। हर गाँव में एक संदेशखाली है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिलाओं के लिए अभिशाप हैं। पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था का कोई नामोनिशान नहीं है। क्या ममता बनर्जी इस राक्षस के खिलाफ कार्रवाई करेंगी या उसका बचाव करेंगी जैसे उन्होंने शेख शाहजहाँ के लिए खड़ी हुई थीं?” बता दें कि संदेशखाली में जनजातीय समाज की महिलाओं का यौन शोषण करने वाले शेख शाहजहाँ और उसके गुर्गों को बचाने के लिए बंगाल सरकार ने दिन-रात एक कर दिया था।

ये घटना पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर स्थित चोपरा के लक्ष्मीकांतपुर की बताई जा रही है। ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ (NCW) को भी इससे अवगत करा दिया गया है। पश्चिम बंगाल में इस तरह से एक इस्लामी कट्टरपंथी द्वारा ‘कंगारू कोर्ट’ चलाए जाने का वीडियो आने के बाद एक बार फिर से राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा के कई कार्यकर्ता अब तक पार्टी दफ्तर में परिवार के साथ रहने को मजबूर हैं। गाँव के गाँव खाली हो गए हैं।

दिल्ली : 6 साल बाद फिर कलंकित CM House, तब अंशु प्रकाश, मुख्य सचिव की पिटाई, अब खासमखास स्वाति मालीवाल ; क्या CM House में स्वाति और राघव चड्ढा के प्रवेश पर बैन?

केजरीवाल के आवास पर स्वाति मालीवाल से पहले अंशु प्रकाश (दाएँ) से पिटाई की बात सामने आई थी (साभार: @SwatiJaiHind & Indian Express)
आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सभा सांसद स्वाति मालीवाल ने सोमवार (13 मई, 2024) को आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर उनके साथ मारपीट हुई। बताया गया कि यह मारपीट केजरीवाल के निजी सचिव विभव कुमार ने की। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए दी गई है। चर्चा है कि मार पिटाई की शुरुआत सुनीता केजरीवाल ने की, फिर अरविन्द और विभव ने घसीट-घसीट कर मारा। इतनी बेदर्दी से पिटाई होने पर भी स्वाति क्यों पर्दा डाल रही है? जो कुछ और ही कहानी की ओर इशारा करती है। 
दूसरी ओर चर्चा यह भी हो रही है कि एक दिन पहले(मई 12) को विधायकों के साथ अपने आवास पर केजरीवाल ने मीटिंग की थी, मीटिंग में क्या हुआ, अभी तक बाहर नहीं पाया। अनुमान यह लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर मीटिंग बुलाई गयी थी, अरविन्द अपनी पत्नी सुनीता को बनाना चाहते हैं, जिस पर शायद पार्टी में एकमत नहीं हो रहा। एक अटकल और सुनने में आ रही है कि जिस अभिषेक सिंघवी के कारण interim bail मिली है उसे राज्य सभा पहुँचाने के लिए स्वाति की इस्तीफा माँगा जाना भी सामना आ रहा है। जिस पर स्वाति ने सौदेबाज़ी की कि मुख्यमंत्री बना दो राज्य सभा सीट ले लो।
अटकल यह भी है कि CM हाउस में स्वाति और राघव चड्ढा के प्रवेश को बैन कर दिया गया है, जो कई रहस्यों की ओर इशारा भी कर रहा है। स्वाति और राघव ही अरविन्द के बहुत ही 'हम प्याला हम नवाला' है। जो अरविन्द के लिए कुछ भी करने को तैयार रहने वालों में माने जाते हैं। 

     

इस मामले में आधिकारिक शिकायत नहीं हुई है लेकिन बताया गया कि स्वाति मालीवाल थाने पहुँची थी। यहाँ रहस्य और गहरा जाता है कि अगर पुलिस में आधिकारिक शिकायत नहीं फिर थाने क्या करने गयी थी? हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली मुख्यमंत्री आवास पर मारपीट की घटना हुई हो। इससे पहले यहाँ 2018 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को पीटा जा चुका है।

फरवरी, 2018 में दिल्ली के मुख्य सचिव IAS अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया था कि 19-20 फरवरी की दरम्यानी रात को उन्हें CM केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर एक बैठक के नाम पर बुलाया गया। इस बैठक में CM अरविन्द केजरीवाल, डिप्टी CM मनीष सिसोदिया और AAP MLA अमातुल्लाह खान समेत अन्य कई विधायक मौजूद थे।

