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बिहार : महादलित महिला को नग्न कर पेशाब पिलाया: अपहरण कर के ले गए फिर पीटा


बिहार की राजधानी पटना में एक महादलित महिला के साथ अमानवीयता किए जाने का मामला सामने आया है। यहाँ सूदखोर ने ब्याज के पैसे न लौटाने पर 45 वर्षीया पीड़िता को रात भर पीटा और निर्वस्त्र भी कर दिया। महिला को पेशाब पिलाने का भी आरोप है। पुलिस ने मामले में मिली शिकायत पर केस दर्ज कर के 2 आरोपितों को नामजद किया है। घटना शनिवार (23 सितंबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पटना के खुशरूपुर प्रखंड की है। यहाँ की एक महिला ने गाँव के सूदखोर से कुछ माह पहले 1500 रुपए उधार लिए थे। तय समय पर महिला ने सारे पैसे ब्याज सहित सूदखोर को लौटा भी दिए। हालाँकि, आरोपित इसके बाद भी और अधिक ब्याज माँग रहा था। पीड़िता ने जब और अधिक पैसे देने से मना कर दिया तब आरोपित ने शनिवार को उसका अपहरण कर लिया। पीड़िता का आरोप है कि न सिर्फ उसे निर्वस्त्र कर के बेरहमी से पीटा गया बल्कि जबरन पेशाब भी पिलाई गई।

आरोपित का नाम प्रमोद सिंह बताया जा रहा है। शिकायत में आगे बताया गया है कि अगले दिन रविवार को पीड़िता जैसे-तैसे आरोपित के चंगुल से छूट पाई। वह सीधे पुलिस स्टेशन गई और सूदखोर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। पीड़िता का अस्पताल में इलाज करवाया गया। घर पर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। महिला की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। फिलहाल आरोपित प्रमोद सिंह पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद के मुताबिक, आरोपित की गिरफ्तारी के लिए कई ठिकाने चिह्नित किए गए हैं जहाँ दबिश जारी है। उन्होंने कहा कि पैसे के लेन-देन को ले कर हुए विवाद में मारपीट की पुष्टि हुई है। हालाँकि, SP ने पीड़िता द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की जाँच जारी होने की बात कही।

पटना : गठबंधन से पहले ही रायता फैलना शुरू : केजरीवाल पर भड़के उमर अब्दुल्ला, TMC ने कहा- हमें चोरों की पार्टी कह धरना देती है कांग्रेस… बाहर साथ, भीतर फाइट

क्या गठबंधन से पहले ही रायता फैलना शुरू हो गया है? पहली ही मीटिंग में हर पार्टी ने गिलेशिकवे शुरू कर दिए। दूसरे, गठबंधन में शामिल हर पार्टी प्रमुख की निगाह प्रधानमंत्री की कुर्सी हथियाने की है। यानि एक अनार सौ दावेदार। अभी तो गठबंधन संयोजक की नियुक्ति का मसला है। 
भाजपा के खिलाफ मिलकर चुनावी लड़ने के लिए पटना में बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक में ‘तू-तू मैं-मैं’ हो गई। इस दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख उमर अब्दुल्ला और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आपस में भिड़ गए। इस दौरान शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने बीच-बचाव किया।

सूत्रों के हवाले से आजतक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विपक्षी एकजुटता बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) ने कॉन्ग्रेस (Congress) पर बड़ा आरोप लगाया। दरअसल, AAP ने भाजपा सरकार द्वारा दिल्ली सरकार सेवा अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी पार्टियों से समर्थन माँगा। इस दौरान कुछ पार्टियों ने उन्होंने समर्थन दिया भी।

इस बीच AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच समझौता है कि जब दिल्ली सेवा अध्यादेश संसद में लाया जाएगा तो कॉन्ग्रेस वॉकआउट कर जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि AAP इस अध्यादेश का विरोध कर रही है और सभी दलों को AAP का समर्थन करना चाहिए।

बैठक के दौरान जब केजरीवाल इस तरह की बातें करने लगे तो उमर अब्दुल्ला ने उन्हें टोका। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जब कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया था, तब तो आपकी पार्टी ने हमारा समर्थन नहीं किया था और संसद में सरकार का साथ दिया था।

विवाद और गहरा होता, इससे पहले ही NCP चीफ शरद पवार और शिवसेना-UBT उद्धव ठाकरे ने बीच बचाव कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी विपक्षी दलों को आपसी मतभेद दूर करना होगा और एक साथ आना होगा।

कॉन्ग्रेस के साथ APP की तानातानी को लेकर पवार ने कहा, “हम पिछले 25 वर्षों से एक-दूसरे की आलोचना कर रहे थे, लेकिन हमने हर मतभेद को एक तरफ रख दिया और अब हम एक साथ काम कर रहे हैं।” वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा, “अब समय आ गया है कि मतभेद भुलाकर एक साथ आएँ।”

