Showing posts with label raid. Show all posts
Showing posts with label raid. Show all posts

बंगाल : TMC नेता सलाउद्दीन सरदार के दफ्तर में मिले धारदार हथियार, गोला-बारूद भी बरामद


पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घुटियारी शरीफ के नारायणपुर में TMC कार्यालय पर छापा मारा गया। इस दौरान पुलिस ने वहाँ से भारी मात्रा में धारदार हथियार बरामद किए हैं।

यह दफ्तर स्थानीय TMC नेता सलाउद्दीन सरदार का बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पार्टी कार्यालय में हथियार छिपाकर रखे गए हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहाँ से 18 धारदार हथियार जब्त किए। इसके साथ ही भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद होने की खबर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चुनाव के बीच इतनी बड़ी संख्या में हथियार वहाँ क्यों जमा किए गए थे। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

हैदराबाद : अदरक-लहसुन पेस्ट के नाम पर परोसा जा रहा ‘जहर’, मिलावटखोर ‘शहजादा फूड मास्टर’ मोहम्मद जफर गिरफ्तार: 1155 किलो नकली पेस्ट और 2.5 लाख रूपए की मशीनरी जब्त

              नकली लहसुन-अदरक पेस्ट, आरोपित मोहम्मद ज़फ़र गिरफ्तार (साभार : X_@hydcitypolice)
हैदराबाद में मिलावटी पेस्ट बनाने का एक और मामला सामने आया है। कमिश्नर टास्क फोर्स (खैरताबाद जोन) ने टप्पाचाबुतरा इलाके में छापेमारी कर मोहम्मद जफर आलम को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपित ‘सहारा इंडिया’ के नाम से बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में नकली पेस्ट तैयार कर रहा था। पुलिस ने मौके से 1,155 किलोग्राम मिलावटी पेस्ट और मशीनरी जब्त की है, जिसकी कीमत करीब 2.5 लाख रूपए आँकी गई है।

गंदगी के बीच साइट्रिक एसिड का खेल

जाँच में पता चला कि आरोपित मोहम्मद जफर आलम अदरक-लहसुन के पेस्ट में साइट्रिक एसिड और भारी मात्रा में नमक मिलाकर उसे तैयार करता था। यह काम धूल, मक्खियों और गंदगी के बीच खुले प्लास्टिक के डिब्बों में किया जा रहा था, जो इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपित का FSSAI लाइसेंस जिस पते पर था, काम उससे अलग जगह पर अवैध रूप से चल रहा था।

हैदराबाद के होटलों में हो रही थी सप्लाई

यह मिलावटी और असुरक्षित पेस्ट हैदराबाद के थोक किराना स्टोरों और फूड कैटरिंग सेवाओं (होटल-शादियों) को धड़ल्ले से सप्लाई किया जा रहा था। इससे पहले भी मल्लेपल्ली इलाके में मोहम्मद फारूक नाम का शख्स ‘शहजादा फूड मास्टर’ के नाम से करीब 1,090 किलो नकली पेस्ट बनाते पकड़ा गया था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद मसालों की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हापुड़ में सपा नेता अब्दुल रेहान के घर पुलिस का छापा, 55 भरे गैस सिलेंडर बरामद: 2000 रुपए में कालाबाजारी का आरोप

                                  सपा नेता अब्दुल रेहान के घर मिले 55 गैस सिलेंडर (फोटो साभार : NBT)
उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडरों की किल्लत के बीच कालाबाजारी करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हापुड़ के गाँव असौड़ा में समाजवादी पार्टी के नेता अब्दुल रेहान के घर पर पुलिस और जिला पूर्ति विभाग ने छापेमारी की। इस कार्रवाई में रेहान के घर से 55 भरे हुए और कई खाली गैस सिलेंडर बरामद हुए हैं। छापेमारी की भनक लगते ही आरोपित नेता मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।

सरकार और पुलिस को सिलेंडर सप्लाई करने वाली एजेंसी पर सख्त कार्यवाही कर उसका लाइसेंस तुरंत कैंसिल कर उसके बैंक अकाउंट और दुकान को भी सील कर देना चाहिए। 

महँगे दामों पर बेच रहे थे सिलेंडर

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अब्दुल रेहान मजबूरी का फायदा उठाकर जरूरतमंदों को एक सिलेंडर 2000 रुपए तक में बेच रहा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि पंचायती घर के पास रहने वाला रेहान अपने घर में अवैध रूप से सिलेंडरों का बड़ा स्टॉक जमा किए हुए है। सूचना मिलते ही टीम ने दबिश दी और सभी सिलेंडरों को जब्त कर लिया।

प्रदेश में सिलेंडरों की कमी के बीच इस तरह की कालाबाजारी को योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध भंडारण के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। साथ ही जनता से अपील की गई है कि यदि कहीं भी ऐसी कालाबाजारी दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

Kashmir Times Office Raid: जम्मू में कश्मीर टाइम्स के दफ्तर पर छापा, AK-47 और पिस्टल की गोलियां बरामद


जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष जाँच एजेंसी स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने गुरुवार (20 नवंबर 2025) की सुबह अंग्रेजी अखबार ‘कश्मीर टाइम्स’ के जम्मू ऑफिस पर छापा मारा। यह कार्रवाई अखबार पर देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोपों से जुड़ी जाँच का हिस्सा है।

सूत्रों के अनुसार, एसआईए की छापेमारी के दौरान कश्मीर टाइम्स न्यूज पेपर कार्यालय जम्मू में तलाशी अभियान के दौरान एके-47 और पिस्तौल के कुछ राउंड और ग्रेनेड का एक लीवर बरामद किया गया है।

एक अधिकारी ने कहा कि अखबार के खिलाफ "देश के हितों के खिलाफ एक्टिविटीज़ का महिमामंडन" करने का केस दर्ज किया गया है। अधिकारी ने कहा कि SIA के अधिकारियों ने अखबार की जगह और कंप्यूटर की पूरी तलाशी ली। पब्लिकेशन और उसके प्रमोटर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, और उनसे पूछताछ हो सकती है।

दफ्तर में लंबी तलाशी और FIR

अधिकारियों के मुताबिक, SIA की टीम सुबह ही दफ्तर पहुँची और अलग-अलग हिस्सों में लंबी तलाशी ली। टीम ने कई दस्तावेज़ों, कंप्यूटरों और डिजिटल डिवाइसों को खंगाला और कुछ सामग्री जब्त कर ली। SIA का कहना है कि यह कार्रवाई बड़े एंटी-टेरर ऑपरेशन्स का हिस्सा है।