1986 बैच के IAS अंशु प्रकाश ने अपनी शिकायत में कहा था कि उन्हें AAP सरकार के लिए किए जाने विज्ञापन को लेकर एक मीटिंग में बुलाया गया था। अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया कि इसी बैठक में उनके साथ AAP MLA अमानतुल्लाह खान समेत अन्य ने उन पर हमला बोला। अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया कि उनके मुंह और सर पर कई घूंसे मारे गए।

उन्होंने दिल्ली पुलिस को की गई शिकायत में CM अरविन्द केजरीवाल और डिप्टी CM मनीष सिसोदिया के खिलाफ भी आरोप लगाया था। अंशु प्रकाश ने इन दोनों समेत 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए बाद में अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जारवाल को दोषी ठहराया था जबकि बाकी सभी लोगों को बरी कर दिया था।

अंशु प्रकाश को इस पूरे विवाद के बाद दिल्ली सरकार से स्थानांतरित करने केंद्र सरकार में भेज दिया गया था। अब CM केजरीवाल के आवास पर ही राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की खबरें आई हैं। इस मामले में अभी CM आवास या स्वाति मालीवाल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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दिल्ली : AAP सांसद स्वाति मालीवाल को केजरीवाल ने पिटवाया, CM के घर पर हुई मारपीट: मीडिया रिपोर्ट, दिल

दिल्ली पुलिस ने मीडिया को बताया है कि उन्हें CM आवास से एक महिला के साथ मारपीट को लेकर फोन आया था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि शिकायत करने वाली महिला बाद में थाने आ गई और बिना FIR दर्ज करवाए ही चली गई। महिला ने कहा कि वह बाद में FIR दर्ज करवाएगी।

बिहार : महादलित महिला को नग्न कर पेशाब पिलाया: अपहरण कर के ले गए फिर पीटा


बिहार की राजधानी पटना में एक महादलित महिला के साथ अमानवीयता किए जाने का मामला सामने आया है। यहाँ सूदखोर ने ब्याज के पैसे न लौटाने पर 45 वर्षीया पीड़िता को रात भर पीटा और निर्वस्त्र भी कर दिया। महिला को पेशाब पिलाने का भी आरोप है। पुलिस ने मामले में मिली शिकायत पर केस दर्ज कर के 2 आरोपितों को नामजद किया है। घटना शनिवार (23 सितंबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पटना के खुशरूपुर प्रखंड की है। यहाँ की एक महिला ने गाँव के सूदखोर से कुछ माह पहले 1500 रुपए उधार लिए थे। तय समय पर महिला ने सारे पैसे ब्याज सहित सूदखोर को लौटा भी दिए। हालाँकि, आरोपित इसके बाद भी और अधिक ब्याज माँग रहा था। पीड़िता ने जब और अधिक पैसे देने से मना कर दिया तब आरोपित ने शनिवार को उसका अपहरण कर लिया। पीड़िता का आरोप है कि न सिर्फ उसे निर्वस्त्र कर के बेरहमी से पीटा गया बल्कि जबरन पेशाब भी पिलाई गई।

आरोपित का नाम प्रमोद सिंह बताया जा रहा है। शिकायत में आगे बताया गया है कि अगले दिन रविवार को पीड़िता जैसे-तैसे आरोपित के चंगुल से छूट पाई। वह सीधे पुलिस स्टेशन गई और सूदखोर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। पीड़िता का अस्पताल में इलाज करवाया गया। घर पर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। महिला की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल आरोपित प्रमोद सिंह पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के मुताबिक, आरोपित की गिरफ्तारी के लिए कई ठिकाने चिह्नित किए गए हैं जहाँ दबिश जारी है। उन्होंने कहा कि पैसे के लेन-देन को ले कर हुए विवाद में मारपीट की पुष्टि हुई है। हालाँकि, SP ने पीड़िता द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की जाँच जारी होने की बात कही।

शोएब जमई मुस्लिमों का प्रतिनिधि और अधिवक्ता सुबुही खान को अपनी बात रखने का भी हक़ नहीं?

शोएब जमई 'मुस्लिम पक्ष' हो गया और सुबुही खान नहीं, क्यों?
अधिवक्ता सुबुही खान ने लाइव टीवी शो में इस्लामी कट्टरपंथी शोएब जमई को पीट दिया। हिंसा किसी भी चीज का जवाब नहीं हो सकता है, लेकिन एक पढ़ी-लिखी महिला ने जब मजबूर होकर किसी को शो से भागने के लिए कहा, तो इसके पीछे ज़रूर वाजिब कारण रहा होगा। यहाँ एक मुस्लिम महिला के अधिकारों की चिंता किसी को नहीं है लेकिन एक इस्लामी कट्टरपंथी के लिए आँसू बहाए जा रहे हैं। शोएब जमई जैसे गुंडे को अगर दो-चार हाथ या लात पड़ भी गए तो इसमें हंगामा करने का क्या मतलब है?