हालाँकि, केजरीवाल की कटुता खत्म नहीं हुई। बैठक खत्म होने के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भाग नहीं लिए और दिल्ली लौट आए। उधर, विपक्ष की बैठक खत्म होने के कुछ देर बाद AAP ने कॉन्ग्रेस को धमकी दे दी। AAP ने कहा कि अगर वे राज्यसभा में दिल्ली अध्यादेश को रोकने में साथ देने से इनकार करते हैं तो AAP किसी भी कॉन्ग्रेस वाली गठबंधन से दूर रहेगी।

इतना ही नहीं, बैठक के दौरान बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने भी कॉन्ग्रेस पर सवाल उठाया। ममता बनर्जी ने अधीर रंजन चौधरी द्वारा TMC को चोरों की पार्टी कहने और उसके खिलाफ धरना देने का मामला उठाया और इस पर आपत्ति जाहिर की।

इस दौरान साथी पार्टियों को एकता का पाठ पढ़ाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee) ने इस दौरान कहा कि सबको बड़ा दिल दिखना होगा। उन्होंने कहा कि अगर वे आपस में लड़ेंगे तो भाजपा को फायदा होगा।

इस दौरान विपक्षी पार्टियों ने एक संयोजक चुनने की वकालत की। 15 जुलाई को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में होने वाली अगली बैठक में संयोजक को चुना जाएगा। इस दो दिवसीय बैठक में माना जा रहा है कि नीतीश कुमार को संयोजक चुना जाएगा।

इस दौरान नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों से कहा, “आप लोग नेतृत्व करें, मैं समन्वय करूँगा। हम आज नीति बनने की उम्मीद नहीं कर सकते, लेकिन दो-तीन बैठकों के बाद इसकी उम्मीद कर सकते हैं। हम बीजेपी को 150 सीटों पर समेट सकते हैं, क्योंकि उसके पास 37% वोट हैं।”

#Go Back Stalin… बिहार पहुँच रहे तमिलनाडु मुख्यमंत्री के खिलाफ हर जिले में विरोध प्रदर्शन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना में विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है, जिसमें शामिल होने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन भी आ रहे हैं। बता दें कि तमिलनाडु में बिहारियों की प्रताड़ना का आरोप लगा कर वीडियो शेयर करने वाले बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप को तमिलनाडु की जेल में ही रखा गया है। उन पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगा दिया गया है। इसे लेकर एमके स्टालिन का बिहार में विरोध हो रहा है।

सोशल मीडिया पर भी लोग ‘Go Back Stalin’ ट्रेंड करा रहे हैं। इससे पहले नीतीश कुमार भी तमिलनाडु के पूर्व CM करुणाननिधि के मेमोरियल के उद्घाटन के लिए वहाँ जाने वाले थे, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण उन्हें ये योजना रद्द करनी पड़ी। बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और जल संसाधन मंत्री संजय झा उनकी तरफ से इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। पटना में शुक्रवार (23 जून, 2023) को 20 विपक्षी दलों की बड़ी बैठक होने वाली है।

राजनीतिक विश्लेषक चंदन शर्मा ने लिखा, आप में से कितने लोगों को आज भी मनीष कश्यप याद हैं? विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए तमिलनाडु का मुख्यमंत्री स्टालिन 23 जून को बिहार आ रहा है। आपको याद करना होगा स्टालिन ने हमारे भाई मनीष कश्यप पर NSA लगाया है!” उधर ‘ब्राह्मण ऑफ भारत’ नामक ट्विटर पेज ने भी इस ट्रेंड को आगे बढ़ाया। बिहार के कई लोग स्टालिन के पटना दौरे का विरोध कर रहे हैं।

 ‘पाञ्चजन्य’ के पत्रकार रितेश कश्यप ने लिखा, “मनीष कश्यप को जेल से रिहा करने को लेकर, बिहार के लोगों ने चलाया #GoBackStalin का ट्रेंड ! आपको बता दें कि बिहार में विपक्षी एकता को लेकर महागठबंधन की बैठक की जा रही है जिसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन भी आ रहे हैं। बिहार के जाने-माने पत्रकार मनीष कश्यप तमिलनाडु के जेल में बंद है। उन्हीं के समर्थन मे पूरे बिहार में स्टालिन के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है और यह ट्रेंड चलाया जा रहा है।”

RJJP (राष्ट्रीय जन-जन पार्टी) की गया यूनिट ने ऐलान किया कि 23 जून को स्टालिन का विरोध बिहार में जम के होना चाहिए, अगर बिहारियों को लगता है की मनीष कश्यप के साथ गलत हुआ है। ‘EWS कम्युनिटी’ नामक ट्विटर पेज ने ऐलान किया कि आशुतोष कुमार के नेतृत्व में 23 जून को बिहार के हर एक जिले और खासकर पटना में जोरदार विरोध किया जाएगा। 23 जून को स्टालिन के विरोध में बिहारवासियों का आक्रोश देखने को मिलेगा, ये तय है।

बिहार : क्या होटल के बाहर सरकारी बदमाशों ने फाड़ डाले बागेश्वर बाबा के पोस्टर? क्या मुस्लिम अधिवेशन के पोस्टर फाड़ने पर फुटेज के बावजूद पुलिस खाली हाथ रहती?