अखबार और इसके प्रमोटर्स में इसकी एडिटर अनुराधा भसीन भी शामिल हैं, उनके खिलाफ UAPA (गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम) की धारा 13 के तहत FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि अखबार देश के खिलाफ असंतोष फैलाने और देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में शामिल रहा है।

जल्द होगी पूछताछ

रिपोर्ट्स के मुताबिक, SIA जल्द ही एडिटर अनुराधा भसीन से पूछताछ करेगी। उनसे उनकी गतिविधियों, संपर्कों और कथित ‘प्रोपेगेंडा नेटवर्क’ में उनकी भूमिका के बारे में सवाल किए जाएँगे। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अखबार से जुड़े अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

यह पहली बार नहीं है जब कश्मीर टाइम्स पर ऐसी कार्रवाई हुई है। साल 2020 में इसके श्रीनगर ऑफिस को भी कुछ समय के लिए सील कर दिया गया था। अखबार ने अपना प्रिंट संस्करण बंद कर दिया है और फिलहाल यह सिर्फ डिजिटल चलता है। इस मामले पर अभी तक SIA या कश्मीर टाइम्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

कर्नाटक : वाल्मीकि कॉरपोरेशन का बजट खा गए कांग्रेसी नेता, CBI को मिले फर्जीवाड़े के व्यापक सबूत: 84.63 करोड़ रूपए के घोटाले में 16 जगह छापेमारी

       कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे बी नागेंद्र ने वाल्मीकि कॉरपोरेशन से करीबियों को पहुँचाए करोड़ों रुपए ( News 18)
कर्नाटक के वाल्मीकि कॉरपोरेशन घोटाले में सोमवार (15 सितंबर 2025) को CBI कार्रवाई की। CBI ने बेंगलुरु और आंध्र प्रदेश में 16 जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी में सरकारी योजना से करोड़ों रुपए कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे बी नागेंद्र और उनके करीबी लोगों तक पहुँचाने के सबूत मिले हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBI की जाँच में सामने आया कि वाल्मीकि कॉरपोरेशन के अलावा अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग और कर्नाटक जर्मन टेक्निकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (KGTTI) के फंड्स का भी गलत इस्तेमाल किया गया है। अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग से 2.17 करोड़ रूपए बैंक ऑफ बड़ोदा, सिद्धैया रोड शाका से निकाले गए हैं।

इतनी रकम फर्जी कंपनियाँ M/s SKR Infrastructure और M/s Golden Establishment के जरिए M/s Dhanalaxmi Enterprises के खाते में ट्रांसफर की गई हैं। यह कंपनी कांग्रेस सरकार में पूर्व मंत्री बी नागेंद्र के करीबी नेक्कांति नागराज के नाम पर है। इनमें से 1.20 करोड़ रूपए नागेंद्र की बहन, बहनोई और पर्सनल एसिस्टेंट के खाते में भी भेजे गए हैं।

इसी तरह KGTII से 64 लाख रुपए भी अलग-अलग फर्जी ट्रस्ट और कंपनियों के जरिए पूर्व मंत्री एमटीबी नागराज के भाई एन रविकुमार और भाँजे एन यशवंत चौधरी तक पहुँचाए गए।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने CBI को इन सभी आरोपों की जाँच की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट ने भी साफ कहा कि सरकारी योजनाओं का पैसा निजी लाभ के लिए इस्तेमाल करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

क्या है पूरा मामला ?

यह पूरा मामला साल 2024 में सामने आया। जब यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के DGM ने मामले में शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि फरवरी 2024 से मई 2024 के बीच करीब 84.63 करोड़ रूपए फर्जीवाड़े के जरिए ट्रांसफर कर गायब किए गए हैं।

शिकायत के बाद 3 जून 2024 को मामले में CBI ने जाँच शुरू की। इसके बाद नवंबर 2024 में बीजेपी विधायक बसनगौड़ा आर पाटिल ने कर्नाटक हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर माँग की कि मामले में CBI फाइन रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे और जाँच के दौरान भी स्टेटस रिपोर्ट जमा करे। तब से हाईकोर्ट भी मामले पर नजर बनाए हुए है।

जिस साकिब नाचन के ठिकानों से मिले थे 44 ड्रोन, उसके घर पर ATS ने मारा छापा: ठाणे के गाँव को बना दिया था ‘अल शाम’, ISIS का सरगना बन दिलाई थी ‘बैयत’ की कसम

साकिब नचान (बाएँ) भारत में ISIS का नेटवर्क बढ़ा रहा था (फोटो साभार: India.com & PBS)
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने ठीक ही कहा था कि युद्ध की स्थिति में "हमें ढाई मोर्चे पर लड़ना होगा", दूसरे 1965 इंडो-पाक युद्ध के दौरान चर्चित गायक मोहम्मद रफ़ी ने गैर-फ़िल्मी देश भक्ति गीत "कहनी है एक बात हमें इस देश के पहरेदारों से, संभल के रहना अपने घर में छिपे हुए गद्दारों से ...." जो उस दौरान भी सच साबित हुई और आज इतने सालों के बाद भी शत-प्रतिशत सही साबित हो रही है। जब मोदी सरकार आतंकवाद मुद्दे पर पाकिस्तान को बख्शने को तैयार नहीं फिर देश में पकडे जा रहे गद्दारों को परिवार सहित ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ इनको मिलने वाली हर सुविधा से भी वंचित क्यों नहीं करती? क्योकि इन गद्दारों को मिलने वाले धन पर ऐश तो परिवार वालों ने भी की।       

महाराष्ट्र के आतंकवादी निरोधी दस्ते (ATS) ने ठाणे के पडघा गाँव में छापेमारी की है। यह छापेमारी आतंकी साकिब नाचन के ठिकानों पर हुई है। ATS की यह छापेमारी आतंक से जुड़े एक मामले में हुई है। साकिब नाचन के कई ठिकानों की पुलिस और ATS तलाशी ले रही है।

ATS और महाराष्ट्र पुलिस की यह कार्रवाई सोमवार (2 जून, 2025) को की गई है। नाचन के घर समेत कई ठिकानों पर जाँच की गई है। आतंक से जुड़े कुछ और लोगों पर ATS यह तलाशी ले रही है। मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि उन्हें कुछ सूचनाएँ मिली थीं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

साकिब नाचन के ऊपर पहले छापेमारी में ड्रोन मिले थे। सुरक्षा एजेंसियों को 44 ड्रोन मिले थे। यह नई छापेमारी भी ऐसे समय में सामने आई है, जब रूस के भीतर यूक्रेन ने ऐसे ही ड्रोन से हमला किया है।

कौन है साकिब नाचन ?