शोएब जमई तो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के मुस्लिमों को मिला कर हिन्दुओं पर शासन करने की बातें कर रहा था, क्या इसके लिए उस पर हेट स्पीच का मामला नहीं चलना चाहिए? जब सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को कहा है कि पुलिस हेट स्पीच का स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करे, तो क्या उसमें इस्लामी कट्टरपंथियों की गिनती नहीं होती? शोएब जमई के लिए आँसू बहाने वालों को बताना चाहिए कि क्या वो उसकी विचारधारा का समर्थन करते हैं?

उदाहरण के लिए ‘ज़ेहरा कैलीग्राफी’ नामक कंपनी के CEO का ट्वीट देखिए। उसने दावा कर दिया कि मुस्लिम पक्ष की बात नहीं सुनी गई और उन्हें जलील किया गया। ज़ेहरा खुद एक महिला हैं, ऐसे में उन्हें इसका जवाब देना चाहिए कि क्या सुबुही खान मुस्लिम नहीं हैं? सुबुही खान का पक्ष ‘मुस्लिम पक्ष’ क्यों नहीं हो सकता और शोएब जमई कैसे मुस्लिमों का प्रतिनिधि बन गया? इसके लिए तो न कोई मतदान हुआ है, न ऐसी कोई घोषणा हुई है।

फिर तो मुस्लिम समाज को मतदान कर के आपस में ये निर्णय ले लेना चाहिए कि उनका आधिकारिक प्रतिनिधि कौन है और कौन नहीं। अब पत्रकार से यूट्यूबर बने अजीत अंजुम को देख लीजिए। वो शोएब जमई को ऐसे सलाह दे रहे हैं जैसे वो उनके घर के आदमी हों। अजीत अंजुम ने कह दिया कि शोएब जमई पब्लिसिटी के लिए हो रहे स्टंट का हिस्सा बन कर अपने कौम का नुकसान कर रहे, कुछ महीने उन्हें घर में बैठना चाहिए।

अजीत अंजुम ने शायद इतनी सहानुभूति और चिंता तो अपने बेटे के लिए भी नहीं जताई होगी। लोग अजीत अंजुम को कह रहे हैं कि वो शोएब जमई को भी अपनी तरह यूट्यूब चैनल बनाने की सलाह दे दें। फिर दोनों मिल कर भी प्रोपेगंडा कर सकते हैं। जहाँ अजीत अंजुम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ झूठ फैलाएँगे, वहीं शोएब जमई ISIS जैसे आतंकी संगठनों की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए हिन्दू विरोधी बातें करेंगे।

अगर सुबुही खान को मुस्लिमों या मुस्लिम महिलाओं का पक्ष रखने की अनुमति नहीं है तो फिर किसे है? राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल तेली का सिर कलम करने वाले दोनों हत्यारों को? दुनिया भर के मुस्लिम युवाओं को कट्टर बनाने के लिए वीडियो बनाने वाले इस्लामी मुबल्लिग ज़ाकिर नाइक को? या फिर पाकिस्तान में बैठे उन आतंकियों को, जो अल्लाह और जिहाद के नाम पर खून बहाते हैं? या फिर सीधे ISIS को, जिसके नाम में ही इस्लाम है।

शोएब जमई का समर्थन करने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने कन्हैया लाल तेली और महाराष्ट्र के अमरावती के उमेश कोल्हे की हत्या की निंदा नहीं की थी। ये वही लोग हैं, जो ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म की निंदा करते हैं, क्योंकि हिन्दू लड़कियों के साथ ‘लव जिहाद’ करने वाले कट्टरपंथियों का वो समर्थन करते हैं। शोएब जमई के पक्ष में बयान देने वाले वही लोग हैं, जो महिला विरोधी हैं। ये नहीं चाहते कि एक मुस्लिम महिला को खुल कर अपनी बात रखने का अधिकार मिले।

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चल निकल यहाँ से, तेरे बाप को भी मारूँगी… सुबुही खान ने बताया न्यूज शो में ही शोएब जमई को क्यों पीट

शोएब जमई लगातार नफरत भरी बातें कर रहा है। वो हिंसा भरे बयान दे रहा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश को मिला कर मुस्लिम PM बनाने के उसके बयान को क्या देशद्रोह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए क्या? ऐसे देशद्रोही के लिए लिबरल गिरोह के लोग सहानुभूति जता रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो ये कि न्यूज़ डिबेट्स में ऐसे व्यक्ति को बुलाया ही नहीं जाना चाहिए। किसी को नफरत फैलाने के लिए मंच देने का क्या तुक है भला?