पटना में फिर फाड़े गए बाबा बागेश्वर के पोस्टर 
बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बिहार की राजधानी पटना के करीब नौबतपुर में हनुमंत कथा सुना रहे हैं। इस बीच एक बार फिर उनका पोस्टर फाड़ने की घटना सामने आई। धीरेंद्र शास्त्री जिस होटल में रुके हुए हैं, उसके पास में ही यह पोस्टर लगा हुआ था। इस घटना पर आयोजकों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

दरअसल, बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पटना के पनाश होटल में रुके हुए हैं। इस होटल के पास लगे एक पोस्टर को अज्ञात लोगों द्वारा फाड़ दिया गया। हालाँकि इसके बाद पोस्टर की मरम्मत कर उसे सही कर दिया गया। लेकिन इस घटना से आयोजकों और बाबा बागेश्वर के भक्तों के बीच आक्रोश व्याप्त हो गया है। वे आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। इस मामले में आयोजकों ने पुलिस से शिकायत भी की है। हालाँकि अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई।

पोस्टर फाडे जाने से हिन्दुओं के मन में सरकार के विरुद्ध हिन्दू विरोधी छवि मुखरित होनी शुरू हो गयी है। उनका मानना है कि अगर किसी मुस्लिम अधिवेशन के पोस्टर फाड़े जाने पर cctv फुटेज होने के बाद भी उत्पादितों को नहीं पकड़ती? इसे सरकार की विफलता कही जाए या हिन्दू विरोध? 

धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के पटना पहुँचने से पहले भी कई जगहों पर उनके पोस्टर फाड़े गए थे। रात के अंधेरे में पोस्टर फाड़ने वालों की हरकत सीसीटीवी में कैद हो गई थी। हालाँकि, फुटेज हाथ लगने के बाद भी पुलिस अब तक आरोपितों तक नहीं पहुँच पाई है।

बिहार सरकार के मंत्रियों ने किया था बाबा की कथा का विरोध

धीरेंद्र शास्त्री की कथा की जानकारी सामने आने के बाद राजद नेताओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। नीतीश सरकार में मंत्री तेज प्रताप यादव ने एयरपोर्ट पर ही धीरेंद्र शास्त्री का घेराव करने की धमकी दी थी। यही नहीं, उन्होंने अपने धर्म निरपेक्ष सेवक संघ (DSS) के सदस्यों की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की थी। इन तस्वीरों को भी बागेश्वर सरकार के विरोध में तैयारियों के रूप में देखा जा रहा था।
यही नहीं, बिहार के शिक्षा मंत्री चन्द्रशेखर यादव ने तो उन्हें जेल में डालने की बात कह दी थी। उन्होंने कहा था, “बाबा बागेश्वर अगर गंदे काम करने आएँगे तो बिहार इजाजत नहीं देगा, अगर नफरत फैलाने आए हो तो आडवाणी भी जेल गए थे, और लोग भी जाएँगे। बागेश्वर बाबा हो या कोई बाबा हों, उनके पास कोई तिलस्म या चमत्कार नहीं है।”
धीरेंद्र शास्त्री 13 मई 2023 से 17 मई 2023 तक 5 दिवसीय हनुमंत चरित्र सुनाएँगे। 5 दिवसीय कार्यक्रम में हर दिन शाम को 4 बजे से लेकर 7 बजे तक कथा का आयोजन होगा। 15 मई को धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाएँगे। इसमें बिना टोकन और नंबर के भक्तों की अर्जी सुनी जाएगी।

उत्तराखंड में RSS को ‘कौरव’ कहने पर राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज : ‘मोदी सरनेम विवाद’ में पटना कोर्ट में होना होगा पेश

बुजुर्गों का कहना है कि कोई बात बोलने से उसको तोलो, लेकिन राहुल गाँधी तो मोदी-योगी विरोध में इतने पगला गए कि कुछ का कुछ बोलते जा रहे, इसका पार्टी को कितना नुकसान हो रहा है, इस पर सोंचने का समय नहीं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पहले सांसदी गई। उसके बाद आवास खाली करने का नोटिस मिला। अब उनके खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया गया है। यह राष्ट्रीय सेवक संघ (RSS) की तुलना कौरवों से करने से संबंधित है। पटना में 'मोदी सरनेम विवाद' केस दर्ज होने के अलावा लंदन में ललित मोदी भी केस करने की तैयारी कर रहे हैं। 

आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने यह राहुल गाँधी के खिलाफ मानहानि का यह परिवाद उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित द्वितीय न्यायिक मजिस्ट्रेट शिव सिंह की अदालत में दाखिल किया है। इस पर न्यायालय ने सुनवाई की तिथि 12 अप्रैल 2023 तय की है। 

रुद्र विहार जगजीतपुर कनखल निवासी कमल भदौरिया ने न्यायालय में यह परिवाद दाखिल किया है। इसमें कमल भदौरिया ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में धारा 370 हटाने, मुस्लिम महिलाओं को अधिकार देते हुए तीन तलाक पर कानून बनाने, राम मंदिर की नींव रखने समेत कई कार्य हुए।