गौरतलब है कि जिस साकिब नाचन के ऊपर यह कार्रवाई चल रही है, उस पर NIA के छापे भी 2023 में पड़ चुके हैं। उसे इस दौरान गिरफ्तार भी किया गया था। 63 वर्षीय साकिब मूल रूप से मुंबई के ठाणे जिले के बोरीवली का रहने वाला है। नाचन 3 बच्चों का अब्बा है, जिसमें 2 बेटे और एक बेटी शामिल हैं।

साकिब प्रतिबंधित आतंकी संगठन SIMI (सिमी) का सचिव भी रह चुका है। साकिब का कनेक्शन भगोड़े आतंकी जाकिर नाइक से भी है। वह युवाओं को जिहाद के लिए उकसाता था और खलीफा का राज लाने के लिए ‘बैयत’ (कसम) दिलाता था।

उस पर आतंकवाद से जुड़े दर्जनों केस दर्ज हैं, जिसमें से 2 में उसे अदालत से भी सजा मिल चुकी है। साकिब को साल 1997 में भारत में आतंकी वारदातों की साजिश रचने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया था। तब साकिब का खालिस्तानी आतंकियों से भी कनेक्शन सामने आया था।

साकिब को मुंबई में साल 2002-03 के दौरान हुए 3 बम धमाकों में पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर आरोपित बनाया था। एक दर्जन लोगों की जान लेने वाले ये धमाके मुंबई सेंट्रल, विलेपार्ले और मूलुंड में हुए थे। धमाकों में 100 से अधिक लोग घायल भी हुए थे।

इस मामले में भी साल 2016 में साकिब को अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई। पहली और दूसरी सजाएँ एक साथ चलने की वजह से साकिब 2017 में जेल से रिहा हो गया। साकिब बम बनाने में माहिर माना जाता है। वह अन्य युवाओं को न सिर्फ बम बनाने बल्कि उसका परीक्षण और भीड़भाड़ वाली जगहों पर ब्लास्ट करने की भी ट्रेनिंग देता है। 

शामिल और उसका अब्बा साकिब ने अपने मुंबई बोरीवली स्थित घर को आतंकवाद की ट्रेनिंग के लिए एक सेंटर पॉइंट के तौर पर प्रयोग किया था। शामिल नाचन जुल्फिकार अली बड़ोड़ावाला, मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, सिमाब नसीरुद्दीन काजी और अब्दुल कादिर पठान और कुछ अन्य संदिग्धों के साथ मिल कर ISIS मॉड्यूल खड़ा कर रहा था।

ठाणे के गाँव को बना रहा था अल शाम

नाचन ISIS का पूरा मॉड्यूल चला रहा था। NIA ने इस मामले में उसे मुख्य आरोपित बनाया था। नाचन समेत बाकी आरोपितों ने महाराष्ट्र के ठाणे के एक गाँव को ‘अल शाम’ यानी इस्लामिक शासन वाला आजाद क्षेत्र घोषित कर दिया था। ये भारत में शरिया के तहत इस्लाम का शासन स्थापित और आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

NIA ने नाचन के अलावा हसीब जुबेर मुल्ला, काशिफ अब्दुल सत्तार बालेरे, सैफ अतीक नचन, रेहान अशफाक सुस, शगफ साफीक दिवकर, फिरोज दास्तगीर कुआरी को पकड़ा था। इस मामले में अन्य कई जगह से भी आतंकी पकड़े थे।

साकिब नचान ने कुख्यात आतंकी संगठन ISIS को आतंकी संगठन घोषित करने के खिलाने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।  ISIS के सरगना रहे नाचन ने इस्लामिक स्टेट और अन्य समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित करने वाली सरकारी अधिसूचना को रद्द करने की माँग की थी।

इस्लामी आतंक के लिए मदरसा और मौलाना: जैश-ए-मोहम्मद की टेरर फंडिंग मामले में कश्मीर से बंगाल तक 19 ठिकानों पर छापेमारी, NIA ने कई मौलानाओं को दबोचा

                                                        मोहम्मद खालिद (साभार: जी न्यूज)
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी साजिश और फंडिंग के मामले में राजस्थान, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में 19 जगहों पर छापेमारी की। एजेंसी ने बताया कि छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, सीडी और हार्ड डिस्क समेत कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी बहुत गरमाई हुई कि आखिर मुस्लिमों द्वारा संचालित NGOs की जाँच कब होगी? यहाँ भी घोटालों की कोई कमी नहीं। अगर गंभीरता से जाँच होनी शुरू होगी कई NGOs अपने आप ही बंद होने शुरू हो जाएंगे।  

NIA के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी शेख सुल्तान सलाहुद्दीन अयूबी के करीबी सहयोगियों के परिसरों पर यह छापेमारी की गई है। अयूबी को उसकी आतंकी भूमिका के कारण गिरफ्तार किया गया था। अयूबी को इस साल अक्टूबर में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ी जमात संगठन में भर्ती करने एवं उन्हें कट्टरपंथी बनाने के आरोप में हिरासत में लिया था।

एजेंसी ने बताया कि छापेमारी असम के ग्वालपाड़ा, महाराष्ट्र के औरंगाबाद, मुंबई और अमरावती, उत्तर प्रदेश के झाँसी, बरेली, देवबंद और सहारनपुर, बिहार के सीतामढ़ी, पश्चिम बंगाल के हुगली, जम्मू-कश्मीर के बारामूला, रियासी, बडगाम और अनंतनाग, राजस्थान के डूंगरपुर और गुजरात के मेहसाणा में की गई है। इस दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जाँच की जा रही है।

इस मामले में राजस्थान के डूंगरपुर स्थित मोहम्मद सलमान नाम के एक मौलाना के घर में छापेमारी की है। इस दौरान एजेंसी ने मौलाना से करीब 7 घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद उसे अपने साथ ले गई। एजेंसी को आतंकी साजिश के बारे में इनपुट मिली थी। मौलाना सलमान गुजरात के हिलोन का रहने वाला है। वह गलियाकोट में एक दरगाह के मदरसे में पढ़ाता है।

डूंगरपुर की एसपी मोनिका सेन ने बताया कि NIA की टीम गुरुवार (12 दिसंबर 2024) की सुबह करीब 4 बजे डूंगरपुर आई। इसके बाद चितरी थाना क्षेत्र में गलियाकोट स्थित मौलाना सलमान के घर पहुँचकर छापेमारी की। छापेमारी के साथ ही मौलाना से पूछताछ भी शुरू की गई। इसके बाद टीम मौलाना को साथ लेकर चितरी थाने पहुँची और उससे पूछताछ की।

वहीं, महाराष्ट्र में छापेमारी के दौरान NIA ने अमरावती, भिवंडी और संभाजीनगर से एक-एक शख्स को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। ये तीनों आतंकी संगठनों और पाकिस्तानी एजेंसियों के संपर्क में थे। NIA पता करेगी कि उनके संपर्क में होने का इनका मकसद क्या था। उनके संपर्क में और कितने लोग हैं, इसकी भी जानकारी जुटाएगी।

NIA ने बिहार के सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी थाना क्षेत्र के बाजपट्टी गोट में छापेमारी की। यहाँ से भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। उसके यहाँ टीम ने लंबे समय तक सर्च ऑपरेशन चलाया है और उससे लगभग 5 घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान बिहार पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

उधर, उत्तर प्रदेश के झाँसी में मदरसा टीचर मुफ्ती खालिद के घर पर छापेमारी की गई। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। जब टीम ने मुफ्ती खालिद को ले जाने की कोशिश की तो स्थानीय मुस्लिमों ने एजेंसी की टीम को घेर लिया। टीम के साथ धक्का-मुक्की करके मौलाना छुड़ा लिया और उसे नजदीक के फातिमा मस्जिद में ले जाकर छिपा दिया। 

इसके बाद NIA ने आसपास के इलाकों से भारी पुलिस बल को बुलाया और फिर मौलाना को अपने साथ ले गई। मौलाना को वहाँ से लेकर जाने में पुलिस, यूपी एटीएस और एनआईए की टीम को 3 घंटे का समय लग गया। कहा जाता है कि इस दौरान पुलिस और एआईए की टीम पर 200 लोगों की भीड़ ने हमला भी किया।

वहीं, खालिद को छुड़ाने के लिए उसके समर्थकों द्वारा पुलिस के साथ की गई धक्का-मुक्की के मामले में पुलिस ने 110 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन सभी पर पुलिस टीम पर हमला करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में महिलाओं को भी आरोपित बनाया गया है। मुफ्ती खालिद शहर काजी साबिर अंसारी का भतीजा है।

पश्चिम बंगाल : संदेशखाली में TMC नेता हफीजुल खान के ठिकाने पर CBI को छापे में मिला गोला बारूद और विदेशी पिस्टल: शाहजहाँ शेख का है करीबी; ममता देश को बताओ बारूद क्यों जमा किया जा रहा था?

यह छापेमारी 5 जनवरी के हमले के संबंध में बताई जा रही है (चित्र साभार: HT & India today)
केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को छापेमारी की है। CBI को संदेशखाली में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं। CBI संदेशखाली में ED टीम पर हुए जनवरी, 2025 में हुए हमले की जाँच कर रही है।
अब इस जाँच को रुकवाने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग के आगे रोना रोने भागी हैं, लेकिन जो बारूद पकड़ में आ रहा है, उसमे चुनाव आयोग क्या करेगा? ममता कब तक कितने उपद्रवियों को बचाओगी? देश को बताओ कि ये असला किस लिए जमा किया जा रहा था? CBI हर मुस्लिम बहुल क्षेत्र की सघन जाँच करनी चाहिए। अगर आर्मी की मदद की जरुरत पड़े तो मदद लेनी चाहिए। विशेषकर बांग्लादेश से सटे क्षेत्रों की बहुत ही गंभीरता से तलाशी लेनी चाहिए। केंद्र सरकार को इन आरोपियों को मिलने वाली हर सरकारी सुविधा तुरंत वापस ले लेनी चाहिए, जेल में एक समय का नाश्ता/रिफ्रेशमेंट और एक समय का खाना। दामाद की तरह मत पालो इन उपद्रवियों। 

CBI ने संदेशखाली में शाहजहाँ शेख के एक करीबी के घर पर छापेमारी की है जहाँ से उसे बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि यहाँ से उसे विदेश में बने हथियार तक बरामद हुए हैं। CBI की टीम केन्द्रीय सुरक्षा बलों के साथ यहाँ पहुँची है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, CBI की टीम संदेशखाली के सर्बेरिया इलाके में छापेमारी करने पहुँची है जहाँ उसने शाहजहाँ के एक करीबी हफीजुल खान के घर से यह हथियार बरामद किए हैं। हफीजुल भी तृणमूल कांग्रेस का नेता बताया जा रहा है।

CBI 5 जनवरी, 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर संदेशखाली में हुए हमले के सिलसिले में यह छापेमारी करने पहुँची है। CBI की यह छापेमारी सुबह से ही जारी है। इस मामले में अभी बंगाल सरकार की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

5 जनवरी, 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम संदेशखाली में पूछताछ करने गई थी। यह टीम राशन घोटाला मामले में शेख शाहजहाँ से पूछताछ करने पहुँची थी। इस दौरान ED और केन्द्रीय सुरक्षा बलों की टीम पर शाहजहाँ के गुंडों ने हमला बोल दिया था।

उनकी गाड़ियाँ तोड़ दी थीं और अधिकारियों को घायल कर दिया था। इस हमले में तीन अधिकारी घायल हो गए थे। ED की टीम काफी मुश्किल से यहाँ से निकल पाई थी। इसके बाद इस हमले के मामले में FIR दर्ज हुई थी।

अवलोकन करें:-

पश्चिमी बंगाल : TMC नेता जिन्ना अली बना रहा था देसी बम, हाथ में ही हो गया ब्लास्ट: बुरी तरह घायल, EC ने