परिवाद में कमल ने कहा कि देश में कहीं पर भी कोई विपत्ति आती है तो संघ अहम भूमिका निभाता है। इसके बावजूद राहुल गाँधी ने 9 जनवरी 2023 को कुरुक्षेत्र अंबाला में संघ को 21वीं सदी का कौरव बताया था। उन्होंने कहा था कि ‘आज के कौरव खाकी हाफ पैंट पहनते हैं और हाथ में लाठी लिए होते हैं’।

कमल ने आगे कहा है कि राहुल गाँधी ने कहा था कि यह देश पुजारियों का नहीं, बल्कि तपस्वियों का है। इस बयान को उन्होंने भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया। परिवाद दाखिल करने के बाद कोर्ट ने राहुल गाँधी को 12 अप्रैल को पेश होने का नोटिस भी जारी कर दिया है।

वहीं, मोदी सरनेम को लेकर राहुल गाँधी को पटना की अदालत ने भी 12 अप्रैल को हाजिर होने के लिए कहा है। राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि उनके मामले में राहुल गाँधी को धारा 317 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए पटना के एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में 12 अप्रैल 2023 को उपस्थित होना है। इसका नोटिस भेज दिया गया है।

सुशील मोदी ने कहा कि धारा 500 के तहत किसी व्यक्ति या समुदाय की मानहानि करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा सूरत कोर्ट की तरह ही बिहार में भी उन्हें 2 साल की सजा हो सकती है। सुशील मोदी ने कहा कि राहुल को इस मामले में 6 जुलाई 2019 को पटना की अदालत में हाजिर होकर जमानत लेनी पड़ी थी।

दिल्ली : AAP विधायक अमानतुल्लाह खान का PA, नोमान अहमद कारतूस के साथ पटना एयरपोर्ट पर गिरफ्तार


बिहार की राजधानी पटना स्थित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ पर AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के PA नोमान अहमद को हिरासत में लिया गया है। वो अपने साथ बैग में कारतूस लेकर जा रहा था। नोमान अहमद दिल्ली के शाहीन बाग़ स्थित अबुल फजल एन्क्लेव का रहने वाला है। वो स्पाइसजेट की फ्लाइट से पटना से दिल्ली जाने वाला था। सुरक्षा जाँच के दौरान CISF जवानों ने उसके बैग से कारतूस बरामद किया।

ओखला विधानसभा क्षेत्र से MLA अमानतुल्लाह खान ‘दिल्ली वक्फ बोर्ड’ के अध्यक्ष भी हैं। उन्हें AAP के टिकट और 2020 में लगातार दूसरी बार इस पद के लिए चुना गया। उनके PA के बैग से जो कारतूस मिला, वो 7.65 एमएम का है। उसके पास हथियार का कोई लाइसेंस भी नहीं था। रविवार (11 सितंबर, 2022) की रात उन्हें पटना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वो ‘आम आदमी पार्टी’ के विधायक का पर्सनल अस्सिस्टेंट है।

उसने दावा किया कि वो विधायक के ‘पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO)’ का बैग लेकर आया था, ऐसे में गलती से कारतूस उसके अंदर रह गया। पुलिस ने दिल्ली से PSO से हथियार का लाइसेंस मँगाया है। इसके बाद एक बॉन्ड भरवाया जाएगा, फिर नोमान अहमद को छोड़ दिया जाएगा। वो रात के 9:20 बजे SG-8390 फ्लाइट से दिल्ली जाने वाला था। सिक्योरिटी होल्ड एरिया में तलाशी के दौरान ये कारतूस मिला। पूछताछ में संतोषजनक जवाब न मिलने पर उसकी यात्रा रद्द कर दी गई।

अब उसके बयान की पुष्टि तभी हो पाएगी, जब दिल्ली से लाइसेंस की कॉपी पटना पुलिस को मिल जाती है। चेक-इन के बाद रात के करीब 8:23 बजे सिक्योरिटी जाँच के दौरान उसे रोका गया था। हाल ही में अमानतुल्लाह खान ISIS के आतंकी जामिया छात्र मोहसिन की गिरफ़्तारी पर उसका बचाव कर चुके हैं। अमानतुल्लाह खान अक्सर अपने कट्टरपंथी बयानों के कारण विवादों में रहते हैं। मोहसिन ट्यूशन के बहाने युवाओं को वीडियो दिखा कर ISIS से जोड़ रहा था।

चंपारण के मदरसे से देश विरोधी प्लानिंग, NIA ने मौलवी को दबोचा: 5 बोरी किताबें बरामद, 100 लड़कियों को दे रहा था ‘तालीम’