इस हमले के लगभग एक महीने के बाद संदेशखाली का भयावह सच देश के सामने आना चालू हुआ था। पूर्व TMC नेता और स्थानीय दबंग शेख शाहजहाँ और कुछ अन्य नेताओं पर महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगे थे। इसके अलावा इन पर लोगों की जमीन कब्जाने, मारने पीटने और धमकाने के आरोप भी लगे थे। शेख शाहजहाँ पहले फरार हो गया था लेकिन बाद में वह पकड़ा गया था। वर्तमान में वह केन्द्रीय एजेंसियों की हिरासत में है।

उत्तर प्रदेश : हलाल के नाम पर ‘हराम’ की कमाई कर रहे थे मौलाना हबीब यूसुफ और मौलाना मुइदशीर, ताहिर और अनवर के साथ यूपी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना हबीब युसूफ पटेल, उपाध्यक्ष मौलाना मुईदशीर सपडीहा, जनरल सेक्रेटरी मुफ़्ती ताहिर जाकिर और कोषाध्यक्ष मोहम्मद अनवर खान को यूपी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार (फोटो साभार : यूपी)
उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट वाला न कोई सामान बनाया जाएगा और न ही बेचा जाएगा, सिवाय बाहरी देशों में एक्सपोर्ट के लिए तैयार हो रहे माल के। खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका ऐलान किया था। इसके बावजूद कुछ मौलाना एक गिरोह बनाकर उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट देने के नाम पर ‘हराम’ की कमाई कर रहे थे। उनके पास न कोई लैब थी, न वो किसी सामान की टेस्टिंग करते थे, बस 10 हजार लिया और दे दिया सर्टिफिकेट। मुंबई में बैठकर पैसे बना रहे ऐसे ही मौलानाओं की चौकड़ी को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने पहले तो पूछताछ के लिए बुलाया, और जब पूछताछ में उन्हें पूरी तरह से बेनकाब कर दिया, तो फिर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया।
लेकिन कट्टरपंथी इसे मुस्लिम विरोधी बता देश का माहौल ख़राब करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि इसका मुस्लिम खान-पान से दूर तक कोई सरोकार नहीं। केवल बिना किसी यंत्र-तंत्र के हलाल के नाम पर अपनी कमाई कर सभी धर्मों को पागल बनाया जा रहा था।  

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोमवार (12 फरवरी 2024) को हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना हबीब युसूफ पटेल, उपाध्यक्ष मौलाना मुईदशीर सपडीहा, जनरल सेक्रेटरी मुफ़्ती ताहिर जाकिर और कोषाध्यक्ष मोहम्मद अनवर खान को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि वे कंपनियों से हलाल सर्टिफिकेट के नाम पर वसूली करते थे। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया के कुछ सदस्य कंपनियों से हलाल सर्टिफिकेट के लिए मोटी रकम वसूल रहे हैं। एसटीएफ ने इस मामले की जाँच शुरू की और पाया कि आरोपित कंपनियों को धमकाते थे कि अगर वे पैसे नहीं देंगे तो उन्हें हलाल सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।

पुलिस उपाधीक्षक दीपक कुमार सिंह की अगुवाई में एसटीएफ की टीम ने चारों को गिरफ्तार किया। एसटीएफ को उनके पास से 4 आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 4 एटीएम कार्ड, 21 हजार 820 रुपये की नकदी, तीन ड्राइविंग लाइसेंस, एक आरसी और 2 वोटर कार्ड भी मिले हैं। जानकारी मिली है कि सिर्फ 10 हजार रुपए लेकर ये किसी भी चीज को ‘हराम’ से ‘हलाल’ बना देते थे। जबकि इन लोगों को ये सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार ही नहीं है। यूपी एसटीएफ इस बात की भी जाँच कर रही है कि इस ‘हराम’ की कमाई को किस ‘हलाल’ काम के लिए इस्तेमाल किया जाता था।

हलाल सर्टिफिकेट क्या है?

हलाल सर्टिफिकेट एक ऐसा प्रमाणपत्र है जो यह दर्शाता है कि कोई उत्पाद या सेवा इस्लामिक कानूनों के अनुसार तैयार किया गया है। यह प्रमाणपत्र मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे केवल हलाल उत्पादों का ही सेवन करते हैं। हलाल का मतलब है “जायज़” यानी इस्लाम में जिसकी अनुमति है। हराम का मतलब है जिसकी अनुमति नहीं है। इसलिए, यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रोडक्ट में इस तरह के किसी पदार्थ की मिलावट नहीं है जो हराम है और उसे बनाने की विधि भी जायज है, इस तरह के सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। हालाँकि यूपी में ऐसा करना जुर्म है।

उत्तर प्रदेश में पिछले साल बैन किया गया था ये सर्टिफिकेट

पिछले साल योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट वाले सामान बेचने पर जेल भेजने का फैसला किया था। दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा है कि हलाल सर्टिफिकेट किसी उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित नहीं है। ऐसे निशान गुणवत्ता को लेकर भ्रम की स्थिति ही पैदा करते हैं। जिन उत्पादों पर इस तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनका उल्लेख राज्य सरकार द्वारा जारी पत्र में साफ तौर पर किया गया है। इस पत्र में बताया गया है कि डेरी उत्पाद, चीनी, बेकरी उत्पाद, पिपरमिंट ऑयल, रेडी टू ईट सेवरीज व खाद्य तेल आदि के लेबल पर हलाल प्रमाणन का उल्लेख किया जा रहा है, जो कि गलत है। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि इन उत्पादों के लिए एफएसएसएआई (Food Safety and Standards Authority of India) प्रमाण पत्र ही काफी है।

‘वोट देना गुनाह, मुस्लिम न दें’ : जामिया मस्जिद के इमाम अब्दुल अजीज के अफगानिस्तान के ISIS से संपर्क

                                      महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के ISIS नेटवर्क पर NIA का छापा
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के 5 अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी की है। यह छापेमारी अंतर्राष्ट्रीय आतंकी समूह ISIS से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ की गई है। बताया जा रहा है कि NIA को मौलाना अब्दुल अज़ीज़ सलाफी और उसकी गैंग की तलाश है जो यूट्यूब पर भड़काऊ वीडियो से युवाओं को कट्टरपंथ सिखा रहा है। शनिवार (11 मार्च 2023) को हुई इस छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिस से मौलाना की गैंग के भारत विरोधी होने के सबूत मिले हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 40 वर्षीय मौलाना अब्दुल सलाफी और उसके गुर्गे अफगानिस्तान में सक्रिय ISIS के खुरासान नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। सलाफी मध्य प्रदेश के शिवनी जिले की जामिया मस्जिद का इमाम है। वहीं इस नेटवर्क के दूसरे बड़े नाम के तौर पर 26 वर्षीय शोएब का नाम आ रहा है। शोएब की ऑटो पार्ट्स दुकान है। इन दोनों पर आरोप है कि ये भारत के लोकतंत्र से नफरत करते हैं और बाकी लोगों को भी मतदान में हिस्सा न लेने के लिए भड़काते हैं।