पूर्वी चंपारण के ढाका से मदरसे के मौलवी को NIA ने किया गिरफ्तार (फोटो साभार: TV9 भारतवर्ष)
अक्सर इस बात का उल्लेख करता रहता हूँ कि मुस्लिम कट्टरपंथी नूपुर शर्मा मुद्दे को जितना अधिक जीवित रखेंगे, उससे कहीं अधिक यह इस्लाम के लिए घातक होगा। यह कटु सच्चाई है। इसलिए यह हर शांतिप्रिय मुसलमानों का फ़र्ज़ है कि वह मुल्लावाद के खिलाफ खड़े हों। क्यों नहीं मौलवी आगे आकर नूपुर के बयान पर चर्चा करते, क्योकि इस बात को वह भी जानते हैं कि नूपुर ने किसी अपशब्द की बजाए वही कहा जो इस्लामिक किताबों में लिखा है। चर्चा यह भी है कि कट्टरवादी कोर्ट इसलिए नहीं जा अगर तीस हज़ारी कोर्ट का 31 जुलाई 1986(नीचे लिंक क्लिक करके पढ़िए) और Calcutta High Court में दर्ज कुरान की 124 आयतों के खिलाफ केस को पुनः खोल दिया वास्तव में इनके लिए घोर संकट खड़ा हो जायेगा। कोई मुस्लिम देश नहीं बोल पाएगा। वैसे भी अब तो सोशल मीडिया यानि यूट्यूब पर तो चर्चाओं में कुरान पर ही प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं, और सब मुंह में दही जमाए बैठे हैं। किसी में खंडन करने का साहस नहीं, बस शरारती तत्वों को लालच देकर डर का माहौल बनाकर अशांति फैलाते रहो। इन कट्टरपंथी मौलानाओं को इतना ज्ञान तो होना ही चाहिए कि जब 800 साल में मुग़ल आतताई हिन्दुत्व को ख़त्म करने में असफल रहे। भारत को छोड़ कहीं उनका नामलेवा नहीं, लेकिन हिन्दुत्व आज भी वही खड़ा है। 

कांवड़ यात्रा रोकने का षड़यंत्र 

कांवड़ियों के ट्रक के नीचे एक मुसलमान व्यक्ति की मौत हो जाती है जिसको लेकर बवाल खड़ा हो गया आसपास के रहने वाले मुस्लिम युवकों ने कहा कांवरियों ने जानबूझकर इस व्यक्ति को मारा है पुलिस ने सभी कांवरियों के खिलाफ तुरंत केस दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी, लेकिन भला हुआ एक बच्चे का जो एक जगह खड़ा होकर कावड़ियों की झांकी का वीडियो बना रहा था और यह घटना भी उस बच्चे के मोबाइल में कैद हो गई वीडियो जांच में सामने आया मरने वाला मुस्लिम व्यक्ति जानबूझकर कावड़ियों के ट्रक के पिछले पहिए के नीचे कूद गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देवबंद अति संवेदनशील मुस्लिम बहुल इलाका है ऐसी घटना से जातिय दंगा भड़कने की पूरी संभावना रहती है लेकिन इस बच्चे की बनी वीडियो वायरल से मामला पुलिस ने तुरंत शांत करा दिया। 

योगी सरकार को इस मृतक के परिवार को मिलने वाली सरकारी सुविधा वापस ही नहीं ली जाएं बल्कि अब तक मिल चुकी सुविधाओं को ब्याज सहित वापस लिया जाए और परिवार के बैंक खातों की जाँच करवाई जाए। क्योंकि इस लघु वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि न ट्रक ने टक्कर मारी और न ही किसी ने धक्का दिया। यह किसी षड़यंत्र के तहत किया गया है, यूँही कोई मौत के मुंह में नहीं जाता।   

लेकिन सोचने वाली बात यह है आखिर मरने वाला मुसलमान शख्स ने सुसाइड करने के लिए कावड़ियों का ही ट्रक को क्यों चुना कहीं यह कोई दंगा भड़काने की सोची समझी साजिश तो नहीं थी पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। 

अवलोकन करें :-

https://indiafacts.org/court-ruling-ayats-quran-cause.../
Court Ruling: Some Ayats in the Quran cause Communal Riots | IndiaFacts
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Court Ruling: Some Ayats in the Quran cause Communal Riots | IndiaFacts

बिहार के पटना में हाल में ही ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)’ के कुछ संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है। जिसके बाद उनके खतरनाक मंसूबों के बारे में देश को पता चला है। इस गिरफ्तारी के बाद से बिहार की पुलिस व जाँच एजेंसी NIA सक्रिय है। NIA अपनी तरफ से लगातार जाँच कर रही है।

इसी सिलसिले में 19 जून, 2022 को पटना से ढाका पहुँची एनआईए की टीम ने पचपकड़ी रोड स्थित जामिया मारिया मिसवा मदरसा से तीन लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान सिकरहना डीएसपी राजेश कुमार समेत एसडीओ व कई पुलिस अधिकारी थाना पर मौजूद रहे।

पटना से आई एनआईए की टीम जामिया मारिया मिसवा मदरसा ढाका के पचपकड़ी पहुँची और मदरसा के मौलवी मुफ्ती असगर अली को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही मदरसा के दो अन्य लोगों को भी कस्टडी में लेकर ढाका थाना पहुँची। हालाँकि पूछताछ के बाद उन दोनों को छोड़ दिया गया और अली असगर को लेकर जाँच एजेंसी पटना आ गई है। जहाँ उससे दोबारा पूछताछ की जाएगी। मौलाना पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है।