बताया जा रहा है कि मौलाना सलाफी और शोएब मुस्लिम युवाओं को यूट्यूब के भड़काऊ वीडियो दिखाते हैं। ये दोनों आरोपित मतदान में मुस्लिमों के हिस्सा लेने को गुनाह मानते हैं। NIA ने शुरुआती जाँच में पाया है कि मौलाना सलाफी का नेटवर्क अफगानिस्तान में चल रही ISIS की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखता है। इसी के साथ यह गैंग अन्य मुस्लिम युवकों में भी ज्यादा से ज्यादा अपनी मानसिकता डालने की फिराक में है। NIA की तलाशी में इस बावत कुछ दस्तावेज और अन्य सबूत मिलने का भी दावा किया गया है।

इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए पुणे के तल्हा खान और सिवनी में अकरम खान के ठिकानों की तलाशी हुई है। इसके अलावा मौलाना अब्दुल अजीज सलाफी व शोएब खान के घर और दुकानों को भी खँगाला गया है। दावा किया जा रहा है कि NIA ने मौलाना अब्दुल अजीज सलाफ़ी और शोएब को हिरासत में ले कर पूछताछ भी की। यह पूछताछ जबलपुर में हुई थी जहाँ से उन्हें छोड़ दिया गया। उसके बाद उन्हें नोटिस भेजकर बेंगलुरु बुलाया गया।

जाँच एजेंसी को इस नेटवर्क की जानकारी दिल्ली पुलिस द्वारा ओखला से पकड़े गए कश्मीरी दम्पति जेब शामी और हिना बशीर से हुई पूछताछ के बाद हुई। इस कश्मीरी दम्पति का इस्लामिक स्टेट से कनेक्शन पाया गया था। इस गैंग से जुड़े एक अन्य आरोपित अब्दुल्ला बासिथ का भी नाम सामने आया है। अब्दुल्ला पहले से ही एक अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद है।

दिल्ली स्थित BBC दफ्तर पर इनकम टैक्स का छापा : कांग्रेस-महुआ मोइत्रा ने शुरू किया रोना

भारत के खिलाफ लगातार प्रोपेगंडा चलाने वाले BBC के दिल्ली स्थित दफ्तर पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है। हाल ही में मीडिया संस्थान ‘ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन’ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात दंगों को लेकर दुष्प्रचार करते हुए एक विवादस्पद डॉक्यूमेंट्री बनाई थी। इतना ही नहीं, उसकी ताज़ा डॉक्यूमेंट्री में ISIS आतंकी शमीमा बेगम का महिमामंडन भी किया गया था। इससे उसके अपने ही देश के लोग नाराज़ हैं।

अब सामने आया है कि BBC के दिल्ली स्थित दफ्तर में मंगलवार (14 फरवरी, 2023) को IT विभाग के अधिकारी पहुँचे और तलाशी लेनी शुरू की। बीबीसी हाल ही में रूस-यूक्रेन सीरीज को लेकर बनाई गई वीडियो सीरीज के कारण भी सुर्ख़ियों में रहा था। ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के लोगों ने जम कर इसके खिलाफ प्रदर्शन किया है। लेस्टर में हिन्दू विरोधी हिंसा के दौरान इसने हिन्दुओं के खिलाफ दुष्प्रचार किया और हमलावर मुस्लिमों को बचाने की कोशिश की।

BBC ने लंदन स्थित अपने मुख्यालय में भारत में इसके दफ्तर में पड़ी इनकम टैक्स रेड के बारे में जानकारी पहुँचा दी है। BBC का दिल्ली स्थित ये दफ्तर KG मार्ग के HT हाउस बिल्डिंग में स्थित है। कहा जा रहा है कि ये इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का सर्वे है, जिस दौरान सभी कर्मचारियों के फोन ले लिए गए और कइयों को घर जाने के लिए भी कहा गया। हालाँकि, IT विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किया है।

कुछ खबरों में BBC के मुंबई स्थित दफ्तर की तलाशी की बात भी कही गई है, लेकिन अब तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। संसद में ‘हरामी’ शब्द का प्रयोग कर के गाली बकने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा इस मामले पर टिप्पणी करने वाले विपक्षी नेताओं में आगे रहीं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “दिल्ली स्थित बीबीसी के दफ्तर पर इनकम टैक्स के छापे की खबर है। वाह, सच में? ये अप्रत्याशित है।” उन्होंने इस दौरान गौतम अडानी की SEBI अध्यक्ष से मुलाकात पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस पार्टी ने इसे ‘अघोषित आपातकाल’ करार दिया है।

अमेरिका : व्हाइट हाउस से 15 बक्से दस्तावेज ले जाने पर डोनाल्ड ट्रंप के ‘खूबसूरत घर’ Mar-A-Lago पर FBI की रेड


अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के घर फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) का छापा पड़ा है। ये जानकारी खुद ट्रंप ने दी है। उन्होंने बताया कि फ्लोरिडा में पाल्म बीच स्थित उनके ‘खूबसूरत घर’ मार-ए-लागो में एफबीआई ने छापा मारा है।

ट्रंप ने इस संबंध में बयान जारी करते हुए कहा कि ये समय देश के लिए काला समय है। ऐसा कभी भी उस व्यक्ति के साथ पूर्व में नहीं हुआ होगा जो कभी अमेरिका का राष्ट्रपति रहा हो। सरकारी एजेंसियों को सहयोग देने के बावजूद उन लोगों का इस तरह घर पर छापा मारना न केवल गैरजरूरी है बल्कि गलत भी है।