एफआईआर में अली का नाम भी है। पुलिस इस सिलिसिले में उसके घर पर भी दबिश देने पहुँची थी, जहाँ पाँच बोरे में उर्दू की किताबें मिली हैं। ये किताबें आपत्तिजनक बताई जा रही हैं, जिनकी आगे जाँच की जाएगी और पता लगाया जाएगा कि वे कैसी मजहबी किताबें हैं। 

असगर अली पलनवा थाना के सिसवनिया गाद गाँव का रहने वाला है और जामिया मारिया मिसवा मदरसा में बच्चों को तालीम देने का काम करता था। ढाका के पचपकड़ी में स्थित जामिया मारिया मिसवा मदरसा का संचालन वर्ष 2013 से हो रहा है। इस मदरसे में लगभग 100 मुस्लिम लड़कियों को तालीम दी जाती है। अली असगर ढाका बड़ी मस्जिद के नायाब इमाम मोहम्मद नेसार के कमरे में रहता है। मस्जिद के नायाब इमाम ढाका थाना क्षेत्र के जमुआ के रहने वाले हैं।

ढाका पहुँची एनआईए की टीम को लेकर एसपी डॉ. कुमार आशीष ने भी कुछ बताने से इनकार किया है। डीएसपी सिकरहना राजेश कुमार ने सिर्फ एनआईए की टीम के आने की पुष्टि की, मगर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नाम पर देश विरोधी गतिविधियाँ चल रही थी, जिसका खुलासा होने का बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरे बिहार में लगातार कार्रवाई कर रही हैं। 

इससे पहले इस मामले में बिहार की पटना पुलिस ने फुलवारी शरीफ से पाँच लोगों की गिरफ्तारी की थी। इस मामले में कुल 26 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। बिहार पुलिस की फुलवारी शरीफ कार्यालय में छापेमारी के दौरान पुलिस को आपत्तिजनक दस्तावेज मिले थे, जिनमें से एक का शीर्षक था – ‘2047 इंडिया टुवर्ड्स रूल ऑफ इस्लामिक इंडिया’। इसके अलावा इनके पास से पीएफआई के पर्चे भी बरामद किए गए थे।

मोदी के पटना दौरे से 15 दिन पहले से ही इन आतंकियों को फुलवारी शरीफ में ट्रेनिंग दी जा रही थी। पीएम मोदी को मारने की साजिश को लेकर उन्होंने 6 और 7 जुलाई को बैठकें कीं। हालाँकि, बिहार पुलिस का कहना है कि पीएम मोदी को सीधा खतरा नहीं था।

पटना : एसएसपी ने RSS की तुलना इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन PFI से की

                    एसएसपी ने आरएसएस की तुलना पीएफआई से की (फोटो साभार: एएनआई का ट्विटर हैंडल)
बिहार में पटना के फुलवारी शरीफ में गुरुवार (14 जुलाई 2022) को बिहार पुलिस ने इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के ऑफिस पर छापा मारा। इसके बाद इसको लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पटना पुलिस ने इसकी जानकारी दी। इस दौरान पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तुलना पीएफआई से कर दी। इसको लेकर अब बीजेपी ने उनसे माफी की माँग की है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एसएसपी को तुरंत बर्खास्त करने की माँग करते हुए बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा, “उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वो अब दिवालिया हो चुके हैं। ऐसे व्यक्ति को एसएसपी के रूप में मिनट भी नहीं रखना चाहिए। उन्होंने पुलिस अधिकारी पर अपनी मर्यादा के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस अधिकारी को बड़बोला और बददिमाग करार दिया। साथ ही कहा कि इनके इस पद पर रहने से शहर की कानून व्यवस्था और माहौल बिगड़ रहा है। सीएम इस पर संज्ञान लें।”

मनोज शर्मा ने आरएसएस को राष्ट्र निर्माण करने वाली संस्था करार दिया और कहा कि शाखाओं में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को मजबूत करने की ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं भाजपा पिछड़ा वर्ग के राष्ट्रीय महामंत्री निखिल आनंद ने एसएसपी के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजनीति करना है तो पद से इस्तीफा दें और राजनीति में आएँ।

मनोज शर्मा ने आगे कहा, “आरएसएस एक राष्ट्र निर्माण करने वाली संस्था है। यहाँ भारतीय संस्कृति और सभ्यता सुदृढ़ करने की ट्रेंनिग दी जाती है। यहाँ लोगों में एकता और अहिंसा का पाठ पढ़ाया जाता है। पटना एसएसपी को एक बार आरएसएस के शाखा में जाकर ट्रेंनिग लेनी चाहिए, तब उन्हें पता चलेगा कि आरएसएस में किस तरह की ट्रेनिंग दी जाती है।”

एसएसपी ने क्या बोला

पीएफआई के दफ्तर पर छापेमारी के बाद पटना पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कहा, “इसका जो मोडस था कि ये लोग, जैसे शाखा होती है, आरएसएस अपनी शाखा ऑर्गेनाइज करते हैं, और लाठी की ट्रेनिंग देते हैं, उसी तरह से ये लोग शारीरिक शिक्षा के नाम पर युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे थे। उसी के साथ अपना एजेंडा और प्रोपेगेंडा के जरिए युवकों का ब्रेनवाश कर रहे थे।”

‘जमानत जब्त कराने के लिए कांग्रेस को सीट दें? क्या होता है गठबंधन?’ : लालू यादव

जेल से छूटने बार बिहार पहुँचे लालू यादव
एक समय था, जब लालू यादव गाँधी परिवार के इशारे पर कुछ भी करने को तैयार रहते थे, लेकिन आज कांग्रेस की इतनी दयनीय स्थिति हो गयी है, जिसके मन में जो आता है कांग्रेस को कह रहा है। 
बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मुखिया लालू यादव ने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भक्तचरण दास को ‘भकचोन्हर’ करार दिया है। जमानत पर जेल से छूटने के बाद पहली बार बिहार दौरे पर जा रहे लालू यादव ने मीडिया से ये बात कही। लालू यादव 24 अक्टूबर, 2021 को पटना पहुँच रहे हैं। बिहार में कुशेश्वर स्थान और तारापुर – इन दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है।

इससे पहले लालू यादव ने कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन की बातों को नकार दिया। उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर कहा, “अरे, बेकार की बात है। गठबंधन क्या होता है? क्या होता है कांग्रेस का गठबंधन? हारने के लिए उसे सीट दे देते हम? जमानत जब्त करवाने के लिए? भक्तचरण दास तो ‘भकचोन्हर’ है ही। उसे कुछ पता है क्या? मैं पटना जा रहा हूँ।” लालू यादव पर आरोप लगे हैं कि उन्हें स्वास्थ्य के आधार पर जमानत मिला है, इसीलिए वो चुनाव प्रचार नहीं कर सकते।

हालाँकि, उन्होंने इन आरोपों को नकार दिया है। बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्तचरण दास ने कहा था कि आगामी लोकसभा चुनाव में बिहार की सभी 40 सीटों पर कांग्रेस अकेले लड़ेगी। साथ ही उन्होंने राजद पर साथ न देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि राजद ने महागठबंधन धर्म नहीं निभाया। साथ ही बताया कि कांग्रेस नेता चुनाव प्रचार के लिए बिहार पहुँच चुके हैं। राजद और कांग्रेस, दोनों इस उपचुनाव में अलग-अलग लड़ रहे हैं।

41 महीने बाद बिहार पहुँच रहे लालू यादव के स्वागत के लिए राजद कार्यकर्ता भी जोश में हैं और राबड़ी देवी के सरकारी आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 27 अक्टूबर को उनकी रैलियाँ हो सकती हैं। 30 अप्रैल को जमानत मिलने के बाद से ही वो अपनी बेटी मीसा भारती के दिल्ली स्थित आवास पर रह रहे थे। वो अक्टूबर में ही बिहार आने वाले थे, लेकिन तब डॉक्टरों ने उन्हें मना कर दिया था। राबड़ी-मीसा भी उनके साथ बिहार आ रही हैं।

वो लगभग साढ़े 3 साल जेल में बंद रहने के बाद निकले हैं। हालाँकि, इस दौरान राँची में उन्हें वीआईपी ट्रीटमेंट देने के आरोप भी हेमंत सोरेन की सरकार पर लगे। राबड़ी देवी के पटना स्थित आवास पर मेडिकल टीम की निगरानी में उनकी देखरेख के लिए एक अलग कमरा तैयार किया गया है। केवल परिवार के सदस्यों को उनके कमरे में जाने की इजाजत होगी। कोशिश रहेगी कि उन्हें भीड़ का सामना न करना पड़े, इसीलिए इस पर संशय है कि वो कार्यकर्ताओं से मिलेंगे या नहीं।

क्या JDU- BJP के बीच सब ठीक नहीं है? इस खाली कुर्सी से उठ रहे सवाल

जेडीयू-बीजेपी में सब कुछ ठीक नहीं, आखिर पटना में भाजपा नेता रावण वध कार्यक्रम से अलग क्यों रहे?
पटना के गांधी मैदान पर आयोजित रावण वध कार्यक्रम में
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार में सत्तारूढ़ NDA के दो घटक जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा. इसका एक उदाहरण मंगलवार को पटना के गांधी मैदान में देखने को मिला जब हर साल आयोजित होने वाली रावण वध कार्यक्रम में वो चाहे बिहार के राज्यपाल हों या उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी या भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक, कोई नहीं दिखा.
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और अन्य लोगों सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता पटना के प्रतिष्ठित गांधी मैदान में दशहरा समारोह के आयोजन में नहीं पहुंचे, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्य अतिथि थे। उपमुख्यमंत्री के लिए नामित कुर्सी उत्सव के दौरान खाली रह गई। उप मुख्यमंत्री मोदी के अलावा, इस कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा विधायक, भाजपा के मंत्रियों और अन्य प्रतिष्ठित भाजपा नेताओं की अनुपस्थिति देखी गई।
जेडीयू नेता अजय आलोक ने भी ट्विटर पर बीजेपी से पूछा कि क्या हो गया? कोई गांधी मैदान में रावण वध में नहीं आया? रावण वध नहीं करना था क्या?
 