ट्रंप ने कहा, “‘यह अभियोजन पक्ष का कदाचार है, न्याय प्रणाली का हथियारकरण और कट्टर लेफ्ट डेमोक्रेट्स का हमला है, वे लोग नहीं चाहते कि मैं 2024 में राष्ट्रपति पद के लिए उतरूँ, वो भी हालिया नतीजों के आधार पर। जो लोग ऐसा करना चाहते हैं वो रिपब्लिकन्स और कन्जर्वेटिव्स को रोकने के लिए कुछ भी करेंगे। ऐसे हमले केवल हारे या थर्ड वर्ल्ड देशों में होते हैं। दुख की बात है कि अमेरिका भी उनमें से एक हो गया, भ्रष्टाचार इतना है जितना पहले कभी नहीं देखा। इन लोगों ने मेरी तिजोरी में भी सेंध मारी।”

ट्रंप ने पूछा कि आखिर क्या फर्क रह गया इसमें और वाटरगेट मामले में। वहाँ कुछ लोगों ने डेमोक्रेट नेशनल कमेटी के दफ्तरों में सेंध लगाई थी, यहाँ उलटा हो गया है जहाँ डेमोक्रेट्स अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के घर में घुस आए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जाँच चल रही हैं। ये सर्च सोमवार (8 अगस्त 2022) सुबह शुरू हुआ। जो कई घंटों तक चला। वहीं अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई रेड नहीं पड़वाई। एफबीआई ने भी इस मामले में चुप्पी साधी हुई हैं। कुछ खबरों में कहा जा रहा है कि ट्रंप ने जब राष्ट्रपति भवन को छोड़ा था उस समय वह अपने साथ महत्वपूर्ण कागजातों से भरे करीब 15 बक्से ले गए थे। अब ट्रंप के घर उन्हीं बक्सों में रखे गए दस्तावेजों की तलाशी हो रही है।

PFI नेताओं के विदेशों में बार रेस्टोरेंट, ED की छापेमारी में कई संपत्तियों के मिले सबूत

                                      PFI नेताओं के आबूधाबी में बार और रेस्टोरेंट सहित कई संपत्तियाँ
देश विरोधी गतिविधियों के लिए कुख्यात पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पीएफआई के नेताओं और पदाधिकारियों के केरल स्थित चार ठिकानों पर 8 दिसंबर की गई छापेमारी में उनके विदेशों में बीयर बार और रेस्टोरेंट सहित कई संपत्तियाँ के ठोस प्रमाण मिले हैं। इस दौरान पीएफआई के सदस्यों ने छापेमारी में बाधा डालने का प्रयास किया, लेकिन केंद्रीय पुलिस बल (सीआरपीएफ) की मौजूदगी के कारण वे इसमें सफल नहीं हो सके।

ईडी ने बताया कि पीएफआई के सदस्य शफीक पेयथ के घर, पीएफआई के मलाप्पुरम में पेरमपादप्पु के डिविजनल अध्यक्ष बीपी अब्दुल रजाक, एर्नाकुलम के मुवाट्टुपुझा में पीएफआई नेता एमके अशरफ उर्फ तमर अशरफ के मुन्नार के मनकुलम स्थित मुन्नार विला विस्टा परियोजना परिसर पर छापेमारी की गई। इस दौरान एजेेंसी को कई दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, विदेश से धन प्राप्त करने और विदेश में संपत्ति रखने के सबूत मिले।

ईडी ने बताया कि छापेमारी में बरामद किए गए दस्तावेजों से पता चलता है कि मुन्नार विला विस्टा परियोजना सहित केरल में विभिन्न परियोजनाओं के जरिए पीएफआई मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त है। ईडी ने अपने बयान में कहा, “पीएफआई के नेताओं द्वारा अबू धाबी में बार और रेस्टोरेंट सहित विदेश में संपत्तियाँ जमा करने के मामले संज्ञान में आए हैं। इसकी जाँच की जा रही है।”

दरअसल पीएफआई के खिलाफ ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जाँच कर रही है। पीएफआई पर समाज में उन्माद फैलाने और देश विरोधियों गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में सीएए विरोधी प्रदर्शनों की आड़ में दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों में भी इसकी भूमिका सामने आई थी। विरोध को उकसाने, सरकार के खिलाफ मुस्लिमों को भड़काने, सिमी से नजदीकी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों के कारण पीएफआई और इसकी राजनीतिक इकाई एसडीपीआई सरकारी एजेंसियों के रडार पर है।

इस पर केरल में हत्याएँ करने, हथियार रखने, बम बानने से संबंधित दस्तावेज मिले थे। इसके बाद इस पर अलकायदा जैसे इस्लामिक आतंकी संगठनों के साथ संबंध होने के आरोप लगे। इतना ही नहीं, केरल सहित दक्षिण भारत में लव जिहाद को बढ़ावा देने के भी इस आरोप लगे हैं। कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और इसकी देश विरोधी गतिविधियों देेखते हुए साल 2012 से ही इस पर प्रतिबंध लगाने की माँग उठ रही है।

पीएफआई खुद को पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाला संगठन बताता है। इस संगठन की जड़ें केरल के कालीकट में और मुख्यालय नई दिल्ली में है। नवभारत टाइम्स के अनुसार, दिल्ली के गोकुलपुरी स्थित जन्नते मस्जिद के प्रेसिडेंट खुर्शीद अंसारी का कहना है कि किसी भी मुसलमान के लिए शराब या उसका कारोबार वर्जित है। उन्होंने कहा कि शराब का बिजनस इस्लाम में बिल्कुल हराम है।

उत्तर प्रदेश : सपा नेताओं पर IT रेड का कच्चा चिट्ठा: 408 करोड़ रूपए के बोगस शेयर, 154 करोड़ रूपए का फर्जी लोन, 86 करोड़ रूपए की गुप्त आय, कई फर्जी कंपनियाँ

                                                                                                                                   प्रतीकात्मक 
आयकर विभाग ने पिछले दिनों समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेताओं से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी (IT Raid) की थी। इसमें 68 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाले ‘केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)’ ने जानकारी दी है कि कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के ठिकानों पर 18 दिसंबर, 2021 को कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की गई थी। इस दौरान कोलकाता के एक एंट्री ऑपरेटर के ठिकाने भी तलाशे गए थे।

इस दौरान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के अलावा मैनपुरी एवं मऊ जैसे यूपी के जिले में भी छापेमारी हुई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ ठिकानों पर भी आईटी रेड पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल और हार्ड कॉपी दस्तावेज बरामद किए गए, जो सबूत के रूप में कार्य करेंगे। डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि ये लोग अपने कारोबार के जरिए करोड़ों रुपए के फर्जी खर्चे दिखा रहे थे।