Patna Dussehra
दशहरा कार्यक्रम के दौरान खाली रही उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की कुर्सी 
सरकार के कार्यक्रम में बीजेपी नेताओं का शामिल ना होना ऐसे समय में सामने आया है, जब पटना बाढ़ के बाद दोनों दलों के कुछ नेताओं के बीच बयानबाजी हुई। कार्यक्रम में बीजेपी नेताओं की गैरमौजूदगी से ये भी सवाल उठने खड़े हो जाएंगे कि क्या भाजपा और जेडीयू गठबंधन में सब सही नहीं है?
बाढ़ के बाद केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि राज्य प्रशासन राजधानी शहर में बाढ़ की स्थिति के कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब ताली सरदार को, तो गाली भी सरदार को। इस पर जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, 'वह (गिरिराज सिंह) नीतीश कुमार की पैरों की धूल के बराबर भी नहीं हैं। कोई भी जब-तब सिर्फ महादेव का नाम जप कर नेता नहीं बन जाता है।' 
जहां तक राज्यपाल फागू चौहान का प्रश्न है, राजभवन के सूत्रों के अनुसार उनकी तबियत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही है तो वे अस्वस्थता के कारण इस कार्यक्रम में भाग लेने में असमर्थ थे. उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के अधिकांश स्टाफ का कहना है कि वे पटना में मौजूद हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि वे अपने बेटे के पास कर्नाटक गए हैं. वहीं स्थानीय विधायक नितिन नवीन ने कहा कि वे जल जमाव वाले इलाके का दौरा कर रहे थे और कुछ पारिवारिक कारणों से इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए.
हालांकि पटना सिटी इलाके से विधायक नंदकिशोर यादव अपने इलाके में रावण के पुतला दहन के कार्यक्रम में शामिल हुए. जबकि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, जो मंगलवार की शाम को पटना पहुंचे, उन्होंने पहले से घोषणा कर दी थी कि वे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में जल जमाव और कुछ इलाकों में बाढ़ के पानी के कारण भाग नहीं लेंगे और प्रभावित परिवारों के साथ समय गुजारेंगे.
गांधी मैदान के कार्यक्रम के आयोजकों में सचिव कमल नोपानी का कहना था कि यह कार्यक्रम एक सामाजिक संस्था के तहत पिछले कई दशकों से हो रहा है. इसके सदस्यों में राज्यपाल से लेकर सभी विधायक और मंत्री हैं इसलिए सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जाता है. इस बार भी बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मोहन झा आए थे. उन्होंने स्वीकार किया कि किसी भाजपा नेता की तरफ से नहीं आने की सूचना उन्हें प्राप्त नहीं हुई

NDA ने 'बागी' उपेंद्र कुशवाहा को दिया 'बड़ा झटका'

उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार पर लगाया MLA तोड़ने का आरोप, कहा- सफल नहीं होंगे
आगामी लोकसभा चुनावों में बिहार में एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है. सूत्रों की मानें तो एनडीए में उपेंद्र कुशवाहा को हटाकर यानि रालोसपा को गठबंधन से बाहर रख यह सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय किया गया है.
सूत्रों के हवाले से खबर है कि एनडीए ने माना है कि अब कुशवाहा अब साथ नहीं रहेंगे. इस फॉर्मूले के तहत नीतीश कुमार के नेतृत्‍व वाली जनता दल (यूनाइटेड) और भाजपा 17-17 सीटों पर लड़ेंगे, जबकि छह सीटें रामविलास पासवान के नेतृत्‍व वाली लोजपा को दी जाएंगी. 
सूत्रों के मुताबिक इस आधार पर फॉर्मूला तय कर लिया गया है और अब बस इसके ऐलान का इंतजार है.
बिहार में एनडीए गठबंधन में रालोसपा की तरफ से साफ तौर पर बिखराव दिख रहा है, क्‍योंकि रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं. उन्‍होंने नवम्बर 12 को विपक्षी नेता शरद यादव से मुलाकात भी की, जिसके बाद राजग के घटक जदयू ने भाजपा से कहा था कि वह केंद्र और राज्य की गठबंधन सरकारों के खिलाफ कुशवाहा के अभियान का ‘‘संज्ञान ले.’’ 
कुशवाहा की शरद यादव से इस मुलाकात के बाद इसको लेकर अटकलें तेज हो गई कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ बढ़ती कटुता और भाजपा एवं बिहार में उसके सहयोगी दलों के बीच सीटों के प्रस्तावित बंटवारे के प्रति आपत्तियों को लेकर वह लोकसभा चुनाव से पहले खेमा बदल सकते हैं. हालांकि केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने इस बैठक को शिष्टाचार मुलाकात बताया था.
कुशवाहा ने बाद में पटना में कहा था कि उनकी पार्टी के विधायकों को तोड़ने के जदयू के प्रयास से राजग को नुकसान हो सकता है. शरद यादव पिछले साल नीतीश कुमार के भाजपा से हाथ मिलाने के बाद जदयू से अलग हो गए थे और वह भाजपा के नेतृत्व वाले सत्ताधारी राजग के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने पर काम कर रहे हैं.