बैंक बिल बुक्स, हस्ताक्षर किए गए चेकबुक्स, स्टैम्प्स और बोगस सप्लाइज को जब्त किया गया है। एक मामले में तो कंपनी के निदेशकों की 86 करोड़ रुपयों की गुप्त आय का पता चला। उनमें से एक व्यक्ति ने अपनी 68 करोड़ रुपयों की गुप्त आय की बात कबूल की और साथ ही इस पर टैक्स देने की भी पेशकश की। कंपनी का टर्नओवर पिछले कुछ सालों में कैसे 150 करोड़ रुपए चला गया, इसके पक्ष में वो कुछ नहीं बता सके। आय और निवेश को छिपाने के लिए कई अन्य फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया।

ऐसे ही एक 12 करोड़ रुपयों के निवेश का पता चला, जिसके बारे में ये लोग कुछ नहीं बता सके। एक अन्य फर्जी कंपनी में 11 करोड़ के निवेश और 3.5 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति का भी पता चला। कोलकाता का एंट्री ऑपरेटर इन सब को छिपाने में इन लोगों की मदद कर रहा था। इसके लिए उसने 408 करोड़ रुपए के बोगस शेयर कैपिटल और 154 करोड़ रुपए का लोन इन फर्जी कंपनियों के जरिए सिक्योर करा लिया। हवाला लेनदेन से जुड़े कई दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

अब बात करते हैं बेंगलुरु के ट्रस्ट की, जिसके 80 लाख रुपए के ऐसे लेनदेन का पता चला है जिसे डोनेशन के नाम पर नॉन-ट्रस्ट संस्थाओं को भेजा गया। ये संस्थाएँ हैं ‘मरकजू सकाफति सुन्निया ट्रस्ट’ और ‘मरकज नॉलेज सिटी’। अरब मुल्कों से जुड़ी केरल की इन संस्थाओं को व्यक्तिगत हित के लिए ये रुपए भेजे गए। ट्रस्टियों की 4.8 करोड़ रुपए की आमदनी और 10 करोड़ रुपयों के कैश का भी पता चला। ‘विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA)’ के तहत भी जाँच की जा रही है।

छापेमारी में मैनपुरी के मनोज यादव और लखनऊ के जैनेन्द्र यादव जैसे सपा नेताओं के ठिकाने भी तलाशे गए थे। हालाँकि, पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव इसे सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग बता रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी ‘चोर की दाढ़ी में तिनका’ से तुलना की। बेंगलुरु में सपा के राष्ट्रीय सचिव सह प्रवक्ता राजीव राय का मेडिकल कॉलेज है। वहाँ और उनके मऊ स्थित आवास पर आयकर विभाग की छापेमारी को उन्होंने राजनीति से प्रेरित करार दिया था।

उत्तर प्रदेश : बिजनौर में मदरसे से 5 पिस्टल और कारतूस बरामद, 6 लोग गिरफ्तार

क्या उत्तर प्रदेश सरकार इन दंगों
की फाइलों को भी खोलेगी?
बिजनौर में एक मदरसे से हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। हथियार की बरामदगी के बाद मदरसे की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने इस मदरसे में छापा मारकर यहां से पांच पिस्टल और सात कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने यहां से छह लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि मदरसे में दवा के डिब्बों में हथियार एवं कारतूस छिपाकर रखे गए थे। 
पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हमें जानकारी मिली कि मदरसे में असमाजिक और संदिग्ध लोग आते हैं। ये लोग कुछ असमाजिक कार्य और कुछ लेन-देन भी करते हैं। इस जानकारी पर हमने उस मदरसे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक कमरे में दवाओं के कम से कम 100 डिब्बे मिले। इन्हीं डिब्बों में हथियार छिपाकर रखा गया था। मदरसे में मौके पर छह लोग भी मिले जिन्हें हिरासत में लिया गया। इनके पूछताछ करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।'
हिरासत में लिए गए छह लोगों में से दो व्यक्ति लूट और हत्या के मामले में आरोपी हैं। इनमें से एक व्यक्ति बिहार का रहने वाला है। इस मदरसे में बिहार के कुछ छात्रों ने पढ़ाई भी की है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में पाया गया है कि मदरसे के जरिए हथियार तस्करी का एक रैकेट काम कर रहा था। इन हथियारों को बिहार से लाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में उन्हें 30 से 50 हजार रुपए के बीच बेचा जा रहा था। पुलिस का कहना है कि इस हथियारों की तस्करी में संलिप्त लोगों के लिए यह मदरसा छिपने की एक जगह बना हुआ था।
योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद अवैध एवं अनुचित रूप से चल मदरसों पर कार्रवाई की गई। पिछले ढाई साल के दौरान योगी सरकार ने करीब 20 हजार मदरसों की जांच की और नियमों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर इनमें से 2600 से ज्यादा मदरसों को बंद किया गया। यह मदरसा पिछले 10 सालों से अवैध रूप से चल रहा था। ऐसे में सवाल है कि स्थानीय पुलिस-प्रशासन की इस मदरसे पर नजर क्यों नहीं पड़ी। मदरसे से हथियार की बरामदगी के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में आती है।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद देश विरोधी एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई तेज हुई है। गैर-कानूनी में संलिप्त मदरसों पर जरूर कार्रवाई होनी चाहिए। मदरसों की भूमिका पर पहले भी सवाल उठे हैं।



Embedded video

| 5 pistols,7 cartridges were seized during a raid at a UP madrassa. Listen in to the clerics who choose to downplay the threat. |
मौलवी मुफ्ती मुकर्रम ने कहा, 'मदरसे से हथियारों का कोई संबंध नहीं। मदरसों में तालीम दी जाती है। हो सकता है कि यह किसी की साजिश हो। यह भी हो सकता है कि इस मदरसे को बदनाम करने के लिए किसी ने कोई हरकत की हो। किसी भी मदरसे का आतंकवाद से कोई ताल्लुक नहीं है।' मौलवी साजिद रशीदी ने कहा कि ये हथियार मदरसे तक कैसे पहुंचे इसकी जांच होनी चाहिए। रामनवमी के दौरान हथियार लहराए जाते हैं वे भी तो अवैध हैं, उन पर सवाल क्यों नहीं उठता।